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सिरसा: बिजली निगम का जेई बलजीत सिंह दोषी करार, 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का है मामला

Thu, 14 Jul 2022 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 14 Jul 2022 01:20 AM IST
सार

मामले में एएलएम सतबीर को कोर्ट ने बरी किया है। अदालत 16 जुलाई को सजा का फैसला सुनाएगी। फैसला 16 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया है।

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Worker of Electricity Corporation convicted for taking bribe in Sirsa
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

हरियाणा के सिरसा में बिजली कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार शाम आरोपी जेई बलजीत सिंह को दोषी करार दिया है, जबकि एएलएम सतबीर को बरी कर दिया। न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने दोषी जेई बलजीत की सजा का फैसला 16 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया है। 

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जेई बलजीत और एएलएम सतबीर के  खिलाफ सितंबर 2016 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार ने अभियोग दर्ज किया था। शाह सतनाम पुरा निवासी मुकेश कुमार ने बिजली कनेक्शन लेने की फाइल जेई बलजीत सिंह को दी थी। जेई ने कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से शिकायत की। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने टीम का गठन कर जेई को रंगेहाथों रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई। 

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15 सितंबर 2016 को विजिलेंस ब्यूरो के उपायुक्त के संज्ञान में सारी बातें आई। इसके बाद प्रशासन की ओर से डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। विजिलेंस ने मुकेश कुमार को 10 हजार रुपये दिए, जिसमें एक-एक हजार के 10 नोट शामिल थे। इन नोटों पर फीनॉलफ्थेलिन पाउडर लगाया गया।

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इसके बाद मुकेश ने जेई बलजीत सिंह के कार्यालय पहुंचा। बलजीत ने मुकेश को उसकी दुकान में जाने के लिए कहा। इसके बाद मुकेश उसकी दुकान पर पहुंचा। कुछ देर बाद मुकेश ने  बलजीत को कॉल की, तो उसने कहा कि वह एएलएम सतबीर को भेज रहा है।

 

मुकेश से सतबीर ने जैसे ही 10 हजार रुपये लिए, तो तुरंत विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे काबू कर लिया। करीब छह साल तक इस मामले की सुनवाई न्यायालय में चली। बुधवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायालय ने जेई बलजीत सिंह को दोषी करार दे दिया।

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