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मासूम कबीर के हत्यारोपियों ने जेल में फांसी लगाकर की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 17 Mar 2016 11:56 PM IST
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पुलिस हिरासत में अंकित और केशव जिन्होंने बाद में जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
- फोटो : Bureau
जिला जेल में कैद बहुचर्चित कबीर हत्याकांड के दो आरोपी वीरवार सुबह फंदे पर झूल गए। दोनों की आत्महत्या से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुबह हुई इस घटना की जानकारी जेल प्रशासन ने दोपहर साढ़े 12 बजे पुलिस प्रशासन को दी। हुडा चौकी प्रभारी अशोक कुमार जेल पहुंचे। इसके बाद न्यायाधीश विरेन कादयान की मौजूदगी में पुलिस ने जेल अधिकारियों का बयान दर्ज किया। एडीजीपी जेल सुधीर चौधरी ने इस घटना को विभागीय जांच के आदेश देते हुए हिसार जेल अधीक्षक सुरेंद्र गोदारा को जांच सौंपी है। शाम पांच बजे दोनों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी होगी और चार डॉक्टरों का बोर्ड शवों का पोस्टमार्टम करेगा।
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जानकारी के अनुसार गोशाला मोहल्ला निवासी विनोद कुमार का छह वर्षीय पुत्र कबीर 31 जनवरी की शाम घर के बाहर से खेलते समय लापता हो गया था। परिजनों ने पूरे शहर में उसकी तलाश की लेकिन कबीर का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उसके लापता होने की रपट दर्ज करवाई गई। एक फरवरी को खाजाखेड़ा रोड स्थित प्लॉट में एक अधजला शव पड़ा मिला जिसे कुत्ते नोच रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त लापता कबीर के रूप में हुुई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। तीन फरवरी को पुलिस ने हत्या के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अंकित निवासी गोशाला मोहल्ला और केशव निवासी थेहड़ मोहल्ला के रूप में हुई। पांच फरवरी से ही अंकित व केशव सिरसा जेल में बैरक नंबर तीन में बंद थे।
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चादर फाड़ के लगाया फंदा
बताया जा रहा है कि वीरवार सुबह बैरक खुली तो अंकित व केशव जेल में बने स्कूल में पहुंचे। स्कूल में स्थित लाइब्रेरी में दोनों ने चादर फाड़ कर दो पंखों पर फंदा बनाया और स्वयं को फांसी लगा ली। इसी दौरान एक हवालाती लाइब्रेरी की तरफ गया तो गेट बंद मिला। उसने गेट खोला तो अंकित व केशव का शव फंदे पर झूल रहा था। उसने शोर मचाया तो जेल अधीक्षक जेएस सेठी सहित तमाम कर्मचारी सकते में आ गए। जेल में दो हवालातियों द्वारा फांसी लगा लेने को लेकर एडीजीपी जेल सुधीर चौधरी ने बहुत गंभीरता से लिया है। सुबह से लेकर शाम तक वे जेल अधीक्षक जेएस सेठी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगते रहे। एडीजीपी जेल अधीक्षक के जवाब से शाम तक संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने विभागीय जांच बैठाते हुए हिसार सेंट्रल जेल अधीक्षक सुरेंद्र गोदारा को जांच सौंप दी है। शुक्रवार सुबह हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट के जस्टिस रामेश्वर मलिक सिरसा जेल का निरीक्षण करेंगे। इसे लेकर जेल प्रशासन का हाथ-पैर फूले हुए हैं।
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