फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   civic,issuse,sirsa news

12 वार्डों में 67 गलियों के टेंडर लगाने पर पार्षदों और चेयरपर्सन में हुई बहस

Fri, 25 Jun 2021 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:03 PM IST
विज्ञापन
civic,issuse,sirsa news
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को पार्षदों ने 22 जून को लगाए 67 गलियों के टेंडर के विरोध में नारेबाजी कर दी। पार्षदों ने नप चेयरपर्सन पर हलोपा पार्षदों व उनके गुट के पार्षदों के ही वार्डों के टेंडर लगाने के आरोप लगाए। चेयरपर्सन ने आरोपों को नकारा, परंतु भाजपा व विकास जैन गुट के पार्षदों ने नारेबाजी की। नारेबाजी के बीच चेयरपर्सन रीना सेठी अपनी गाड़ी में बैठकर चली गई। भाजपा व विपक्षी पार्षदों ने कार्यकारी अभियंता को एक मांग पत्र सौंपा और कहा कि यदि टेंडर में सभी वार्डों की गलियों को शामिल नहीं किया गया तो पार्षद नप कार्यालय में धरना देंगे।
विज्ञापन

बता दें कि नगर परिषद की एमई शाखा ने 22 जून को 12 वार्डों की 67 गलियों के टेंडर लगाए। इनमें से सबसे ज्यादा वार्ड दो की 18 गलियां, वार्ड सात की नौ, वार्ड 17 की सात गलियां, वार्ड 21 की नौ गलियां, वार्ड 31 की 12 गलियां, वार्ड एक की एक, वार्ड चार की एक, वार्ड पांच की दो, वार्ड 19 की एक, वार्ड नौ में एक, वार्ड 11 की चार और वार्ड 22 की एक गली का टेंडर लगाया गया। विकास जैन गुट और भाजपा पार्षदों को शुक्रवार को जैसे ही इन टेंडर की सूचना मिली तो वे नप कार्यालय में पहुंच गए। भाजपा पार्षद कौशल्या वर्मा, विकास गुज्जर, विकास जैन, जगजीत गिंदू ने पहले कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल से मिले।
विज्ञापन

कार्यकारी अभियंता ने कहा कि इस संबंध में आपको चेयरपर्सन से बात करनी चाहिए। पार्षदों को चेयरपर्सन रीना सेठी के आने की सूचना मिली। इसी बीच भाजपा पार्षद नारायण पाल, पार्षद प्रतिनिधि सुनील बामनियां भी नप कार्यालय में पहुंच गए। पार्षदों ने चेयरपर्सन रीना सेठी से कहा कि पहले सभी 31 वार्डों के पार्षदों से पांच पांच गलियों के नाम मांगे गए थे। परंतु अब केवल 12 वार्डों के ही गलियों के टेंडर लगाए गए। 19 वार्डों की अपेक्षा की गई। चेयरपर्सन रीना सेठी ने कहा कि टेंडर लगाने की प्रक्रिया की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल को फोन किया तो उन्होंने कहा कि वह अभी एक घंटे बाद आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों पक्षों में हुई बहस बाजी
चेयरपर्सन को किसी कार्यक्रम में शामिल होना था। वे उठकर जाने लगी तो भाजपा पार्षद प्रतिनिधि सुनील बामनियां, नारायणपाल, विकास जैन, विकास गुज्जर और कौशल्या वर्मा ने कहा कि वे उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। विकास जैन ने कहा कि आपने केवल हलोपा और अपने समर्थक पार्षदों के टेंडर लगाए है, जोकि गलत है। खुद गोपाल कांडा उनके वार्ड से विधायक है, परंतु उनके वार्ड में एक भी गली का टेंडर नहीं लगाया गया। चेयरपर्सन ने कहा कि मैंने कार्यकारी अभियंता को बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए।
पार्षद कौशल्या वर्मा को कहा कि आप ही कहती थी कि कार्यकारी अभियंता का पद चेयरपर्सन से बड़ा होता है, इसलिए वे बड़े हैं, नहीं आए। मैं उन्हें नहीं बुला सकती। तभी पार्षद सुनील बामनियां ने कहा कि आप पूरे शहर की चेयरपर्सन है, न की हलोपा पार्षदों की। सभी वार्डों का समान विकास होना चाहिए। इस पर चेयरपर्सन ने कहा कि वह सभी वार्डों का सामान विकास करवा रही है। परंतु कुछ वार्डों में पहले काम नहीं हुए थे, इसलिए उन वार्डों में गलियों के टेंडर लगाए गए। अगली बारी में उन गलियों के टेंडर लग जाएंगे जो कि रह गई है। भाजपा पार्षद व विकास जैन गुट के पार्षद चेयरपर्सन के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। चेयरपर्सन रीना सेठी ने कहा कि उन्हें किसी कार्यक्रम में शामिल होना है, इसलिए वे जा रही है। जैसे ही वे निकलने लगी तो भाजपा पार्षदों व विकास जैन गुट के पार्षदों ने उनके खिलाफ नारेबाजी कर दी। पार्षदों ने चेयरपर्सन को मिलने वाली सरकारी गाड़ी अपने समर्थकों के लिए प्रयोग करने के आरोप लगाए।
कार्यकारी अभियंता को सौंपा मांग पत्र
पार्षदों द्वारा नप कार्यालय में नारेबाजी होने के बाद कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल ने पार्षदों से बातचीत की। विकास जैन ने कार्यकारी अभियंता को लिखित में मांग पत्र देते हुए कहा कि ये टेंडर रद्द किए जाएं और पूरे शहर के वार्डों के टेंडर एक साथ लगाए जाएं। अन्यथा वे जिला नगर आयुक्त को मिलेंगे, यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो कमेटी में धरना दिया जाएगा।
पार्षदों ने की ओछी राजनीति : रीना सेठी
कुछ समय पहले नौ करोड़ के टेंडर लगाए गए थे, उसमें वार्ड एक, नौ, 11 और वार्ड 15 की गलियों के टेंडर शामिल किए गए थे। वार्ड दो, सात, 17 और 31 में दूसरे वार्डों की तुलना में काम कम हुआ है। शहर के 28 करोड़ रुपये का ड्रेनिंग सिस्टम का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है, फंड उस पर भी खर्च किया जाना है। फंड की कमी के कारण एक साथ पूरे शहर के वार्ड की गलियों के टेंडर नहीं लगाए गए। इससे पहले भी 250 गलियों के टेंडर लगे थे। कुछ पार्षद ओछी राजनीति करने नगर परिषद में आए थे। यदि वे पहले बताकर आते तो मैं उन्हें पूरा समय देती, परंतु मुझे किसी कार्यक्रम में जाना था, इसलिए चली गई। पार्षदों ने चेयरपर्सन पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा।

- रीना सेठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद सिरसा।
फंड की कमी के कारण एक साथ पूरे शहर की गलियों के टेंडर नहीं लगाए जा सकते थे। इसलिए कुछ गलियों के टेंडर लगाए गए थे। साथ ही बरसाती सीजन है, सभी गलियां उखाड़ी जाती तो बन नहीं पाती।
- अजय पंघाल, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed