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Sirsa News: छह माह बाद भी उपप्रधान चुनाव न होने से पार्षद खफा, कोर्ट जाने की चेतावनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:03 PM IST
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Councilors upset over no deputy chief election even after six months, warn of taking the matter to court
सिरसा। नगर परिषद में उपप्रधान के चुनाव न होने को लेकर पार्षदों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। उप चुनावों को लेकर चार बार उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में वार्ड नंबर 6 के पार्षद गोपीराम सैनी और वार्ड नंबर 20 के पार्षद संजीव रातुसरिया ने अंतिम बार अतिरिक्त उपायुक्त विरेंद्र सहरावत को उपायुक्त के नाम पर ज्ञापन सौंपा।
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पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के अंदर उपप्रधान के चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे। वहीं, प्रधान वीर शांति स्वरूप का कहना है कि सरकार के आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। नगर परिषद एक्ट के अनुसार, उपप्रधान के चुनावों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए हैं। लेकिन अब तक इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है। उपप्रधान के चुनाव का नोटिफिकेशन उपायुक्त के माध्यम से जारी होता है, जिस पर चुनाव संपन्न किए जाते हैं। छह माह बीत जाने के बाद भी उपायुक्त कार्यालय से कोई पत्र जारी नहीं हुआ है। इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए पार्षद आगे क्या कदम उठाते हैं, यह अभी देखना बाकी है।
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पार्षद गोपीराम सैनी और संजीव रातुसरिया ने बताया कि हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने 20 मार्च 2025 को राजपत्र में नगर परिषद सिरसा सहित अन्य नगर परिषदों के अध्यक्ष और सदस्यों के परिणाम अधिसूचित किए। पार्षदों ने बताया कि उपप्रधान का चुनाव न होना कानूनी दृष्टि से गलती है। नगर परिषद एक्ट की धारा 18(1) में निर्धारित समय में चुनाव करवाने का प्रावधान है। 20 मार्च 2025 से पांच माह की अवधि 20 अगस्त 2025 को समाप्त हो गई। अगर परिणाम अधिसूचना से छह माह तक उपप्रधान नहीं चुना गया, तो म्युनिसिपल काउंसिल कानून के अनुसार निर्वाचित सदस्यों की सदस्यता रद्द मानी जाएगी।
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पार्षदों का कहना है कि एक्ट की धारा 18(5) के अनुसार, यदि उपप्रधान का चुनाव समय पर नहीं होता है, तो नगर परिषद को भंग माना जाना चाहिए। यदि जिला प्रशासन या अधिकारी इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लेते हैं, तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे।

6 माह में उप प्रधान चुना नहीं जाता हो चुनाव प्रक्रिया मानी जाती है रद्द

एडवोकेट एवं पार्षद चंचल रानी ने बताया कि नगर परिषद एक्ट में उपप्रधान के चुनाव की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दी गई है। इसमें पहली बैठक 30 दिन के भीतर आयोजित करने और उसके बाद पांच माह के भीतर दो से तीन बैठकें कर उपप्रधान चुनाव का एजेंडा पास करने का निर्देश है। अगर छह माह के भीतर उपप्रधान का चुनाव नहीं होता है तो पार्षदों और प्रधान को लेकर हुई चुनाव प्रक्रिया रद्द मानी जाएगी।


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सरकार के आदेश आने पर चुनाव करवा दिया जाएगा। अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। इस मामले में उपायुक्त से बातचीत की जाएगी। - वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।
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