{"_id":"56fd72fd4f1c1b744af00105","slug":"sirsa-news-hindi-news-swrankar-sirsa","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह के विरोध के बावजूद सरकार नहीं मानी, स्वर्णकार ने मौत को गले लगाया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक माह के विरोध के बावजूद सरकार नहीं मानी, स्वर्णकार ने मौत को गले लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
सुनार
- फोटो : Bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्वेलरी पर एक्साइज डयूटी लगाए जाने के बाद धंधा चौपट होने से सड़क पर आए डबवाली के एक वृद्ध स्वर्णकार ने नहर में कूदकर जान दे दी। घटना के बाद स्वर्णकारों में गुस्सा चरम पर है। शुक्रवार को डबवाली के सरकारी अस्पताल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम होगा।
केंद्र सरकार की ओर से ज्वेलरी पर एक्साइज डयूटी लगाए जाने के विरोध में डबवाली के स्वर्णकारों ने दो मार्च 2016 से आंदोलन शुरू किया था। फैसला वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली का पुतला तक फूंका था। यहां तक की भूख हड़ताल भी शुरू की हुई है। पहले दिन से डबवाली की खूह वाली गली में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले 62 वर्षीय जगदीश सोनी धरने में शामिल हो रहे थे। सरकार द्वारा सुनवाई न होने से वे परेशान रहने लगे थे। उन्हें परिवार की चिंता सताने लगी थी।
धरने के दौरान वे अक्सर यही बात करते थे कि एक्साइज डयूटी लगने से धंधे चौपट हो गए हैं। सरकार मान नही रही। लगभग एक माह हो गया है। छोटा दुकानदार अब अपना परिवार नहीं पाल सकता। 28 मार्च 2016 को वे धरने पर थे। शाम करीब छह बजे जैसे ही धरना समाप्त हुआ तो वे घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उन्हें काफी तलाशा। वीरवार को परिजन उन्हें लोहगढ़ हैड पर सरहिंद नहर में उन्हें तालाश कर रहे थे। इसी दौरान एक शव दिखाई दिया। शव की पहचान डबवाली निवासी जगदीश सोनी के रूप में हुई।
विज्ञापन
उनके बेटे दविंद्र सोनी उर्फ काला तथा भाई अशोक सोनी ने शव की पहचान की। सूचना पाकर मौका पर पहुंची चौटाला पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के लिए डबवाली के शवगृह में पहुंचाया। पुलिस को दिए बयान में मृतक के भाई तथा बेटे ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ज्वेलरी पर एक्साइज डयूटी लगाए जाने के चलते जगदीश सोनी परेशान रहने लगे थे। सरकार सुनवाई भी नहीं कर रही थी।
स्वर्णकार ले सकते हैं बड़ा फैसला
डबवाली के स्वर्णकार द्वारा आत्महत्या करने की घटना के बाद पूरे प्रदेश के स्वर्णकारों में सरकार के खिलाफ गुस्से की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार को प्रदेश के साथ-साथ पंजाब तथा राजस्थान के स्वर्णकार डबवाली में जुटेंगे। स्वर्णकार संघ डबवाली के अनुसार साथी की मौत के बाद आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय की जाएगी।
सरकार की तुगलकी नीति तथा लापरवाही ने स्वर्णकार जगदीश सोनी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। चूंकि एक्साइज के प्रभाव से छोटे दुकानदार समाप्त हो जाएंगे। जगदीश सोनी को यही डर सता रहा था। वे बार-बार अपनी परेशानी हमें बता रहे थे। हम उन्हें दिलासा दे रहे थे। एक माह तक हम यह करते रहे। मजबूर होकर उन्होंने उपरोक्त कदम उठाया।
-जगदीप सूर्या, महासचिव
स्वर्णकार संघ, डबवाली
मृतक जगदीश सिंह के बेटे देवेंद्र सिंह ने बयान दिया है कि सरकार द्वारा ज्वेलरी पर एक्साइज लगाए जाने से दुकानदारी खत्म होने से उसके पिता काफी दिनों से परेशान थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने खुदकुशी की है। दविंद्र के ब्यान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के लिए शव को डबवाली के सरकारी अस्पताल में बने शवगृह में रखा गया है।
-रामपाल, कार्यकारी प्रभारी
पुलिस चौकी, चौटाला
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से ज्वेलरी पर एक्साइज डयूटी लगाए जाने के विरोध में डबवाली के स्वर्णकारों ने दो मार्च 2016 से आंदोलन शुरू किया था। फैसला वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली का पुतला तक फूंका था। यहां तक की भूख हड़ताल भी शुरू की हुई है। पहले दिन से डबवाली की खूह वाली गली में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले 62 वर्षीय जगदीश सोनी धरने में शामिल हो रहे थे। सरकार द्वारा सुनवाई न होने से वे परेशान रहने लगे थे। उन्हें परिवार की चिंता सताने लगी थी।
विज्ञापन
धरने के दौरान वे अक्सर यही बात करते थे कि एक्साइज डयूटी लगने से धंधे चौपट हो गए हैं। सरकार मान नही रही। लगभग एक माह हो गया है। छोटा दुकानदार अब अपना परिवार नहीं पाल सकता। 28 मार्च 2016 को वे धरने पर थे। शाम करीब छह बजे जैसे ही धरना समाप्त हुआ तो वे घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उन्हें काफी तलाशा। वीरवार को परिजन उन्हें लोहगढ़ हैड पर सरहिंद नहर में उन्हें तालाश कर रहे थे। इसी दौरान एक शव दिखाई दिया। शव की पहचान डबवाली निवासी जगदीश सोनी के रूप में हुई।
विज्ञापन
उनके बेटे दविंद्र सोनी उर्फ काला तथा भाई अशोक सोनी ने शव की पहचान की। सूचना पाकर मौका पर पहुंची चौटाला पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के लिए डबवाली के शवगृह में पहुंचाया। पुलिस को दिए बयान में मृतक के भाई तथा बेटे ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ज्वेलरी पर एक्साइज डयूटी लगाए जाने के चलते जगदीश सोनी परेशान रहने लगे थे। सरकार सुनवाई भी नहीं कर रही थी।
स्वर्णकार ले सकते हैं बड़ा फैसला
डबवाली के स्वर्णकार द्वारा आत्महत्या करने की घटना के बाद पूरे प्रदेश के स्वर्णकारों में सरकार के खिलाफ गुस्से की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार को प्रदेश के साथ-साथ पंजाब तथा राजस्थान के स्वर्णकार डबवाली में जुटेंगे। स्वर्णकार संघ डबवाली के अनुसार साथी की मौत के बाद आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय की जाएगी।
सरकार की तुगलकी नीति तथा लापरवाही ने स्वर्णकार जगदीश सोनी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। चूंकि एक्साइज के प्रभाव से छोटे दुकानदार समाप्त हो जाएंगे। जगदीश सोनी को यही डर सता रहा था। वे बार-बार अपनी परेशानी हमें बता रहे थे। हम उन्हें दिलासा दे रहे थे। एक माह तक हम यह करते रहे। मजबूर होकर उन्होंने उपरोक्त कदम उठाया।
-जगदीप सूर्या, महासचिव
स्वर्णकार संघ, डबवाली
मृतक जगदीश सिंह के बेटे देवेंद्र सिंह ने बयान दिया है कि सरकार द्वारा ज्वेलरी पर एक्साइज लगाए जाने से दुकानदारी खत्म होने से उसके पिता काफी दिनों से परेशान थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने खुदकुशी की है। दविंद्र के ब्यान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के लिए शव को डबवाली के सरकारी अस्पताल में बने शवगृह में रखा गया है।
-रामपाल, कार्यकारी प्रभारी
पुलिस चौकी, चौटाला