{"_id":"a1820db76cc5960967e5c3b1cab8f4e6","slug":"current-captive-for-four-days-had","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन तक बंधक बनाकर लगाया था करंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन तक बंधक बनाकर लगाया था करंट
sirsa
Updated Wed, 18 Jun 2014 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय राज्य मंत्री निहाल चंद मेघवाल के खिलाफ दुराचार का आरोप लगाने वाली पीड़िता के चाचा ने भी अपने हुई ज्यादतियों का खुलासा किया है। चाचा का आरोप है कि जब 2011 में पहली बार यह मामला सामने आया था, तब उसकी भतीजी को वह लेने गया था, लेकिन उसके पति ने उसे रसूखदारों की शह पर चार दिन तक बंधक बनाकर खूब पीटा था। उसे करंट लगाकर यातनाएं दी गई थी।
तब पुलिस ने भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की थी, बल्कि उन्हीं ही झूठे केस में फंसाने की साजिश रची थी। अब वे एक-दो दिन में ही राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया से मिलकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। इस मामले में डबवाली के एक गांव की पीड़िता की शिकायत पर 12 जून को कोर्ट ने केंद्रीय राज्य मंत्री मेघवाल समेत 17 लोगों को नोटिस जारी किया है।
पीड़िता ने चाचा ने कहा कि 2011 में जब उसकी भतीजी के साथ दुराचार का मामला सामने आया था तब उन्होंने पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई थी। न हरियाणा पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी, न ही राजस्थान पुलिस ने। मामले में हाईप्रोफाइल लोगों के नाम होने से पुलिस ने मामला दबा दिया लेकिन वे कमजोर नहीं हुए हैं। 2011 में चार दिन तक यातनाएं देने के बाद उसे राजस्थान के एक थाना में ले जाया गया, जहां उससे यह लिखवाया गया कि वह मानव तस्करी में लिप्त है, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
पीड़िता के चाचा ने बताया कि उस समय उन्होंने काफी जगह सुरक्षा की मांग करके देख ली लेकिन सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई, बल्कि मामला ही दबा दिया गया। वे स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच चाहते हैं ताकि उन्हें न्याय मिले। उन्होंने बताया कि उपरोक्त मामले में केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल सहित 17 अन्य हाई प्रोफाइल लोग शामिल हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का तीन दिवसीय श्री गंगानगर का दौरा है। इस दौरान वे एक-दो दिन में ही उनसे मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। वे उनसे सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
विज्ञापन
तब पुलिस ने भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की थी, बल्कि उन्हीं ही झूठे केस में फंसाने की साजिश रची थी। अब वे एक-दो दिन में ही राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया से मिलकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। इस मामले में डबवाली के एक गांव की पीड़िता की शिकायत पर 12 जून को कोर्ट ने केंद्रीय राज्य मंत्री मेघवाल समेत 17 लोगों को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
पीड़िता ने चाचा ने कहा कि 2011 में जब उसकी भतीजी के साथ दुराचार का मामला सामने आया था तब उन्होंने पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई थी। न हरियाणा पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी, न ही राजस्थान पुलिस ने। मामले में हाईप्रोफाइल लोगों के नाम होने से पुलिस ने मामला दबा दिया लेकिन वे कमजोर नहीं हुए हैं। 2011 में चार दिन तक यातनाएं देने के बाद उसे राजस्थान के एक थाना में ले जाया गया, जहां उससे यह लिखवाया गया कि वह मानव तस्करी में लिप्त है, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
पीड़िता के चाचा ने बताया कि उस समय उन्होंने काफी जगह सुरक्षा की मांग करके देख ली लेकिन सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई, बल्कि मामला ही दबा दिया गया। वे स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच चाहते हैं ताकि उन्हें न्याय मिले। उन्होंने बताया कि उपरोक्त मामले में केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल सहित 17 अन्य हाई प्रोफाइल लोग शामिल हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का तीन दिवसीय श्री गंगानगर का दौरा है। इस दौरान वे एक-दो दिन में ही उनसे मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। वे उनसे सीबीआई जांच की मांग करेंगे।