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Sirsa News: राजकीय स्कूलों में गठित होगी साझी सभा, 50 फीसदी महिलाओं का होना अनिवार्य नहीं
Sat, 15 Jul 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:34 PM IST
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कलस्टर फूलकां में स्कूल मुखियाओं को प्रशिक्षण देते एबीआरसी व बीआरपी और मॉनिटरिंग करते एपीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राजकीय स्कूलों में नई एसएमसी यानी स्कूल प्रबंधन समिति का गठन 17 से 22 जुलाई के बीच किया जाएगा। इस बार कमेटी को नया नाम साझी सभा दिया गया है। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला परियोजना समंवयक व खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस बाद साझी सभा में महिलाओं की भागीदारी 50 फीसदी होना अनिवार्य नहीं है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एसएमसी के गठन के लिए मानक भी तय किए गए हैं। हर दो साल के बाद स्कूलों में कमेटी का गठन किया जाता है। इससे पहले वर्ष 2021 में कमेटी का गठन किया गया था। इनका जुलाई 2023 में कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसलिए इस वर्ष स्कूल स्तर पर एसएमसी का पुनर्गठन किया जाएगा। एसएमसी कमेटी के गठन में चार मेंबर कॉमन होंगे। इसमें हर स्कूल से 2 शिक्षक, 1 गांव पढ़ा लिखा व्यक्ति शिक्षाविद व एक मेंबर सरपंच, पंच, नगर परिषद व नगर पालिका का मेंबर होगा। इस कमेटी में से 8 सदस्य विद्यार्थियों के अभिभावक होंगे।
इस प्रकार चुने जाएंगे मेंबर
विद्यार्थी संख्या, मेंबर संख्या
- 1 से 300 विद्यार्थी, 12 सदस्य
- 300 से 500 विद्यार्थी, 16 सदस्य
- 500 या इससे अधिक विद्यार्थी, 20 सदस्य
ये कमेटी बनाने का उद्देश्य
इन सभी समितियों के माध्यम से ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सारी गतिविधियों का विद्यालय स्तर आयोजन किया जा रहा है। समिति में विद्यालय से जुड़े सभी लोगों के प्रतिनिधियों को रखा जाता है। इनका उद्देश्य मिलकर विद्यालय की समस्याओं को पहचानना व सुधार करवाना होता है। इस कमेटी के माध्यम से ही स्कूलों में होने वाले सभी प्रकार के कार्य होंगे।
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कमेटी गठन में इस बार ये किया गया है बदलाव
पहले गठित की गई कमेटी में 9, 13 व 17 मेंबर होते थे, लेकिन इस बार कमेटी गठन में 8, 12 व 16 मेंबर गठित किए जाने है। पहले कमेटी में 50 फीसदी महिलाओं को रखना जरूरी होता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस बार कमेटी में उन अभिभावकों का ही गठन किया जाएगा जो काबिल होगा और स्कूलों द्वारा किए जाने वाले कार्यों में रूचि दिखाएगा।
3 चरणों में होगा कमेटी का गठन
इस बार कमेटी का गठन तीन चरणों में होगा। जिस दिन साझी सभा रखी जाएगी। उससे तीन दिन पहले दिन मेंबर 2 स्कूल के शिक्षक व एक पंचायत, पंच, नगर परिषद व पालिका के मेंबर का चयन किया जाएगा। वहीं जिस दिन सांझी सभा रखी जाएगी उस दिन अभिभावकों का चयन कमेटी के लिए किया जाएगा। वहीं साझी सभा होने के बाद एक सप्ताह के अंदर शिक्षाविद का गठन किया जाएगा। वहीं इसी दिन कमेटी में से ही प्रधान, उपप्रधान, सचिव व अन्य पदों को भी चुन लिया जाएगा।
वर्जन
जिला के सरकारी स्कूलों में एसएमसी कमेटियों का गठन किया जाना है। इन कमेटियों को गठन 17 से 22 जुलाई के बीच किया जाएगा। इन कमेटियों के माध्यम से ही स्कूलों में काम करवाए जाएंगे।-- - सहीराम चाहर, परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।
वर्जन
इस बार कमेटी गठन में कुछ बदलाव भी किया गया। प्रत्येक कमेटी में से एक मेंबर को कम कर दिया गया। 50 फीसदी महिला वाली शर्त को भी हटा दिया गया। सभी स्कूलों में कमेटी गठन को लेकर बैठकें आयोजित की जा रही है। जिसकी समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है।-- - नरेंद्र सिंह शम्मी, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।
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सिरसा। राजकीय स्कूलों में नई एसएमसी यानी स्कूल प्रबंधन समिति का गठन 17 से 22 जुलाई के बीच किया जाएगा। इस बार कमेटी को नया नाम साझी सभा दिया गया है। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला परियोजना समंवयक व खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस बाद साझी सभा में महिलाओं की भागीदारी 50 फीसदी होना अनिवार्य नहीं है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एसएमसी के गठन के लिए मानक भी तय किए गए हैं। हर दो साल के बाद स्कूलों में कमेटी का गठन किया जाता है। इससे पहले वर्ष 2021 में कमेटी का गठन किया गया था। इनका जुलाई 2023 में कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसलिए इस वर्ष स्कूल स्तर पर एसएमसी का पुनर्गठन किया जाएगा। एसएमसी कमेटी के गठन में चार मेंबर कॉमन होंगे। इसमें हर स्कूल से 2 शिक्षक, 1 गांव पढ़ा लिखा व्यक्ति शिक्षाविद व एक मेंबर सरपंच, पंच, नगर परिषद व नगर पालिका का मेंबर होगा। इस कमेटी में से 8 सदस्य विद्यार्थियों के अभिभावक होंगे।
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इस प्रकार चुने जाएंगे मेंबर
विद्यार्थी संख्या, मेंबर संख्या
- 1 से 300 विद्यार्थी, 12 सदस्य
- 300 से 500 विद्यार्थी, 16 सदस्य
- 500 या इससे अधिक विद्यार्थी, 20 सदस्य
ये कमेटी बनाने का उद्देश्य
इन सभी समितियों के माध्यम से ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सारी गतिविधियों का विद्यालय स्तर आयोजन किया जा रहा है। समिति में विद्यालय से जुड़े सभी लोगों के प्रतिनिधियों को रखा जाता है। इनका उद्देश्य मिलकर विद्यालय की समस्याओं को पहचानना व सुधार करवाना होता है। इस कमेटी के माध्यम से ही स्कूलों में होने वाले सभी प्रकार के कार्य होंगे।
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कमेटी गठन में इस बार ये किया गया है बदलाव
पहले गठित की गई कमेटी में 9, 13 व 17 मेंबर होते थे, लेकिन इस बार कमेटी गठन में 8, 12 व 16 मेंबर गठित किए जाने है। पहले कमेटी में 50 फीसदी महिलाओं को रखना जरूरी होता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस बार कमेटी में उन अभिभावकों का ही गठन किया जाएगा जो काबिल होगा और स्कूलों द्वारा किए जाने वाले कार्यों में रूचि दिखाएगा।
3 चरणों में होगा कमेटी का गठन
इस बार कमेटी का गठन तीन चरणों में होगा। जिस दिन साझी सभा रखी जाएगी। उससे तीन दिन पहले दिन मेंबर 2 स्कूल के शिक्षक व एक पंचायत, पंच, नगर परिषद व पालिका के मेंबर का चयन किया जाएगा। वहीं जिस दिन सांझी सभा रखी जाएगी उस दिन अभिभावकों का चयन कमेटी के लिए किया जाएगा। वहीं साझी सभा होने के बाद एक सप्ताह के अंदर शिक्षाविद का गठन किया जाएगा। वहीं इसी दिन कमेटी में से ही प्रधान, उपप्रधान, सचिव व अन्य पदों को भी चुन लिया जाएगा।
वर्जन
जिला के सरकारी स्कूलों में एसएमसी कमेटियों का गठन किया जाना है। इन कमेटियों को गठन 17 से 22 जुलाई के बीच किया जाएगा। इन कमेटियों के माध्यम से ही स्कूलों में काम करवाए जाएंगे।
वर्जन
इस बार कमेटी गठन में कुछ बदलाव भी किया गया। प्रत्येक कमेटी में से एक मेंबर को कम कर दिया गया। 50 फीसदी महिला वाली शर्त को भी हटा दिया गया। सभी स्कूलों में कमेटी गठन को लेकर बैठकें आयोजित की जा रही है। जिसकी समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है।