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Sirsa News: ठेका प्रथा से हटाए सफाई कर्मचारियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर दिया अनिश्चितकालीन धरना
Mon, 09 Jun 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:45 PM IST
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एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी।
डबवाली। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा उन्हें काम से हटाए जाने के बाद सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ठेकेदार द्वारा न केवल उनका वेतन कम और देर से दिया जा रहा था, बल्कि बकाया पीएफ राशि भी नहीं दी जा रही थी।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को समाप्त कर सरकार से नियमित सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की। डबवाली नगर परिषद में ठेके पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। यह धरना तब शुरू हुआ जब नगर परिषद के ठेकेदार ने सफाई कर्मचारियों को बिना किसी कारण के काम से हटा दिया। जानकारी के अनुसार इन कर्मचारियों ने पहले ठेकेदार के खिलाफ मानदेय की कम राशि और समय पर न मिलने की शिकायत की थी, जिसके बाद ठेकेदार ने उन्हें काम से निकाल दिया।
धरने में शामिल सफाई कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार उन्हें केवल 7,000 रुपये मासिक वेतन देता था, जो उनकी कठिन मेहनत और शहर की सफाई व्यवस्था के मुकाबले बहुत कम था। वेतन की राशि देर से मिलती थी और कभी-कभी तो पीएफ व अन्य बकाया राशि भी नहीं दी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई कर्मचारी आवाज उठाता था तो उसे काम से निकालने की धमकी दी जाती थी।
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इस मौके पर ठेका प्रथा सफाई कर्मचारी यूनियन की प्रधान सपना, उपप्रधान रविन्द्र कुमार पुहाल, टिश्यू पुहाल, रघुवीर चन्द, मोनिका, शुभम, चिनू और अन्य कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि ठेके प्रथा को बंद किया जाए और सफाई कर्मचारियों को नियमित तौर पर नियुक्त किया जाए।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था के लिए ठेकेदार को ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार ने स्वयं ही इसे रद्द करवा दिया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का नगर परिषद से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वे केवल ठेकेदार के द्वारा नियुक्त किए गए थे।
कर्मचारी की प्रमुख मांगें
ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।
सफाई कर्मचारियों को नियमित नियुक्त किया जाए।
बकाया राशि, पीएफ और अन्य वित्तीय देनदारियां तुरंत जारी की जाए।
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धरने के दौरान कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को समाप्त कर सरकार से नियमित सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की। डबवाली नगर परिषद में ठेके पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। यह धरना तब शुरू हुआ जब नगर परिषद के ठेकेदार ने सफाई कर्मचारियों को बिना किसी कारण के काम से हटा दिया। जानकारी के अनुसार इन कर्मचारियों ने पहले ठेकेदार के खिलाफ मानदेय की कम राशि और समय पर न मिलने की शिकायत की थी, जिसके बाद ठेकेदार ने उन्हें काम से निकाल दिया।
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धरने में शामिल सफाई कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार उन्हें केवल 7,000 रुपये मासिक वेतन देता था, जो उनकी कठिन मेहनत और शहर की सफाई व्यवस्था के मुकाबले बहुत कम था। वेतन की राशि देर से मिलती थी और कभी-कभी तो पीएफ व अन्य बकाया राशि भी नहीं दी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई कर्मचारी आवाज उठाता था तो उसे काम से निकालने की धमकी दी जाती थी।
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इस मौके पर ठेका प्रथा सफाई कर्मचारी यूनियन की प्रधान सपना, उपप्रधान रविन्द्र कुमार पुहाल, टिश्यू पुहाल, रघुवीर चन्द, मोनिका, शुभम, चिनू और अन्य कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि ठेके प्रथा को बंद किया जाए और सफाई कर्मचारियों को नियमित तौर पर नियुक्त किया जाए।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था के लिए ठेकेदार को ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार ने स्वयं ही इसे रद्द करवा दिया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का नगर परिषद से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वे केवल ठेकेदार के द्वारा नियुक्त किए गए थे।
कर्मचारी की प्रमुख मांगें
ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।
सफाई कर्मचारियों को नियमित नियुक्त किया जाए।
बकाया राशि, पीएफ और अन्य वित्तीय देनदारियां तुरंत जारी की जाए।