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चिलकनी ढाब के ग्रामीणों ने फूंकी बिजली बिलों की होली
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2015 01:27 AM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से बिजली दरों में की गई भारी वृद्धि से गुस्साएं गांव चिलकनी ढाब के ग्रामीणों ने बिलों की होली फूंक कर गुस्से का इजहार किया।
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साथ ही बिलों के बहिष्कार का ऐलान किया। जानकारी अनुसार गांव के कृष्ण कुमार तेतरवाल और सतबीर सिहाग के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव की चौपाल में एकत्रित होकर सरकार द्वारा भेजे गए बिजली बिल को लेकर रोष प्रदर्शन किया।
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ग्रामीण कृष्ण तेतरवाल, सतबीर सिहाग, मोहन लाल मुंदलिया, इंद्राज, रामस्वरूप, निवर्तमान सरपंच भीमसेन, पालाराम, निहाल सिंह, चुन्नी नंबरदार, रामेश्वर, ओमप्रकाश, मनीराम, कृष्ण कुमार सिहाग, मनोज के अलावा ग्राम पंचों, नंबरदार, चौकीदारों आदि ने कहा कि सरकार ने बिजली बिलों में बेहताशा वृद्धि कर दी है।
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जिसे बिजली उपभोक्ता भरने में पूरी तरह असमर्थ है। उन्होंने बताया कि गांव चिलकनी ढाब के उपभोक्ताओं द्वारा पिछले दस वर्षों से 98 प्रतिशत तक हर माह बिजली बिल की अदायगी की जाती है जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है लेकिन अब सरकार द्वारा बिजली बिलों में एकाएक की गई वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि नरमें व धान की फसल के कमजोर रहने व सरकार द्वारा कम मूल्य दिए जाने से ग्रामीण पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
एक तरफ तो सरकार किसानों को उनकी खराब फसल का मुआवजा देने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि करके किसानों का शोषण कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों की यह हालात बनी हुई है कि वे अपनी कृषि भूमि गिरवी रखकर भी कर्जे से मुक्ति नहीं पा सकते।
सरकार को चाहिए कि ऐसी हालात में ग्रामीणों को राहत प्रदान करनी चाहिए, जबकि सरकार ने और मार मारते हुए बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है।
इसलिए सरकार को उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिजली की पुरानी दर को लागू कर राहत प्रदान करनी चाहिए।