फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   शौक पूरे करने के लिए शुरू कर दिया चोरी करना

शौक पूरे करने के लिए शुरू कर दिया चोरी करना

Sat, 28 Apr 2018 12:48 AM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
शौक पूरे करने के लिए शुरू कर दिया चोरी करना
अमर उजाला।
विज्ञापन

सिरसा।
पुलिस के हत्थे एक ऐसे चोर गिरोह हत्थे चढ़ा है, जिसके बारे में जानकर अधिकारी भी हैरान हैं। खास बात है कि इस चोर गिरोह के चारों सदस्य नाबालिग हैं। इनकी उम्र दस से 12 वर्ष के बीच है। येे सिरसा व रानियां क्षेत्र में पिछले छह माह में चोरी की काफी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस इनको शुक्रवार दोपहर किशोर न्यायालय के समक्ष पेश किया। इसके बाद आरोपी नाबालिगों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सामान चोरी करके उन्हें जो जितने भी रुपये मिलते उनसे वो महंगे मोबाइल व कपड़े खरीदते, जुआ खेलते और मटन-चिकन खाते। इसके बाद जो रुपये बचते वो परिजनों को दे देते।
जानकारी के अनुसार शहर थाना प्रभारी अमित बैनीवाल के नेतृत्व में पुलिस शुक्रवार तड़के पांच बजे सरकूलर रोड क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक दुकान में चोरी की कोशिश कर रहे चार नाबालिग मिले। चारों ने पुलिस को बताया कि वे मेलाग्राउंड क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनका परिवार बेहद गरीब है। उनके मां-बाप शहर में कूड़ा उठाते हैं। परिजनों ने उन्हें भी बचपन में इस काम में लगा दिया। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी करनी शुरू कर दी। घरवालों ने उन्हें चोरी करने से कभी टोका नहीं। देर रात को शहर में कूड़ा बीनने के लिए निकले तो जिस भी दुकान के बाहर कोई सामान पड़ा मिलता उसे चुरा लेते और कबाड़ की दुकान में बेच देते।
विज्ञापन

चोरी की बीस घटनाएं कबूली
आरोपी नाबालिगों ने पुलिस को बताया कि पिछले छह महीने में उन्होंने सिरसा के बेगू रोड, परशुराम चौक, डबवली रोड, कुत्ताबढ़, रानियां अनाज मंडी, नकौड़ा, संतनागर, जीवन नगर, बालासर, करीवाला, हारनी, डबवाली, थेहड़ सहित 20 जगहों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह माह में दो लाख से ज्यादा कमाए
गिरोह के सरगना की उम्र 12 वर्ष है। सूत्रों के अनुसार उसने पुलिस को बताया कि अपने साथियों के साथ छह महीने में चोरीशुदा सामान बेचकर दो लाख रुपये से ज्यादा की कमाई की। सभी साथियों ने डेढ़ लाख रुपया जुआ खेलने, पर्ची सट्टा, कपडे़, महंगे मोबाइल व मटन-चिकन खाने में खर्च कर दिए। गिरोह के सरगना ने पुलिस को बताया कि उसकी एक गर्लफ्रेंड है। जो उससे दो साल बड़ी है। उसे घुमाने और शॉपिंग करवाने में उसे मजा आता है। इसलिए तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने चोरी का रास्ता अपना लिया।

मां-बाप ने स्कूल नहीं भेजा
इन नाबालिगों को उनके मां-बाप ने कभी भी स्कूल नहीं भेजा। इसलिए इन्हें ये नहीं मालूम अपराध के जिस दलदल में ये घुसते चले जा रहे हैं इसका अंजाम आगे जाकर क्या होगा? इन नाबालिगों का कहना है कि उनके घर वालों को हर बात का पता है। परिजनों ने उनसे कभी ये नहीं कहा कि चोरी मत करो, उलटा वे चोरी की कमाई से खुश होते हैं।


प्रोबेशन ऑफिसर समक्ष किया पेश
गश्त के दौरान पुलिस को चार नाबालिग चोरी का प्रयास करते हुए मिले थे। जेजे एक्ट के तहत इन बच्चों की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। नाबालिगों से सादी वर्दी में बातचीत की गई। पुलिस ने इनसे पूछताछ नहीं की है, बल्कि इन्होंने खुद चोरी की घटनाएं स्वीकारी हैं। नियमानुसार नाबालिगों का कलंदरा बनाया गया है। अभिभावकों को बुलाकर नाबालिगों को प्रोबेशन ऑफिसर के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद इन्हें परिजनों के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed