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सीएम फ्लाइंग की ओर से पकड़े गए डॉक्टरों की जमानत का रास्ता साफ
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बिना लाइसेंस के क्लीनिक चलाने और धोखाधड़ी के आरोप में पकड़े गए सुरेंद्र कुमार वर्मा को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। खास बात यह रही कि पुलिस आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के संबंध में कोई तथ्य सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। अदालत ने पुलिस से पूछा कि नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ बुधराम ने अपनी रपट में पुलिस को आरोपी के खिलाफ भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) के तहत कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी। धारा 420 (धोखाधड़ी) पुलिस ने किस आधार पर लगाई? पुलिस की ओर से कोई साक्ष्य पेश नहीं किए जाने के बाद अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट राहुल शर्मा की दलील पर सहमति जताते हुए आरोपी डॉक्टर सुरेंद्र कुमार वर्मा पर जमानत दे दी।
बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) जमानतीय है। पुलिस ने बिना कोई ठोस आधार के 420 के तहत आरोपी के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है। सिरसा अदालत का ये फैसला उन 55 आरोपी डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर है जिन्हें प्रदेशभर में सीएम फ्लाइंग ने वीरवार को पकड़ा था। खास बात यह कि सारी कार्रवाई में जो भी नोडल अधिकारी एवं मेडिकल ऑफिसर शामिल रहा उसने अपनी अनुशंसा में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी नहीं बल्कि भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) के तहत कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस से की है।
सीएम फ्लाइंग की ओर से पकड़े गए डॉक्टरों की जमानत का रास्ता साफ
नोडल अधिकारी ने की एमआईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की अनुशंसा
पुलिस ने खुद ही जोड़ दी धारा 420
पुलिस पेश नहीं कर पाई धोखाधड़ी के साक्ष्य, अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दी जमानत
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सिरसा।
सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बिना लाइसेंस के क्लीनिक चलाने और धोखाधड़ी के आरोप में पकड़े गए सुरेंद्र कुमार वर्मा को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। खास बात यह रही कि पुलिस आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के संबंध में कोई तथ्य सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। अदालत ने पुलिस से पूछा कि नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ बुधराम ने अपनी रपट में पुलिस को आरोपी के खिलाफ भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) के तहत कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी। धारा 420 (धोखाधड़ी) पुलिस ने किस आधार पर लगाई? पुलिस की ओर से कोई साक्ष्य पेश नहीं किए जाने के बाद अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट राहुल शर्मा की दलील पर सहमति जताते हुए आरोपी डॉक्टर सुरेंद्र कुमार वर्मा पर जमानत दे दी।
बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) जमानतीय है। पुलिस ने बिना कोई ठोस आधार के 420 के तहत आरोपी के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है। सिरसा अदालत का ये फैसला उन 55 आरोपी डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर है जिन्हें प्रदेशभर में सीएम फ्लाइंग ने वीरवार को पकड़ा था। खास बात यह कि सारी कार्रवाई में जो भी नोडल अधिकारी एवं मेडिकल ऑफिसर शामिल रहा उसने अपनी अनुशंसा में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी नहीं बल्कि भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धारा (2) एवं 15(3) के तहत कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस से की है।
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सीएम फ्लाइंग की ओर से पकड़े गए डॉक्टरों की जमानत का रास्ता साफ
नोडल अधिकारी ने की एमआईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की अनुशंसा
पुलिस ने खुद ही जोड़ दी धारा 420
पुलिस पेश नहीं कर पाई धोखाधड़ी के साक्ष्य, अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दी जमानत