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पनामा पेपर्स में सिरसा का जिक्र, लोकेश बागड़ी की तलाश
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 14 May 2016 01:22 AM IST
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पनामा पेपर
- फोटो : Desk
विश्व भर की फर्जी फर्मों के काले चिट्ठे खोलने वाली संस्था आईसीआईजे की ओर से सार्वजनिक किए पनामा पेपर्स में 738 ठिकानों का उल्लेख किया गया है जिनमें सिरसा का नाम भी शामिल है। पनामा पेपर्स के मंगलवार रात्रि को सार्वजनिक किए गए दस्तावेज में ‘गली नंबर 2, नजदीक एमपी मार्बल, कंगनपुर रोड सिरसा’ का उल्लेख किया गया है। इस पते-ठिकाने पर नौ दिसंबर 2005 को फर्म बनाई गई है। ‘लोकेश बागड़ी’ को फर्म का निदेशक बताया गया है जबकि कल्सेग्रन पुत्र जैनकैथर्न इस फर्म के दूसरे निदेशक बताए गए हैं।
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पनामा पेपर्स में सिरसा का नाम सामने आने के बाद विभिन्न जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। प्रारंभिक पड़ताल में सिरसा से जुड़ी इस फर्म के मामले में लोकेश बागड़ी का जिक्र आया है। जांच एजेंसियां अब लोकेश बागड़ी को तलाशने में लगी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया जानकारी लीक करने वाले आईसीआईजे की पड़ताल में लोकेश बागड़ी का लिंक तलाशा जा रहा है। यह जांच की जा रही है कि आखिर कंगनपुर रोड की गली नंबर दो का क्या लिंक है? पनामा पेपर्स देश में बनाई गई कंपनियों का सिरसा से क्या कनेक्शन हो सकता है? गौरतलब हो कि पनामा मोसैक फांसेका एक लॉ फर्म है जिसके द्वारा अपने ग्राहकों के काले धन को सफेद किया जाता है।
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पनामा में कागजी कंपनियां बनाई जाती हैं जिनमें टैक्स चोरी करने वाले अपनी पूंजी निवेश करते हैं और बाद में आय अर्जित दर्शाकर उसे वापस अपने देश ले आते हैं। टैक्स चोरी कर कालेधन से अकूत संपत्ति जुटाने वालों की आईसीआईजे द्वारा पोल खोली गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पनामा पेपर्स द्वारा किए गए रहस्योद्घाटन के बाद विशेष जांच एजेंसी (एसआईटी) का गठन किया है। मामले में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, विदेशी कर एवं कर शोध प्रभाग, वित्तीय खुफिया इकाई, भारतीय रिजर्व बैंक व अन्य एजेंसियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं। भारत के अनेक नेताओं और फिल्म स्टारों की फर्जी कंपनियों का भंडाफोड़ किया जा चुका है।
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