{"_id":"645fc2b455680fef0a0a2126","slug":"chief-minister-will-come-tomorrow-there-is-hope-of-development-in-the-people-of-rani-sirsa-news-c-21-hsr1011-132510-2023-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: मुख्यमंत्री आएंगे कल, रानियां के लोगों मेंं विकास की आस जगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: मुख्यमंत्री आएंगे कल, रानियां के लोगों मेंं विकास की आस जगी
Sat, 13 May 2023 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 13 May 2023 10:32 PM IST
विज्ञापन
बस स्टैंड व तहसील परिसर का दृश्य।
रानियां (सिरसा)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जनसंवाद के लिए 15 मई को रानियां हलके के गांव बणी, संतनगर और ओटू में लोगों से रू-ब-रू होंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से रानियांवासियों को बड़ी उम्मीदें हैं।
रानियां को उपमंडल का दर्जा देने, ओटू झील को विकसित करके टूरिस्ट हब बनाने, बस स्टैंड को रोडवेज का सब डिपो बनाने, रानियां को रेलमार्ग से जोड़ने, हुड्डा की तर्ज पर आवासीय सेक्टर विकसित करने, रानियां शहर में नहरी वाटर की सप्लाई सहित अनेकों जरूरी मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। हर बार चुनाव में इन वादों को पूरा करने का आश्वासन दिया जाता है। इनमें सबसे जरूरी सब डिविजन का मुद्दा है। हालांकि अब तो रानियां की हिस्सेदारी सरकार में है। रानियां से निर्दलीय विधायक चौधरी रणजीत सिंह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। चौधर रानियां के पास होते हुए रानियां विकास से कोसों दूर खड़ा है। तीन दिन पहले सरकार ने प्रदेश में 6 नए उपमंडल बनाने की घोषणा की है, लेकिन उसमें रानियां का नाम नहीं आया है। इससे पूर्व, सितंबर माह में प्रदेश सरकार ने 8 नए उपमंडल बनाए, उसमें भी रानियां को शामिल नहीं किया गया।
ओटू झील विकसित करके टूरिज्म हब बनाने, ओटू झील के निर्माण और टूरिज्म विभाग की जमीन पर टूरिस्ट हब बनाने की मांग महत्वपूर्ण है। कई साल पहले सरकार ने ओटू झील के लिए मिट्टी की खोदाई का कार्य शुरू भी करवाया। इसके बाद फिर मामला अटक गया। ओटू झील की पूरी 1200 एकड़ जमीन को कम से कम 20 फुट खोदाई की जाए, गांव धनूर के पास जहां झील का अंतिम छोर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रानियां को उपमंडल का दर्जा देने, ओटू झील को विकसित करके टूरिस्ट हब बनाने, बस स्टैंड को रोडवेज का सब डिपो बनाने, रानियां को रेलमार्ग से जोड़ने, हुड्डा की तर्ज पर आवासीय सेक्टर विकसित करने, रानियां शहर में नहरी वाटर की सप्लाई सहित अनेकों जरूरी मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। हर बार चुनाव में इन वादों को पूरा करने का आश्वासन दिया जाता है। इनमें सबसे जरूरी सब डिविजन का मुद्दा है। हालांकि अब तो रानियां की हिस्सेदारी सरकार में है। रानियां से निर्दलीय विधायक चौधरी रणजीत सिंह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। चौधर रानियां के पास होते हुए रानियां विकास से कोसों दूर खड़ा है। तीन दिन पहले सरकार ने प्रदेश में 6 नए उपमंडल बनाने की घोषणा की है, लेकिन उसमें रानियां का नाम नहीं आया है। इससे पूर्व, सितंबर माह में प्रदेश सरकार ने 8 नए उपमंडल बनाए, उसमें भी रानियां को शामिल नहीं किया गया।
विज्ञापन
ओटू झील विकसित करके टूरिज्म हब बनाने, ओटू झील के निर्माण और टूरिज्म विभाग की जमीन पर टूरिस्ट हब बनाने की मांग महत्वपूर्ण है। कई साल पहले सरकार ने ओटू झील के लिए मिट्टी की खोदाई का कार्य शुरू भी करवाया। इसके बाद फिर मामला अटक गया। ओटू झील की पूरी 1200 एकड़ जमीन को कम से कम 20 फुट खोदाई की जाए, गांव धनूर के पास जहां झील का अंतिम छोर है।
विज्ञापन