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सलामी गारद देखती रही और एसपी पहुंच गए कार्यालय
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2015 01:47 AM IST
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सिरसा जिले के नवनियुक्त कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल ने अपने प्रथम आगमन पर ही सभी को चौंका दिया। जिला पुलिस के जो जवान सुबह से पुलिस अधीक्षक कार्यालय समक्ष अपने नए कप्तान को सलामी देने के लिए तैयार खड़े थे, वे गारद रूम में खड़े के खड़े रह गए और एसपी अपनी गाड़ी से उतरकर सीधा कार्यालय में प्रवेश कर गए।
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इसके बाद सभी सलामी गारद के जवानों व पुलिस अधिकारियों के माथे पर सर्द मौसम में पसीना छूटने लगा। हद तो तब हो गई जब पुलिस अधीक्षक के लिए एस्कॉर्ट गाड़ी का प्रबंध भी पुलिस तुरंत नहीं कर पाई।
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डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीश काजला जवानों को आदेश देते रहे जल्दी करो, एस्कॉर्ट लेकर आओ, एसएसचो चौपटा को फोन करो वो साहब की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाएं, पुलिस लाइन में गाड़ी मंगवा लो।
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इन सब बातों में आठ मिनट गुजर गए और एसपी अपनी गाड़ी में बैठे रहे। इसके बाद वे अपने दफ्तार से बिना एस्कॉर्ट के सीधा चौपटा की तरफ रवाना हो गए।
जानकारी के अनुसार जिला पुलिस अधिकारियों को बुधवार सूचना मिली थी कि फतेहाबाद के नवनियुक्त एसपी ओपी नरवाल वीरवार सुबह सिरसा आएंगे।
इसका कारण यह भी था कि हिसार रेंज आईजी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे रोहतक आईजी श्रीकांत जाधव को भी कागदाना मामले की जांच के सिलसिले में सिरसा आना था।
ऐसे में सुबह सात बजे ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर साफ-सफाई और पानी का छिड़काव करवाया गया। जिले में तैनात पांचों पुलिस अधीक्षकों भी समय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय समक्ष पहुंचे।
सभी की टवेरा गाड़ियां लाइन में खड़ी हो गई। सलामी गारद पूरी तैयारी के साथ मुख्य गेट के समक्ष तैनात कर दिए गए। करीब साढ़े 11 बजे सभी पुलिस अधीक्षक आईजी के आने की सूचना पर अपनी-अपनी गाड़ियों में सवार होकर चौपटा रवाना हो गए।
सलामी में तैनात कुछ जवान गारद रूम में तो कुछ साइड में खड़े हो गए, इसी बीच पीली बत्ती लगी सफेद रंग की गाड़ी बिना हूटर बजाए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आई।
गाड़ी से नवनियुक्त एसपी ओपी नरवाल निकले और सीधा दफ्तर की तरफ रवाना हो गए। सलामी गारद के जवान खड़े के खड़े रहे गए। वे अपने कप्तान को सलामी नहीं दे सके क्योंकि उन्होंने अपनी बंदूकें साइड में रखी हुई थी।
एसपी ने डेढ़ मिनट भी अपने दफ्तर में नहीं लगाया और तुरंत नीचे उतरकर अपनी गाड़ी के पास आ गए। उनके पीछे-पीछे डीएसपी हैडक्वार्टर जगदीश काजला थे।
इस घटना ने सलामी गारद व अधिकारियों के माथे से पसीना ला दिया। डर था कि साहब बुरा मान गए होंगे तो सस्पेंड कर देंगे।
एसपी अपनी गाड़ी में बैठे तो उनकी गाड़ी को एस्कॉर्ट करने के लिए एक गाड़ी भी मौके पर नहीं थी। डीएसपी जगदीश काजला सुरक्षा शाखा प्रभारी से एस्कॉर्ट गाड़ी के बारे में पूछा।
बोले, कहा हैं एस्कॉर्ट, साहब की एस्कॉर्ट पुलिस लाइन में होगी जल्दी करो, एसएचओ चौपटा को फोन मिलाओ, वो साहब की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाएं, जल्दी-जल्दी। इसके बाद एसपी ने चालक को चौपटा चलने का आदेश दिया और एसपी साहब बिना एस्कॉर्ट के ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय रवाना होना पड़ा।
आईजी ने एकदम से बदला इरादा
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आईजी श्रीकांत जाधव का काफिला हिसार से चला तो सिरसा के लिए, लेकिन एकदम से आईजी ने अपना इरादा बदलकर चालक को सीधा कागदाना की तरफ चलने को कहा।
काफिला भट्टू से ही सीधा चौपटा की मुड़ गया। यह सूचना मिली तो एसपी कार्यालय में खड़े सभी पुलिस अपअधीक्षक अपनी गाड़ियों में तेज रफ्तार से चौपटा की तरफ चल दिए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात अन्य अधिकारियों व गारद को लगा कि अब कौन आएगा, आईजी सीधा चौपटा की तरफ निकल गए और उनके साथ एसपी भी होंगे। इसी चक्कर में सभी लापरवाह हो गए और इसी बीच नवनियुक्त एसपी कार्यालय में आ पहुंचे।