{"_id":"57eeaa4d4f1c1b8167575fed","slug":"home-guards-duty-home-guard-office-fight-for-duty-blame-for-bribe","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्यूटी लगाने के दौरान होमगार्ड्स में धक्का-मुक्की, वर्दी फाड़ने का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ड्यूटी लगाने के दौरान होमगार्ड्स में धक्का-मुक्की, वर्दी फाड़ने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
हाेमगार्ड
- फोटो : Bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यातायात थाना कार्यालय में शुक्रवार को ड्यूटी से वंचित होमगार्ड्स ने अधिकारियों पर पुराने जवानों को वंचित रखकर सिफारिश के बल पर नयों को ड्यूटी देने का आरोप जड़ा। आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो धक्का-मुक्की की गई और एक जवान की वर्दी भी फाड़ दी।
विज्ञापन
रोष जता रहे हरियाणा होमगार्ड एसोसिएशन के प्रधान मनजीत सिंह आदिवाल, अजय, पवन, सुभाष, विनोद, रामकुमार, सज्जन, राजाराम, बलविंद्र, रोशनी, पिंकी, किरणजीत, गुरतेज आदि ने बताया कि जिले में कुल 827 होमगार्ड जवान हैं, जिन्हें हर तीन माह बाद ड्यूटी पर लेने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को हिसार रोड स्थित होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर में 70 जवानों को ड्यूटी सौंपने का कार्यक्रम था।
विज्ञापन
उनका आरोप है कि पुराने जवानों की बजाय अपने परिचितों व सिफारिश लेकर आए नए जवानों को ड्यूटी सौंप दी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त की परेड में जिला कमांडर गोकल सिंह ने निर्देश दिए थे कि परेड में शामिल होने वाले जवानों को लगातार दो बार तीन-तीन माह की ड्यूटी सौंपी जाएगी, लेकिन भर्ती प्रकिया में इस निर्देश की अवहेलना करते हुए महिलाओं को ड्यूटी नहीं दी गई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वे लगभग चार वर्षों से यहां काम कर रहे हैं और लंबे समय से उन्हें ड्यूटी नहीं दी जा रही। इस पूरे मामले की वीडियो व फोटो भी उनके पास हैं, जिन्हें लेकर वे जिला कमांडर गोकल सिंह के पास शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ी तो पुलिस अधीक्षक और फिर कोर्ट का सहारा लेंगे। उन्होंने नए जवानों को बाहर कर पुराने जवानों को ड्यूटी सौंपे जाने की मांग की।
प्राथमिकता के आधार पर सौंपी ड्यूटी: रमेश
इस संबंध में रमेश कुमार हवलदार से बात की तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि प्राथमिकता के आधार पर ही ड्यूटी सौंपी गई है और आज 60 जवानों को ही ड्यूटी सौंपी जानी थी। जवानों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई। सभी कार्यालय के अंदर तक घुस रहे थे, इसलिए उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने के लिए थोड़ा सख्त होना पड़ा। वर्दी फाड़ने जैसी कोई घटना नहीं हुई।