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संक्रमण का ब्रेक फेल : एक हफ्ते में 250 से ज्यादा हुए कोरोना के एक्टिव केस, प्रशासन का सिरदर्द बने 35 अनट्रेस मामले
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सिरसा। जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा है। एक सप्ताह में कोरोना का आंकड़ा 292 पहुंच चुका है। वहीं, 35 अनट्रेस केस की जानकारी जुटाने में अधिकारी लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग मंथन में जुटा और पीक समय के लिए तैयारियां कर रहा है। लॉकडाउन की ओर कदम बढ़ाते हुए प्रशासन ने शाम 6 बजे बाजार बंद कराने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन अधिकारी नियमों को लागू प्रभावी रूप में नहीं कर पा रहे। अब जिले में एक्टिव केसों की संख्या 253 है। यहां बता दें कि 11 जनवरी को ही विभाग ने इस सीजन में कोरोना से पहली मौत भी रिकॉर्ड में दर्ज की।
कोरोना संक्रमण का नए वर्ष में प्रवेश करते ही फैलाव शुरू हो गया। 6 जनवरी से केस बढ़ने शुरू हुए, लेकिन प्रशासन की बार-बार चेतावनी के बावजूद जिले वासी लापरवाही बरतते रहे। नतीजा ये रहा कि अब लगता है संक्रमण की ब्रेक फेल हो गई है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति का इलाज करना संभव है लेकिन यदि कोई संक्रमित व्यक्ति बाजारों में घूमता रहे तो वह ज्यादा घातक समाज के लिए साबित हो सकता है। जिले में 35 संक्रमित ऐसे हैं जो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की पहुंच से दूर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें अनट्रेस की श्रेणी में डाल दिया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ये सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर उन्हें ढूंढे कैसे और भविष्य में ये स्थिति दोबारा ना आए, इसके लिए भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
कब कितने मरीज मिले
6 जनवरी 17
7 जनवरी 25
8 जनवरी 35
9 जनवरी 47
10 जनवरी 34
11 जनवरी 78
12 जनवरी 56
बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर की बढ़ाई संख्या
कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी की है। इसके तहत पहली दो लहर के मुकाबले स्वास्थ्य संसाधनों में सुधार किया है। पहले जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास जिले भर में केवल 701 बेड थे, इसकी संख्या बढ़ाकर अब 1212 कर दी गई है। इसी प्रकार वेंटिलेटर की संख्या भी 24 से बढ़ाकर 36 हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सीएचसी यानी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर बेडों की संख्या 10 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। डबवाली अस्पताल में भी बेडों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी है। पिछली लहर के दौरान ऑक्सीजन को लेकर किल्लत का सामना करना पड़ा। इसलिए अब ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या को भी 70 से बढ़ाकर 512 कर दिया गया है। नागरिक अस्पताल में बेडों की संख्या को 90 से बढ़ाकर 130 तक ले गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी अब दो स्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन कंस्टेटर की संख्या 231 हो चुकी है।
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कोरोना संक्रमण को लेकर विभाग अलर्ट है। संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा जो केस अनट्रेस हैं, उन्हें भी ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, सिरसा
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कोरोना संक्रमण का नए वर्ष में प्रवेश करते ही फैलाव शुरू हो गया। 6 जनवरी से केस बढ़ने शुरू हुए, लेकिन प्रशासन की बार-बार चेतावनी के बावजूद जिले वासी लापरवाही बरतते रहे। नतीजा ये रहा कि अब लगता है संक्रमण की ब्रेक फेल हो गई है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति का इलाज करना संभव है लेकिन यदि कोई संक्रमित व्यक्ति बाजारों में घूमता रहे तो वह ज्यादा घातक समाज के लिए साबित हो सकता है। जिले में 35 संक्रमित ऐसे हैं जो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की पहुंच से दूर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें अनट्रेस की श्रेणी में डाल दिया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ये सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर उन्हें ढूंढे कैसे और भविष्य में ये स्थिति दोबारा ना आए, इसके लिए भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
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कब कितने मरीज मिले
6 जनवरी 17
7 जनवरी 25
8 जनवरी 35
9 जनवरी 47
10 जनवरी 34
11 जनवरी 78
12 जनवरी 56
बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर की बढ़ाई संख्या
कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी की है। इसके तहत पहली दो लहर के मुकाबले स्वास्थ्य संसाधनों में सुधार किया है। पहले जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास जिले भर में केवल 701 बेड थे, इसकी संख्या बढ़ाकर अब 1212 कर दी गई है। इसी प्रकार वेंटिलेटर की संख्या भी 24 से बढ़ाकर 36 हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सीएचसी यानी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर बेडों की संख्या 10 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। डबवाली अस्पताल में भी बेडों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी है। पिछली लहर के दौरान ऑक्सीजन को लेकर किल्लत का सामना करना पड़ा। इसलिए अब ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या को भी 70 से बढ़ाकर 512 कर दिया गया है। नागरिक अस्पताल में बेडों की संख्या को 90 से बढ़ाकर 130 तक ले गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी अब दो स्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन कंस्टेटर की संख्या 231 हो चुकी है।
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कोरोना संक्रमण को लेकर विभाग अलर्ट है। संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा जो केस अनट्रेस हैं, उन्हें भी ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, सिरसा