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Sirsa News: पार्षदों ने चेयरमैन-सीईओ के खिलाफ खोला मोर्चा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:26 PM IST
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Councillors opened front against Chairman-CEO
सिरसा में जिला परिषद कार्यालय में धरने पर बैठै जिला पार्षद। संवाद
सिरसा। सिरसा जिला परिषद के चेयरमैन कर्ण चौटाला और सीईओ की ओर से जनप्रतिनिधियों से किए जा रहे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के विरोध में शनिवार को जिला पार्षदों द्वारा साझा मोर्चा का गठन कर कार्यालय जिला परिषद के परिसर में सांकेतिक धरना प्रर्दशन किया। धरने पर बैठे जिला पार्षदों ने फंड आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगा कार्रवाई की मांग की है।
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कार्यालय के बाहर धरने पर बैठै जिला पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी रानियां, जिला पार्षद जगदेव सिंह निक्का, नंदलाल बैनीवाल, बलकरण सिंह भंगू, बलविंद्र बराड़, गुरचरण सिंह फौजी, संदीप कौर, संतोष गोदारा, कमलजीत कौर, सतगुरु सिंह मौजूद रहे। जिला पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी रानियां ने बताया कि जिला परिषद का चुनाव हुए तीन साल का समय हो चुका है, लेकिन इन तीन सालों में चेयरमैन व सीईओ द्वारा आपस में सांठगांठ करके हाऊस की बैठक अब तक सिर्फ पांच बार ही बुलाई गई है।
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विपक्ष के पार्षदों की ओर से अपने क्षेत्र के विकास के लिए जो प्रस्ताव दिए गए हैं उन प्रस्तावों पर चेयरमैन व सीईओ द्वारा एक रूपया भी मंजूर नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर जब जिला पार्षद सीईओ से बातचीत करते हैं तो उनका स्पष्ट जवाब होता है कि चेयरमैन की कोठी पर जाकर उनसे मिलो।
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निक्का ने कहा कि जिला परिषद सीईओ अपने व्यवहार से सरकारी अधिकारी कम और किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह अधिक काम कर रहे हैं। वो पद की प्रतिष्ठा के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं। सीईओ का व्यवहार विपक्ष के पार्षदों के प्रति गैर जिम्मेदाराना है। पिछले तीन सालों में जितना भी फंड जिला परिषद को आवंटित हुआ है, उसकी बड़े स्तर पर जांच की जाए। बैनीवाल ने कहा कि विकास कार्यों के लिए जिला परिषद को सरकार की ओर से करोड़ों रुपये का फंड मिला है, लेकिन जिला परिषद चेयरमैन कर्ण चौटाला और सीईओ द्वारा फंड विकास कार्यों के लिए खर्च नहीं किया जा रहा है, इसलिए पिछले तीन सालों में विकास के लिए आया करोड़ों रुपया वापस चला गया है। उन्होंने कहा कि ग्रांटों में 40 से 50 प्रतिशत राशि चेयरमैन व सीईओ द्वारा कमीशन के रूप में डकारी जा रही है। अब तक जितना भी फंड जिला परिषद को मिला है, उसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का खेला चेयरमैन व सीईओ की मिलीभगत से हुआ है। सरकार से मांग है कि जिला परिषद के कार्यों व आबंटित फंडों की कमेटी गठित कर जांच की जाए।


भंगू ने कहा कि सरकार द्वारा आवंटित फंड जिला परिषद के 24 निर्वाचन क्षेत्रों में समान रूप से फंड का वितरण होना चाहिए। लेकिन जिला परिषद चेयरमैन व सीईओ द्वारा ठेकेदारों से सांठ-गांठ कर 40 से 50 प्रतिशत का कमीशन लेकर मनमर्जी से फंड आवंटित किया जा रहा है। पार्षदों ने कहा कि सरकार नेइस मामले पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया गया तो जिला चेयरमैन व सीईओ के खिलाफ संघर्ष को और तेज कर बड़े स्तर का प्रदर्शन किया जाएगा।
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