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ऐलनाबाद उपचुनाव परिणाम पर कांग्रेस ने किया मंथन, मांगी रिपोर्ट
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सिरसा। ऐलनाबाद उपचुनाव का परिणाम घोषित हो चुका है। कृषि कानूनों के खिलाफ इस्तीफा देने वाले अभय सिंह चौटाला दोबारा विधायक चुने जा चुके हैं। भाजपा-जजपा गठबंधन प्रत्याशी गोबिंद कांडा दूसरे नंबर पर रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पवन बैनीवाल की जमानत भी जब्त हो गई। ऐसे में अब कांग्रेस ने चुनाव परिणाम पर मंथन करना शुरू कर दिया है। पार्टी के महासचिव ने प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महासचिव को पत्र भेजकर चुनाव परिणाम पर मंथन करने और परिणाम के कारणों पर रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि ऐलनाबाद विधानसभा सीट के लिए 30 अक्तूबर को मतदान हुआ और 2 नवंबर को परिणाम आया। इसमें अभय सिंह चौटाला विजयी घोषित हुए। कांग्रेस के उम्मीदवार पवन बैनीवाल की जमानत भी जब्त हो गई। ऐसे में अब कांग्रेस की ऑल इंडिया कमेटी के महासचिव केसी वेणूगोपाल ने पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि चुनाव परिणाम पर मंथन करके रिपोर्ट भेजें। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि आठ प्वाइंट पर चुनाव परिणाम का मंथन करें।
इन बिंदुओं पर मंथन करेगी पार्टी
- उपचुनाव का कारण क्या रहा।
- उम्मीदवार का चयन कैसे हुआ और कौन था।
- चुनाव अभियान कैसे चला और चुनाव प्रबंधन कैसा रहा।
- चुनाव परिणाम पर गठबंधन का क्या प्रभाव रहा।
- हमारे परिणामों पर अन्य राजनीतिक दलों की कैसे भूमिका रही।
- पार्टी के चुनाव परिणाम पर विश्लेषण करें।
- राज्य के राजनीतिक संदर्भ में परिणाम का क्या और कैसा प्रभाव रहेगा।
गुटबाजी रही हावी : टिकट कटने से नाराज दिखे समर्थक
ऐलनाबाद विधानसभा पर उपचुनाव की घोषणा होते ही सबसे प्रबल दावेदार पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल ने अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया था। टिकट को लेकर भी वे पूरी तरह आश्वस्त थे लेकिन कुछ दिन पूर्व पार्टी में शामिल हुए पवन बैनीवाल को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया। इस पर पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल टिकट कटने से नाराज हो गए। हालांकि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने उन्हें मनाया भी और लंबी जद्दोजहद के बाद भरत सिंह बैनीवाल प्रचार के लिए आए। केवल एक दिन के लिए वे फील्ड में उतरे लेकिन इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। पार्टी सूत्र बताते हैं कि अचानक हुए फेरबदल से उनके समर्थक नाराज हो गए और इसी कारण इस स्थिति का सामना पार्टी उम्मीदवार को करना पड़ा।
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बता दें कि ऐलनाबाद विधानसभा सीट के लिए 30 अक्तूबर को मतदान हुआ और 2 नवंबर को परिणाम आया। इसमें अभय सिंह चौटाला विजयी घोषित हुए। कांग्रेस के उम्मीदवार पवन बैनीवाल की जमानत भी जब्त हो गई। ऐसे में अब कांग्रेस की ऑल इंडिया कमेटी के महासचिव केसी वेणूगोपाल ने पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि चुनाव परिणाम पर मंथन करके रिपोर्ट भेजें। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि आठ प्वाइंट पर चुनाव परिणाम का मंथन करें।
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इन बिंदुओं पर मंथन करेगी पार्टी
- उपचुनाव का कारण क्या रहा।
- उम्मीदवार का चयन कैसे हुआ और कौन था।
- चुनाव अभियान कैसे चला और चुनाव प्रबंधन कैसा रहा।
- चुनाव परिणाम पर गठबंधन का क्या प्रभाव रहा।
- हमारे परिणामों पर अन्य राजनीतिक दलों की कैसे भूमिका रही।
- पार्टी के चुनाव परिणाम पर विश्लेषण करें।
- राज्य के राजनीतिक संदर्भ में परिणाम का क्या और कैसा प्रभाव रहेगा।
गुटबाजी रही हावी : टिकट कटने से नाराज दिखे समर्थक
ऐलनाबाद विधानसभा पर उपचुनाव की घोषणा होते ही सबसे प्रबल दावेदार पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल ने अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया था। टिकट को लेकर भी वे पूरी तरह आश्वस्त थे लेकिन कुछ दिन पूर्व पार्टी में शामिल हुए पवन बैनीवाल को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया। इस पर पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल टिकट कटने से नाराज हो गए। हालांकि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने उन्हें मनाया भी और लंबी जद्दोजहद के बाद भरत सिंह बैनीवाल प्रचार के लिए आए। केवल एक दिन के लिए वे फील्ड में उतरे लेकिन इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। पार्टी सूत्र बताते हैं कि अचानक हुए फेरबदल से उनके समर्थक नाराज हो गए और इसी कारण इस स्थिति का सामना पार्टी उम्मीदवार को करना पड़ा।
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