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बेटे ने जमीनी विवाद में पिता को मार डाला
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:59 AM IST
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Trader Murder
- फोटो : अमर उजाला
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खंड के गांव चाहरवाला में बुधवार की देर रात को 80 वर्षीय बुजुर्ग बाप को उसके बेटे और पोतों ने तेजधार हथियार से काट डाला। वारदात को अंजाम देकर सभी फरार हो गए। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाएं। कागदाना चौकी पुलिस ने मृतक के छोटे पुत्र के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी के मुताबिक 80 वर्षीय साहबराम पुत्र नानक राम के पास करीब 16 एकड़ जमीन है, जिसे उसने अपने दो बेटों सुभाष और रामप्रसाद में बराबर बांटकर वसीयत करवा रखी थी। सुभाष ने उक्त सारी जमीन पर 15 लाख रुपये का लोन पिता साहबराम व भाई रामप्रसाद को धोखे में रखकर ले लिया था। कुछ माह पूर्व जब दोनों बाप और छोटे भाई को इसका पता चला तो उनका सुभाष के साथ विवाद शुरू हो गया। इस मामले में कई बार पंचायत भी हुई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। तंग आकर साहबराम अपनी पुत्री जो कि फतेहाबाद में विवाहिता है के पास दो माह से रहने लगा। मामले का निपटारा करने के लिए बुधवार को गांव में पंचायत हुई, जिसमें साहबराम भी आया हुआ था। शाम के समय साहबराम अपने पुत्र रामप्रसाद के पास रुका और खाना खाकर घर के बाहर सो गया। रात करीब नौ बजे सुभाष अपने दो पुत्रों बलिंद्र व प्रीतम के साथ तेजधार हथियार लेकर पहुंचा और सो रहे अपने पिता को घसीटकर घर की पिछली ओर ले जाकर चेहरे व सिर पर तेजधार हथियार से वार करके मौत के घाट उतार दिया।
शोर सुनकर रामप्रसाद का बेटा नरेश व उसकी मां ने बीच-बचाव किया तो तीनों आरोपियों ने उन पर हथियार चलाकर उन्हें घायल कर दिया। तीनों के सिर पर खून सवार देखकर वो लोग वहां से भाग खड़े हुए। रामप्रसाद ने मौके से भागकर इसकी सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दी। जब तक कागदाना व चोपटा पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक साहबराम की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घायल नरेश व उसकी मां को सिरसा के अस्पताल में भर्ती करवाया व साहबराम के छोटे बेटे रामप्रसाद के बयान पर सुभाष व उसके दो बेटों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सोंप दिया।
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जानकारी के मुताबिक 80 वर्षीय साहबराम पुत्र नानक राम के पास करीब 16 एकड़ जमीन है, जिसे उसने अपने दो बेटों सुभाष और रामप्रसाद में बराबर बांटकर वसीयत करवा रखी थी। सुभाष ने उक्त सारी जमीन पर 15 लाख रुपये का लोन पिता साहबराम व भाई रामप्रसाद को धोखे में रखकर ले लिया था। कुछ माह पूर्व जब दोनों बाप और छोटे भाई को इसका पता चला तो उनका सुभाष के साथ विवाद शुरू हो गया। इस मामले में कई बार पंचायत भी हुई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। तंग आकर साहबराम अपनी पुत्री जो कि फतेहाबाद में विवाहिता है के पास दो माह से रहने लगा। मामले का निपटारा करने के लिए बुधवार को गांव में पंचायत हुई, जिसमें साहबराम भी आया हुआ था। शाम के समय साहबराम अपने पुत्र रामप्रसाद के पास रुका और खाना खाकर घर के बाहर सो गया। रात करीब नौ बजे सुभाष अपने दो पुत्रों बलिंद्र व प्रीतम के साथ तेजधार हथियार लेकर पहुंचा और सो रहे अपने पिता को घसीटकर घर की पिछली ओर ले जाकर चेहरे व सिर पर तेजधार हथियार से वार करके मौत के घाट उतार दिया।
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शोर सुनकर रामप्रसाद का बेटा नरेश व उसकी मां ने बीच-बचाव किया तो तीनों आरोपियों ने उन पर हथियार चलाकर उन्हें घायल कर दिया। तीनों के सिर पर खून सवार देखकर वो लोग वहां से भाग खड़े हुए। रामप्रसाद ने मौके से भागकर इसकी सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दी। जब तक कागदाना व चोपटा पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक साहबराम की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घायल नरेश व उसकी मां को सिरसा के अस्पताल में भर्ती करवाया व साहबराम के छोटे बेटे रामप्रसाद के बयान पर सुभाष व उसके दो बेटों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सोंप दिया।
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