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Sirsa News: विवाह पंजीकरण के लिए मांगी रिश्वत तो की शिकायत
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ऐलनाबाद। शहर की तहसील परिसर में स्थित ई-दिशा केंद्र में नियुक्त जूनियर प्रोग्रामर की ओर से विवाह पंजीकरण करने की एवज में शादी के लड्डुओं की मांग करना लोगों में चर्चा का विषय बन चुका है। उक्त कर्मचारी का विवाह पंजीकरण के लिए सुविधा शुल्क मांगने का नया तरीका है। सुविधा शुल्क नहीं देने पर उक्त कर्मचारी की ओर से फाइलें रोक दी जाती हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
उक्त कर्मचारी से परेशान एक पीड़ित ने एसडीएम, अन्य उच्चाधिकारियों व मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। पीड़ित व्यक्ति धर्मवीर ने बताया कि उसने अपने मामा के लड़कों व लड़कियों के विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। इसमें ई-दिशा के उक्त कर्मचारी की ओर से चार फाइलों को मंजूर कर दिया और एक फाइल को दस्तावेज अपलोड नहीं होने बहाना करके रोक दिया। जब पीड़ित ने बार-बार जाकर फाइल को मंजूर करने को कहा तो उक्त कर्मचारी ने पांचों फाइलों को मंजूर करने की एवज में शादी के लड्डू यानि सुविधा शुल्क की मांग की और धमकी दी कि अगर डिमांड पूरी नहीं की तो फाइल लटका दूंगा और समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत अनुसूचित जाति को मिलने वाली सुविधा राशि में अड़चन लगा दूंगा।
उक्त कर्मचारी ने निर्धारित छह माह का समय निकालने के बाद विवाह पंजीकरण की फाइल को गत 13 फरवरी 2025 को मंजूर कर दिया। पीड़ित ने बताया कि अब वह समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ उठा पाएगा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि ई-दिशा कर्मचारी ने रिश्वत के चक्कर में जानबूझकर उसका नुकसान किया है।
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-- -- -- -- -- मेरे पास अभी डबल चार्ज आया है। इसमें ऐलनाबाद का चार्ज भी मेरे पास है और इस मामले में शिकायतकर्ता और कर्मचारी को बुलाकर मामले की जांच की जाएगी। इसके बाद अगर कर्मचारी की गलती पाई जाती है, तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-- अर्पित संगल, उपमंडल अधिकारी नागरिक, ऐलनाबाद।
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उक्त कर्मचारी से परेशान एक पीड़ित ने एसडीएम, अन्य उच्चाधिकारियों व मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। पीड़ित व्यक्ति धर्मवीर ने बताया कि उसने अपने मामा के लड़कों व लड़कियों के विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। इसमें ई-दिशा के उक्त कर्मचारी की ओर से चार फाइलों को मंजूर कर दिया और एक फाइल को दस्तावेज अपलोड नहीं होने बहाना करके रोक दिया। जब पीड़ित ने बार-बार जाकर फाइल को मंजूर करने को कहा तो उक्त कर्मचारी ने पांचों फाइलों को मंजूर करने की एवज में शादी के लड्डू यानि सुविधा शुल्क की मांग की और धमकी दी कि अगर डिमांड पूरी नहीं की तो फाइल लटका दूंगा और समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत अनुसूचित जाति को मिलने वाली सुविधा राशि में अड़चन लगा दूंगा।
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उक्त कर्मचारी ने निर्धारित छह माह का समय निकालने के बाद विवाह पंजीकरण की फाइल को गत 13 फरवरी 2025 को मंजूर कर दिया। पीड़ित ने बताया कि अब वह समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ उठा पाएगा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि ई-दिशा कर्मचारी ने रिश्वत के चक्कर में जानबूझकर उसका नुकसान किया है।
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