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बीज विकास निगम में नियुक्तियों में धांधली का मामला
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा बीज विकास निगम में हुई कथित धांधली की शिकायत के मामले में सीएम विंडो की फजीहत होने लगी है। एक माह में मामले का निपटारा किए जाने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन डेढ़ माह बाद भी शिकायत सरकने का नाम नहीं ले रही और न ही मामले में एटीआर ही दाखिल की गई है।
गौरतलब हो कि चत्तरगढ़पट्टी निवासी दलीप कुमार ने 19 फरवरी को सीएम विंडो पर शिकायत दाखिल करते हुए बीज विकास निगम में हुई नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की थी। आरटीआई से जुटाई जानकारी के आधार पर दर्ज की गई शिकायत में बताया गया कि विभाग के अधिकारियों ने अपने चहेतों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियम-कायदों को ताक पर धर दिया। ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति दी, जिनका नाम इंटरव्यू सूची में भी नहीं था। इसके साथ ही नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को भी ताक पर धर दिया। कई चयनित उम्मीदवारों के परिजन बीज विकास निगम में कार्यरत रहे, जिसकी वजह से उन्हें नियुक्ति प्रदान की।
यह शिकायत सीएम ऑफिस से प्रशासनिक सचिव (कृषि) को और प्रशासनिक सचिव (कृषि) द्वारा हरियाणा बीज विकास निगम को इसी दिन अग्र-प्रेषित की गई। बीती 23 फरवरी से यह शिकायत निगम के पास ही लंबित है। जिस विभाग पर नियुक्तियों में धांधली के आरोप लगे, जांच का जिम्मा भी उसे ही सौंप दिया गया। परिणाम स्वरूप डेढ़ माह की अवधि बीत जाने पर भी सीएम विंडो की शिकायत की यह फाइल आज तक नहीं सरकी और न ही मामलेे में आज तक एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) ही दाखिल की गई। यानि नियुक्तियों में धांधली की शिकायत पर पर्दा डालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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ये था मामला
हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा मार्च-2017 में विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निगम में जूनियर मैकेनिक के पद पर नियुक्तियों के मामले में बड़ी धांधली की। बीज निगम द्वारा जूनियर मैकेनिक के पद के लिए पांच पद दर्शाए थे, लेकिन नियुक्तियां करते समय नौ लोगों की भर्ती कर डाली। भर्ती के समय आरक्षण की शर्त को भी दरकिनार कर दिया। निगम ने जिन उम्मीदवारों की इंटरव्यू के लिए लिस्ट अपनी वेबसाइट पर जारी की, उनमें जिनके नाम तक नहीं थे, उन उम्मीदवारों की नियुक्ति कर डाली। रमन कुमार निवासी कुरुक्षेत्र तथा विजय कुमार नवासी अंबाला को भी नियुक्ति दी गई है। इनका नाम इंटरव्यू लिस्ट में नहीं था।
योग्यता की शर्त भी ताक पर
बीज विकास निगम ने जूनियर मैकेनिक के लिए जो शैक्षणिक योग्यता की शर्त रखी थी, नियुक्तियों के समय उन शर्तों को भी दरकिनार कर दिया। यमुनानगर निवासी श्रीचंद को जूनियर मैकेनिक के पद पर नियुक्ति दी गई है। आरटीआई में हासिल जानकारी के अनुसार उसकी शैक्षणिक योग्यता आईटीआई ट्रेड से इलेक्ट्रीशियन (विद्युतकार) की है, नियमानुसार जूनियर मैकेनिक के लिए यह योग्यता वांछित नहीं है। इसके बावजूद उसे नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। श्रीचंद को ओबीसी कैटेगिरी में नियुक्ति दी गई है, जबकि निगम के विज्ञापन में ओबीसी के लिए पद रिक्ति नहीं दर्शाई थी। इसी प्रकार रमन कुमार निवासी कुरुक्षेत्र की शैक्षणिक योग्यता आईटीआई ट्रेड से वेल्डर (एससीवीटी) है, जबकि उसे जूनियर मैकेनिक नियुक्त कर दिया गया।
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सिरसा।
हरियाणा बीज विकास निगम में हुई कथित धांधली की शिकायत के मामले में सीएम विंडो की फजीहत होने लगी है। एक माह में मामले का निपटारा किए जाने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन डेढ़ माह बाद भी शिकायत सरकने का नाम नहीं ले रही और न ही मामले में एटीआर ही दाखिल की गई है।
गौरतलब हो कि चत्तरगढ़पट्टी निवासी दलीप कुमार ने 19 फरवरी को सीएम विंडो पर शिकायत दाखिल करते हुए बीज विकास निगम में हुई नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की थी। आरटीआई से जुटाई जानकारी के आधार पर दर्ज की गई शिकायत में बताया गया कि विभाग के अधिकारियों ने अपने चहेतों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियम-कायदों को ताक पर धर दिया। ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति दी, जिनका नाम इंटरव्यू सूची में भी नहीं था। इसके साथ ही नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को भी ताक पर धर दिया। कई चयनित उम्मीदवारों के परिजन बीज विकास निगम में कार्यरत रहे, जिसकी वजह से उन्हें नियुक्ति प्रदान की।
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यह शिकायत सीएम ऑफिस से प्रशासनिक सचिव (कृषि) को और प्रशासनिक सचिव (कृषि) द्वारा हरियाणा बीज विकास निगम को इसी दिन अग्र-प्रेषित की गई। बीती 23 फरवरी से यह शिकायत निगम के पास ही लंबित है। जिस विभाग पर नियुक्तियों में धांधली के आरोप लगे, जांच का जिम्मा भी उसे ही सौंप दिया गया। परिणाम स्वरूप डेढ़ माह की अवधि बीत जाने पर भी सीएम विंडो की शिकायत की यह फाइल आज तक नहीं सरकी और न ही मामलेे में आज तक एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) ही दाखिल की गई। यानि नियुक्तियों में धांधली की शिकायत पर पर्दा डालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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ये था मामला
हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा मार्च-2017 में विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निगम में जूनियर मैकेनिक के पद पर नियुक्तियों के मामले में बड़ी धांधली की। बीज निगम द्वारा जूनियर मैकेनिक के पद के लिए पांच पद दर्शाए थे, लेकिन नियुक्तियां करते समय नौ लोगों की भर्ती कर डाली। भर्ती के समय आरक्षण की शर्त को भी दरकिनार कर दिया। निगम ने जिन उम्मीदवारों की इंटरव्यू के लिए लिस्ट अपनी वेबसाइट पर जारी की, उनमें जिनके नाम तक नहीं थे, उन उम्मीदवारों की नियुक्ति कर डाली। रमन कुमार निवासी कुरुक्षेत्र तथा विजय कुमार नवासी अंबाला को भी नियुक्ति दी गई है। इनका नाम इंटरव्यू लिस्ट में नहीं था।
योग्यता की शर्त भी ताक पर
बीज विकास निगम ने जूनियर मैकेनिक के लिए जो शैक्षणिक योग्यता की शर्त रखी थी, नियुक्तियों के समय उन शर्तों को भी दरकिनार कर दिया। यमुनानगर निवासी श्रीचंद को जूनियर मैकेनिक के पद पर नियुक्ति दी गई है। आरटीआई में हासिल जानकारी के अनुसार उसकी शैक्षणिक योग्यता आईटीआई ट्रेड से इलेक्ट्रीशियन (विद्युतकार) की है, नियमानुसार जूनियर मैकेनिक के लिए यह योग्यता वांछित नहीं है। इसके बावजूद उसे नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। श्रीचंद को ओबीसी कैटेगिरी में नियुक्ति दी गई है, जबकि निगम के विज्ञापन में ओबीसी के लिए पद रिक्ति नहीं दर्शाई थी। इसी प्रकार रमन कुमार निवासी कुरुक्षेत्र की शैक्षणिक योग्यता आईटीआई ट्रेड से वेल्डर (एससीवीटी) है, जबकि उसे जूनियर मैकेनिक नियुक्त कर दिया गया।