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कांग्रेस ने डीसी ऑफिस तक किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 12:11 AM IST
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Congress demonstrated till DC office, submitted memorandum
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए। - फोटो : Sirsa
सिरसा। किसानों पर हुए लाठीचार्ज, कृषि भूमि अधिग्रहण संशोधित बिल व पारिवारिक पहचान पत्र के विरोध में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर विधायक शीशपाल केहरवाला, पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा, पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह, नवीन केड़िया, आनंद बियानी, सुभाष जोधपुरिया, सुरेंद्र नेहरा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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कांग्रेस के आह्वान पर नेता और कार्यकर्ता शहर के बरनाला रोड स्थित बाबा भूमण शाह चौक पर पहुंचे। यहां से उपायुक्त कार्यालय तक रोष मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी-जेजेपी सरकार द्वारा करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज करने की निंदा करते हुए न्यायिक जांच की मांग की तथा आदेश देने वाले एसडीएम के विरूद्ध मानवाधिकार आयोग व प्रदेश सरकार द्वारा सख्त से सख्त कदम उठाने की भी मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बीजेपी-जेजेपी सरकार के कृषि भूमि अधिग्रहण संशोधित बिल की धारा 23-ए के तहत उपायुक्त को अब यह खुली छूट दी गई है कि वह बिना सार्वजनिक सूचना दिए जमीन अधिग्रहण का अवार्ड पास कर सकेंगे। यह सही नहीं है। नेताओं ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा पारित भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 10 में यह प्रावधान रखा गया था कि बहुफसलीय सिंचित भूमि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अधिग्रहण नहीं की जा सकेगी। परंतु अब के संशोधित बिल की धार 10-ए के तहत बहुफसलीय सिंचित कृषि भूमि के अधिग्रहण पर कोई पाबंदी नहीं रखी गई है। यह बिल केंद्र द्वारा पारित अधिनियम 2013 के विरोधाभास तथा किसानों के हितों के विरुद्ध है। इस संशोधित बिल से पहले अगर प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप प्रोजेक्ट तहत भूमि अधिग्रहण करनी होती तो कम से कम 70 प्रतिशत प्रभावित लोगों की मंजूरी आवश्यक होती थी। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा-जजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह अधिनियम किसानों के कृषि भूमि पर दिए गए हकों को छीनने का एक निंदनीय प्रयास है। इस मौके पर विनीत कंबोज, गोपीराम चाडीवाल, लादूराम पूनिया, सुरजीत भावदीन, जग्गा बराड, उर्मिल भारद्वाज, बूटा सिंह थिंद, राजा नेहरा आदि मौजूद रहे।
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