{"_id":"671556e5e824e07b800b1534","slug":"cowsheds-will-get-transportation-fee-for-picking-up-stubble-from-fields-sirsa-news-c-128-1-shsr1015-127378-2024-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: खेतों से पराली का उठान करने पर गोशालाओं को मिलेगा परिवहन शुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: खेतों से पराली का उठान करने पर गोशालाओं को मिलेगा परिवहन शुल्क
Mon, 21 Oct 2024 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:45 AM IST
विज्ञापन
कालावाली में पराली का प्रबंधन करता किसान। स्रोत : विभाग
एक गोशाला 30 एकड़ की पराली सरकारी परिवहन खर्च पर कर सकती है उठान, मिलेगा 15000 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। धान की कटाई जोरों पर है। पराली के प्रबंधन के लिए जहां सरकार किसानों को प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे रही है, वहीं, अब पराली को गोशाला तक लाने के लिए कृषि विभाग गोशाला संचालकों को परिवहन शुल्क देगा। पहली बार विभाग की ओर से इस योजना को लागू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार गोशालाओं में सूखे चारे की समस्या को जड़ से खत्म करने और पराली प्रबंधन को एक साथ सरकार ने जोड़ा है। पराली उठान करने वाली गोशालाओं को प्रति एकड़ 500 रुपये परिवहन खर्च के तौर दिए जाएंगे। इससे गोशालाएं अपने आसपास के क्षेत्र में पराली का उठान करवा पाएगी। पराली की उठान के लिए सरकार की ओर से गोशालाओं को अधिकतम 15000 रुपये की राशि दी जाएगी। प्रति एकड़ के अनुसार 30 एकड़ की पराली एक गोशाला सरकारी परिवहन खर्च पर उठा सकती है। इससे गोशालाओं के वाहन खर्च की परेशानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
जिले में के पांच गांव रेड जोन में है, जबकि 28 गांव येलो जोन में है। रेड जोन से ग्रीन जोन में आने वाले गांव को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। और रेड जोन से येलो जोन में आने वाले गांव को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
विज्ञापन
जिले में धान की बिजाई की स्थिति
जिले में कुल गांव : 330
धान की बिजाई करने वाले गांव - 294
वर्ष 2023 में धान की बिजाई करने वाले गांव : 269
इस वर्ष धान के गांवों में हुई बढ़ोतरी - 25
किसानों के लिए सुविधा
पराली को भूमि में मिलाने पर - 1000 रुपये प्रति एकड़
पराली के बंडल बनाने पर - 1000 रुपये प्रति एकड़
जागरूक करने में जुटा प्रशासन
शिक्षा विभाग के सहयोग से गांवों के स्कूलों में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसमें पराली न जलाने को लेकर संदेश दिया जाएगा।
- गांव-गांव वीडियो वैन जाकर संदेश दे रही है।
- गांवों में बैठक कर कृषि अधिकारी व अन्य अधिकारी लोगों को प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
गोशालाओं को पराली प्रबंधन से जोड़ने का प्रयास जारी है। गोशालाओं को 500 रुपये प्रति एकड़ परिवहन शुल्क का प्रावधान किया गया है। ताकि वह अपने आसपास के क्षेत्र से पराली को सूखे चारे के तौर पर उठाकर स्टॉक करे। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। धान की कटाई जोरों पर है। पराली के प्रबंधन के लिए जहां सरकार किसानों को प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे रही है, वहीं, अब पराली को गोशाला तक लाने के लिए कृषि विभाग गोशाला संचालकों को परिवहन शुल्क देगा। पहली बार विभाग की ओर से इस योजना को लागू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार गोशालाओं में सूखे चारे की समस्या को जड़ से खत्म करने और पराली प्रबंधन को एक साथ सरकार ने जोड़ा है। पराली उठान करने वाली गोशालाओं को प्रति एकड़ 500 रुपये परिवहन खर्च के तौर दिए जाएंगे। इससे गोशालाएं अपने आसपास के क्षेत्र में पराली का उठान करवा पाएगी। पराली की उठान के लिए सरकार की ओर से गोशालाओं को अधिकतम 15000 रुपये की राशि दी जाएगी। प्रति एकड़ के अनुसार 30 एकड़ की पराली एक गोशाला सरकारी परिवहन खर्च पर उठा सकती है। इससे गोशालाओं के वाहन खर्च की परेशानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
जिले में के पांच गांव रेड जोन में है, जबकि 28 गांव येलो जोन में है। रेड जोन से ग्रीन जोन में आने वाले गांव को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। और रेड जोन से येलो जोन में आने वाले गांव को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
विज्ञापन
जिले में धान की बिजाई की स्थिति
जिले में कुल गांव : 330
धान की बिजाई करने वाले गांव - 294
वर्ष 2023 में धान की बिजाई करने वाले गांव : 269
इस वर्ष धान के गांवों में हुई बढ़ोतरी - 25
किसानों के लिए सुविधा
पराली को भूमि में मिलाने पर - 1000 रुपये प्रति एकड़
पराली के बंडल बनाने पर - 1000 रुपये प्रति एकड़
जागरूक करने में जुटा प्रशासन
शिक्षा विभाग के सहयोग से गांवों के स्कूलों में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसमें पराली न जलाने को लेकर संदेश दिया जाएगा।
- गांव-गांव वीडियो वैन जाकर संदेश दे रही है।
- गांवों में बैठक कर कृषि अधिकारी व अन्य अधिकारी लोगों को प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
गोशालाओं को पराली प्रबंधन से जोड़ने का प्रयास जारी है। गोशालाओं को 500 रुपये प्रति एकड़ परिवहन शुल्क का प्रावधान किया गया है। ताकि वह अपने आसपास के क्षेत्र से पराली को सूखे चारे के तौर पर उठाकर स्टॉक करे। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग