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निर्माण शुरू नहीं हुआ, टूट गया शिलान्यास पत्थर
sirsa
Updated Sun, 22 Jun 2014 11:33 PM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा गांव पन्नीवाला मोटा स्थित चौधरी देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी हॉल बनाने के लिए चार साल पहले शिलान्यास किया गया था, लेकिन अभी तक यह काम शुरू भी नहीं हो पाया है। आलम यह है कि निर्माण शुरू होने की बाट में मुख्यमंत्री द्वारा लगाया शिलान्यास पत्थर भी टूट गया। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन ने स्वयं ही शिलान्यास पत्थर उखाड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्ष 2010 में इस कॉलेज का दौरा किया था। विद्यार्थियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने यहां कंप्यूटर सेंटर और एक लाइब्रेरी हॉल का शिलान्यास किया था। इसके निर्माण पर करीब आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च होनी थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी हॉल जल्द मिल जाएगा। आज चार साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू तक नहीं हो पाया है।
शिलान्यास पत्थर भी गायब हो चुका है। कोई कह रहा कि शिलान्यास पत्थर को कुछ शरारती तत्वों ने तोड़ दिया तो कोई कह रहा है कि चोरी हो गया है। कालेज प्रबंधन का कहना है कि शिलान्यास पत्थर टूट गया था, जिस कारण उसे सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। कारण कुछ भी रहें, लेकिन हकीकत यही है कि आठ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट केवल शिलान्यास तक ही सीमित होकर रह गया है।
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शिक्षक भी नहीं
चौधरी देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों की भी कमी है। यहां कुल 178 पद सृजित हैं, जिनमें से मात्र 30 पद ही भरे हैं। टीचिंग स्टॉफ में 80 पद हैं और 24 पद ही भरे हैं। यहां पर 1200 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
गायब नहीं हुआ, हमने रखा है
कॉलेज के निदेशक प्राचार्य एमएल बांसल ने कहा कि उन्होंने छह माह पहले ही कार्यभार संभाला है। तब से हर मामले में सुधार लाने का प्रयास किया है। सीएम द्वारा किए गए शिलान्यास पत्थर गायब नहीं हुए। उन्हें उतरवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है, क्योंकि वे क्षतिग्रस्त हो गए थे। लाइब्रेरी हॉल और कंप्यूटर सेंटर का नक्शा बनने भेजा है, जो कि एक सप्ताह के भीतर आ जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट बनाया जाएगा और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्ष 2010 में इस कॉलेज का दौरा किया था। विद्यार्थियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने यहां कंप्यूटर सेंटर और एक लाइब्रेरी हॉल का शिलान्यास किया था। इसके निर्माण पर करीब आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च होनी थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी हॉल जल्द मिल जाएगा। आज चार साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू तक नहीं हो पाया है।
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शिलान्यास पत्थर भी गायब हो चुका है। कोई कह रहा कि शिलान्यास पत्थर को कुछ शरारती तत्वों ने तोड़ दिया तो कोई कह रहा है कि चोरी हो गया है। कालेज प्रबंधन का कहना है कि शिलान्यास पत्थर टूट गया था, जिस कारण उसे सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। कारण कुछ भी रहें, लेकिन हकीकत यही है कि आठ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट केवल शिलान्यास तक ही सीमित होकर रह गया है।
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शिक्षक भी नहीं
चौधरी देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों की भी कमी है। यहां कुल 178 पद सृजित हैं, जिनमें से मात्र 30 पद ही भरे हैं। टीचिंग स्टॉफ में 80 पद हैं और 24 पद ही भरे हैं। यहां पर 1200 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
गायब नहीं हुआ, हमने रखा है
कॉलेज के निदेशक प्राचार्य एमएल बांसल ने कहा कि उन्होंने छह माह पहले ही कार्यभार संभाला है। तब से हर मामले में सुधार लाने का प्रयास किया है। सीएम द्वारा किए गए शिलान्यास पत्थर गायब नहीं हुए। उन्हें उतरवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है, क्योंकि वे क्षतिग्रस्त हो गए थे। लाइब्रेरी हॉल और कंप्यूटर सेंटर का नक्शा बनने भेजा है, जो कि एक सप्ताह के भीतर आ जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट बनाया जाएगा और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।