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आर्म लाइसेंस धारकों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता, तो तय हुई डेड लाइन

Wed, 23 Aug 2017 12:25 AM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:25 AM IST
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आर्म लाइसेंस धारकों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता,  तो तय हुई डेड लाइन
आर्म लाइसेंस धारकों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
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अगर आज जमा नहीं करवाए हथियार तो होगी कानूनी कार्रवाई
लाइसेंस धारक डेरा अनुयायी हैं चिंता की वजह
अर्द्ध सैनिक बलों ने किया पैदल फ्लैग मार्च, सिरसा शहर की सीमा चोरों तरफ से सील
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
सिरसा में शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए प्रशासन की तरफ से शहर की सीमाओं और डेरा सच्चा सौदा चारों तरफ के क्षेत्र को सील कर दिया है। इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था है कि कोई भी वाहन चालक चकमा देकर सिरसा में दाखिल नहीं हो सकता।
लोगों में सुरक्षा का भरोसा जगाने के लिए मंगलवार को सीआरपीएफ व आरएएफ के जवानों ने विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च निकाला। डेरा प्रेमी बहुल इलाके में सीआरपीएफ के जवान पैदल ही फ्लैग मार्च निकालते रहे। डेरा अनुयायियों ने भी अपनी तरफ से तैयारियां शुरू कर रखी हैं। डेरा अनुयायी कई दिनों से अपने कारोबार को छोड़कर डेरे में डेरा डाले हुए हैं। सरकार का खुफिया तंत्र डेरा अनुयायियों की हर गतिविधियों पर नजर रख रहा है। प्रशासन की चिंता उन डेरा प्रेमियों को लेकर है जिनके आर्म लाइसेंस तत्कालीन सरकारों में आसानी से बने। इंटेलिजेंस सूत्रों की मानें तो ऐसे करीब डेढ़ हजार डेरा प्रेमी हैं, जिनको वर्ष 1999 से 2013 तक आर्म लाइसेंस जारी किए गए। प्रशासन की तरफ से इसे गंभीरता से लिया जा रहा है और हथियार जमा करवाने की डेड लाइन बुधवार कर दी गई है। अगर बुधवार तक जिले के असला धारकों ने अपने हथियार पुलिस थानों में जमा नहीं करवाए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि दोपहर को पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी और उपायुक्त प्रभजोत सिंह के साथ गृह सचिव व डीजीपी ने करीब डेढ़ घंटा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की। दिनभर पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त पंचायत भवन में बैठकें करते रहे।
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जेल में बनाई 300 लोगाें को रखने की जगह
सिरसा जेल प्रशासन की तरफ से भी 25 अगस्त को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। जेल में दो बैरकों को खाली किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार लोगों को यहां रखा जा सकें। विकट स्थिति में जेल में यूं तो बंदियों के अलावा 500 अन्य उपद्रवियों को रखा जा सकता है। वैसे 300 लोगाें को जेल में रखने की तैयारी जेल प्रशासन की तरफ से की जा चुकी है। जेल अधीक्षक अमित भादू का कहना है कि सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी थी, जो पूरी हो चुकी है। ऐसी तैयारी की गई है कि पहले से जेल में मौजूद बंदियों को कोई परेशानी भी न हो और विकट हालात में 300 अन्य लोगाें को भी जेल में रखा जा सके। उधर, प्रशासन की तरफ से एक अन्य विकल्प ही तैयार किया गया है। अगर उपद्रवियों की संख्या हजारों में हुई तो कई स्कूलों को अस्थाई जेल में तब्दील किया जाएगा।
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