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दिल की धड़कन जांचने की मशीन से भ्रूण लिंग जांच करती 8वीं पास डाॅक्टर काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:46 AM IST
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फर्जी भ्रूण लिंग जांच
- फोटो : bureau
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बरनाला शहर में भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा चलाने वाले गिरोह पर मंगलवार सुबह हुई छापामारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरोह की लीडर गुरमेल कौर, जिसे लोग लेडी स्पेशलिस्ट डॉक्टर मानते थे, असल में वह आठवीं फेल है। इस आठवीं फेल ने भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों की आंखों में धूल झोंक रखी थी। जिस मशीन से वह गर्भवती महिलाओं के गर्भ में लिंग जांच करने का दावा करती थी, वह मशीन लिंग जांच नहीं, बल्कि दिल की धड़कनें जांचने वाली मशीन थी।
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गर्भवती महिलाओं को मूर्ख बनाकर गुरमेल कौर 10 मिनट तक मशीन पेट पर घुमाने के बाद आधे घंटे बाद रिपोर्ट देती कि ‘ऐस वारी मुंडे दी पार्टी पक्की’। डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश भी रेड के बाद गुरमेल कौर को देखकर हैरान रह गए। डॉक्टर विरेश ने जुलाई 2016 को इसे भ्रूण लिंग जांच करते रंगे हाथ पकड़ा था। अदालत से जमानत मिलने के बाद गुरमेल कौर फिर से लेडी डॉक्टर बनकर गिरोह चलाने लगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोचा था कि लेडी डॉक्टर ने घर पोर्टटेबल मशीन रखी हुई होगी, जिसके जरिए भ्रूण लिंग जांच की जाती है।
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छापेमारी में जो सच सामने आया, उससे एकबार तो टीम में शामिल डॉक्टर भी चकरा गए। डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश भूषण का कहना है कि जो लोग यहां भ्रूण लिंग जांच करवाने आ रहे थे, उनके साथ सिर्फ यहां धोखेबाजी हो रही थी। आठवीं फेल गुरमेल कौर भ्रूण लिंग जांच के नाम पर 30 हजार रुपये तक वसूलती थी। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लोग बरनाला में उसके पास भ्रूण लिंग जांच कराने आते थे। गिरोह में मिंटू और बबली सहित पांच दलाल हैं, बबली सिरसा जिले में ज्यादा सक्रिय रहती है।
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आरोपी महिला ने भ्रूण लिंग जांच के बदले फर्जी ग्राहक बनकर आई महिला से 24 हजार रुपये लिए थे। ये गिरोह लिंग जांच करने के नाम पर अब तक सैकड़ों लोगों को ठगकर लाखों रुपये कमा चुका है। बरनाला शहर थाने में सिरसा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीएनडीटी एक्ट के अलावा धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है।
25 महीनों में 15 गिरोह का पर्दाफाश
सीआईडी की स्टीक सूचना के कारण स्वास्थ्य विभाग को जिले के बाहर भी भ्रूण लिंग जांच गिरोह को पकड़ने में सफलता मिल रही है। 25 महीने में विभाग ने 15 गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसमें शामिल रहे 65 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश के नेतृत्व वाली स्पेशल टीम को प्रशासन भी सम्मानित कर चुका है। इस टीम ने इस स्पेशल ऑपरेशन की शुरुआत एक जनवरी 2015 को पंजाब के मूनक में एक अल्ट्रासाउंड केंद्र में दबिश देकर की थी। यहां काफी अरसे से लिंग जांच का गोरखधंधा चल रहा था।
निडर होकर साथ दे जनता
भ्रूण लिंग जांच जैसी बुराई को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को जो अधिकार सरकार से मिले हैं, उससे इस बुराई को अंजाम देने वालों के वालों को दबोचने में काफी सफलता मिल रही है। हर सूचना को गुप्त रखा जाता है, सिरसा सीआईडी इसमें अहम रोल निभा रही है। सूचना मिलने के बाद गुप्त तरीके से सच्चाई का पता लगाकर दबिश दी जाती है। जनता निडरता के साथ स्वास्थ्य विभाग को लिंग जांच के संबंध में सूचना दे, सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है।
डॉ. विरेश भूषण, डिप्टी सीएमओ