खाईशेरगढ़ में शराब ठेका बना आबकारी विभाग के लिए गले की फांस
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ओढां थाना क्षेत्र के गांव खाईशेरगढ़ शराब ठेका मामला आबकारी विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। विभाग का कहना है कि ठेका वहीं खुलेगा तो लोगोें की चेतावनी है कि ठेका वहां नहीं रहने दिया जाएगा। लोगों का ये रोष प्रदर्शन 11 दिन से जारी है। इस मामले को लेकर लोग अब तक तीन बार जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को कई सभा और मंच के पदाधिकारी लोगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों से बातचीत कर ठेका उठवाने की रूप रेखा तैयार की। पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस जगह ठेका किसी कीमत नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सोमवार को जिला मुख्यालय पर महिलाओं के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही है। तो महिलाओं ने आत्मदाह तक की चेतावनी दी है।
इस मामले को लेकर शुक्रवार को बड़ागुढ़ा बीडीपीओ ने कार्यालय के कर्मचारियों को गांव में ठेके की जगह का जायजा लेने के लिए भेजा था। जैसे ही कर्मचारी ग्राम सचिव कृष्ण कुमार और लेखाकार हरमंदर सिंह आदि मौके पर पहुंचे तो काफी लोग और महिलाओं मौके पर पहुंच गई। उन्होंने कर्मचारियों को शराब ठेके से होने वाली परेशानी से अवगत करवाते हुए कहा कि उक्त ठेका आबादी क्षेत्र से करीब 100 मीटर है। दूसरा आबादी के बीच में से होकर निकलने वाले पानी के खाल पर मोहल्ले की महिलाएं अक्सर कपड़े धोती हैं। इसलिए यहां ठेका खुलता है तो शराबियों की हुल्लड़बाजी के कारण उन्हें जिल्लत का सामना करना पड़ेगा।
वहीं लोगों ने कर्मचारियों से कहा कि वे चाहें तो आबादी क्षेत्र से ठेके तक की जगह की पैमाईश कर लें। वहीं सूचना पाकर सामाजिक आंदोलन की लड़ाई सभा के जिलाध्यक्ष रमेश मेहरड़ा, बसपा के रानियां हलका के महासचिव बुल्लेशाह, अलाही दल के प्रदेशाध्यक्ष अंग्रेज सिंह, जन जागरण एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष रायसिंह गिंदड़ा, डॉ. अंबेडक र स्टूडेंट्स फ्रं ट ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष विक्रम इंदोरा और हरियाणा वाल्मीकि न्याय मंच के जिलाध्यक्ष मांगेराम सहोता भी मौके पर पहुंचे गए। उक्त पदाधिकारियों ने बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों से मांग करते हुए कहा कि वे उक्त जगह बारे पूरी एवं विस्तृत रिपोर्ट तथा लोगों की वाजिबसमस्या को अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि लोगों को ठेके के कारण परेशानी न झेलनी पड़े। इस दौरान कर्मचारियों ने लोगों के दरपेश आ रही समस्या की वास्तविकता क ो देखते हुए अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजने की बात कहकर लोगों को आश्वस्त किया।
आबकारी विभाग फिर पहुंचा मौके पर
11 दिन से रोष का सामना कर रहे आबकारी विभाग के अधिकारी अब तक कई बार गांव में पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन लोग एक ही बात पर अड़े हैं कि उक्त जगह ठेका नहीं रहने दिया जाएगा। गौरतलब हो कि तीन दिन पूर्व आबकारी विभाग ने पुलिस की मदद से अनुसूचित जाति के मोहल्ले के निकट बने पुराने ठेके की जगह मेंठेका खुलवा दिया था। इस मामले को लेकर शुक्रवार को आबकारी विभाग से ईटीओ बृजमोहन और निरीक्षक जयवीर सिंह गांव में पहुंचे। जहां लोगों ने उनसे उक्त जगह से ठेका उठवाने की मांग करते हुए कहा कि विभाग या तो सोमवार तक यहां से ठेका उठवा दे अन्यथा वे जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस पर अधिकारियों ने सरपंच प्रतिनिधि को साथ लेकर गांव में कई जगह देखी। वहीं, सरपंच ने ठेका अन्यत्र जगह खोले जाने के लिए बीडीपीओ को प्रस्ताव भेजा है।
महिलाओं ने दी आत्मदाह की चेतावनी
इस मामले को लेकर मोर्चा खोले बैठी महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सोमवार तक या तो उक्त जगह से ठेका उठा दिया जाएगा या फिर ये जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी। उन्होंने ठेका न उठाने की स्थिति में मिट्टी के तेल की कै नियां लेकर आत्मदाह क ी सांकेतिक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो बेटियों क ी सुरक्षा का दम भर रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनकी इस समस्या को पिछले 11 दिनों से नजर अंदाज करती आ रही है। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों ने अधिकारियों को सुरक्षा मामले में टोल फ्री नंबर पर फोन भी किए।
प्रस्ताव भेज दिया है
लोगोें की समस्या पर पंचायत ने उक्त ठेके को अन्य जगह स्थापित करने के लिए बीडीपीओ बड़ागुढ़ा को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसके आधार पर कार्यालय से कर्मचारियों ने ठेके की जगह का निरीक्षण भी किया है। उम्मीद है कि समस्या का समाधान जल्द ही हो जाएगा।
-बादो देवी, सरंपच खाईशेरगढ़।
पंचायत जगह दें तो हम ठेका उठवा देंगे
देखिए इस मामले को लेकर विभाग को परेशानी हो रही है। हमने शुक्रवार को ग्राम पंचायत से कहा है कि वो जगह उपलब्ध करवा दें तो हम उक्त ठेका यहां से तबदील करवा देंगे। पंचायत ने 10 दिन का समय मांगा है। हमें जब भी पंचायत जगह दे देती है हम यहां से ठेका उठवा देंगे, क्योंकि हम खुद भी गांव में अशांति का माहौल पैदा नहीं करना चाहते।
-बृजमोहन, एटीओ आबकारी विभाग।
उच्चाधिकारियों को भेजेंगे रिपोर्ट
पंचायत का प्रस्ताव मिला था कि ठेका उक्त जगह से अन्य जगह स्थापित किया जाए। जिसके बाद हमने कर्मचारियों को स्थिति देखने के लिए भेजा था। इस बारे जो भी स्थिति रिपोर्ट है वो हम उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।
-विकास यादव, बीडीपीओ बड़ागुढ़ा।