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बड़े भाई के हाथ में था लेनदेन, खर्चे के लिए छोटे भाई ने रच दिया लूटपाट का ड्रामा
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:16 AM IST
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खर्च के लिए छोटे भाई ने रची थी लूट की साजिश
ओढां। पुलिस ने गाव फग्गू के पास पांच दिन पहले गन प्वाइंट पर बाइक सवार पिता-पुत्र से हुई लूट का मामला सुलझा लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट पेशेवर लुटेरों ने नहीं, बल्कि पीड़ित के पुत्र ने ही रचा था। पुलिसने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पांच दिन पहले थिराज निवासी गुरबाज सिंह अपने पिता गुरचरण सिंह के साथ बाइक पर कालांवाली बैंक से पैसे निकालने आया था। दोनों पिता पुत्र बैंक से 3 लाख रुपये लेकर वापस आ रहे थे। गुरबाज के मुताबिक गांव फग्गू से देसूखुर्द के बीच कार सवार लोगों ने कार को सड़क पर लगाकर उन्हें रोक लिया और गन प्वाइंट पर 3 लाख रुपये लूट लिए। सूचना के बाद पुलिस ने जिले में नाकाबंदी कर छानबीन की।
यूं खुली पोल: घटना के बाद पुलिस इसे संदिग्ध मान रही थी। क्योंकि लुटेरे थैले से रुपये निकालकर थैला वहीं फेंक गए। यहीं पर पुलिस को गड़बड़ नजर आई। क्योंकि लूटपाट की घटना के दौरान लुटेरे इतना समय नहीं लगाते। दूसरा गुरबाज ने इसकी सूचना अपने परिजनों को नहीं दी तथा पुलिस को भी कुछ समय बाद जानकारी दी। पुलिस ने जब जांच पड़ताल आगे बढ़ाई तो उनका संदेह पीड़ित पर ही गहरा हो गया। पुलिस ने तमाम जानकारी जुटाकर जब गुरबाज सिंह पर सख्ती दिखाई तो वह शीघ्र ही टूट गया और उसने पूरी कहानी उगल दी।
अपने लिए खर्च करना चाहता था 3 लाख: गुरबाज 2 भाईयों में से छोटा है। दोनों भाईयों का परिवार व लेनदेन सांझा है। गुरबाज का बड़ा भाई मनप्रीत ही घर में लेनदेन आदि का काम देखता है। 9 जुलाई को गुरबाज अपने पिता गुरचरण सिंह को साथ लेकर कालांवाली में बैंक से पैसे निकालने आया था। जहां उसने अपने पिता के खाते से 3 लाख रुपये निकलवाए। इसके बाद वह अपने पिता को यह कहकर मंडी चला गया कि वह अभी आ रहा है। गुरबाज सीधे अपने आढ़ती के पास पहुंचा और उसे 3 लाख रुपये देकर कुछ दिन बाद ले जाने की बात कही। योजना के अनुसार गुरबाज ने गांव फग्गू से देसूखुर्द के मध्य लूट का ड्रामा रच दिया। रोड़ी पुलिस ने इस घटना की हर पहलू से जांच पड़ताल की तो पोल खुल गई। गुरबाज सिंह के अनुसार घर में लेनदेन का कार्य उसका भाई करता है। इस लिए उसके पास अपने खर्च के लिए पैसे नहीं होते। इसी के चलते उसने ये ड्रामा रचा था। लेकिन वह अपने ही ड्रामे में उलझ गया।
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-पुलिस इस मामले को घटना स्थल का निरीक्षण करने बाद से संदिग्ध मान रही थी। जब हमने इसकी जांच की तो गुरबाज पर संदेह गहराता गया। पुलिस ने गुरबाज के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ था। मामले का पटाक्षेप होने के बाद गुरबाज के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
-इन्द्रसैन, एएसआई थाना रोड़ी।
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ओढां। पुलिस ने गाव फग्गू के पास पांच दिन पहले गन प्वाइंट पर बाइक सवार पिता-पुत्र से हुई लूट का मामला सुलझा लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट पेशेवर लुटेरों ने नहीं, बल्कि पीड़ित के पुत्र ने ही रचा था। पुलिसने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पांच दिन पहले थिराज निवासी गुरबाज सिंह अपने पिता गुरचरण सिंह के साथ बाइक पर कालांवाली बैंक से पैसे निकालने आया था। दोनों पिता पुत्र बैंक से 3 लाख रुपये लेकर वापस आ रहे थे। गुरबाज के मुताबिक गांव फग्गू से देसूखुर्द के बीच कार सवार लोगों ने कार को सड़क पर लगाकर उन्हें रोक लिया और गन प्वाइंट पर 3 लाख रुपये लूट लिए। सूचना के बाद पुलिस ने जिले में नाकाबंदी कर छानबीन की।
यूं खुली पोल: घटना के बाद पुलिस इसे संदिग्ध मान रही थी। क्योंकि लुटेरे थैले से रुपये निकालकर थैला वहीं फेंक गए। यहीं पर पुलिस को गड़बड़ नजर आई। क्योंकि लूटपाट की घटना के दौरान लुटेरे इतना समय नहीं लगाते। दूसरा गुरबाज ने इसकी सूचना अपने परिजनों को नहीं दी तथा पुलिस को भी कुछ समय बाद जानकारी दी। पुलिस ने जब जांच पड़ताल आगे बढ़ाई तो उनका संदेह पीड़ित पर ही गहरा हो गया। पुलिस ने तमाम जानकारी जुटाकर जब गुरबाज सिंह पर सख्ती दिखाई तो वह शीघ्र ही टूट गया और उसने पूरी कहानी उगल दी।
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अपने लिए खर्च करना चाहता था 3 लाख: गुरबाज 2 भाईयों में से छोटा है। दोनों भाईयों का परिवार व लेनदेन सांझा है। गुरबाज का बड़ा भाई मनप्रीत ही घर में लेनदेन आदि का काम देखता है। 9 जुलाई को गुरबाज अपने पिता गुरचरण सिंह को साथ लेकर कालांवाली में बैंक से पैसे निकालने आया था। जहां उसने अपने पिता के खाते से 3 लाख रुपये निकलवाए। इसके बाद वह अपने पिता को यह कहकर मंडी चला गया कि वह अभी आ रहा है। गुरबाज सीधे अपने आढ़ती के पास पहुंचा और उसे 3 लाख रुपये देकर कुछ दिन बाद ले जाने की बात कही। योजना के अनुसार गुरबाज ने गांव फग्गू से देसूखुर्द के मध्य लूट का ड्रामा रच दिया। रोड़ी पुलिस ने इस घटना की हर पहलू से जांच पड़ताल की तो पोल खुल गई। गुरबाज सिंह के अनुसार घर में लेनदेन का कार्य उसका भाई करता है। इस लिए उसके पास अपने खर्च के लिए पैसे नहीं होते। इसी के चलते उसने ये ड्रामा रचा था। लेकिन वह अपने ही ड्रामे में उलझ गया।
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-पुलिस इस मामले को घटना स्थल का निरीक्षण करने बाद से संदिग्ध मान रही थी। जब हमने इसकी जांच की तो गुरबाज पर संदेह गहराता गया। पुलिस ने गुरबाज के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ था। मामले का पटाक्षेप होने के बाद गुरबाज के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
-इन्द्रसैन, एएसआई थाना रोड़ी।