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रघुवाना में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे का मामला : चार घंटे चली बैठक बेनतीजा, बीच में ही बाहर आई पंचायत

Sat, 08 Apr 2023 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 08 Apr 2023 11:16 PM IST
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Case of illegal possession of panchayat land in Raghuvana: the meeting lasted for four hours, the panchayat came out in the middle
बडागुढ़ा थाना में बैठक छोड़कर बाहर आए पंचायत के सदस्य।   संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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बडागुढ़ा। गांव रघुआना में 18 एकड़ पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा कर फसल बोने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर शनिवार को बडागुढ़ा थाना में दो डीएसपी की मौजूदगी में तीन विभागों, गांव की पंचायत व दूसरे पक्षों की करीब चार घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। पंचायत के लोग बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गए।
डीएसपी ने पंचायत सदस्यों को बैठक के लिए दोबारा अंदर बुलाया, लेकिन सरपंच व अन्य सभी लोग यह कहकर निकल गए कि पंचायती भूमि पर से वे कब्जाधारियों को किसी भी सूरत में गेहूं नहीं काटने देंगे। अगर इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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इस मामले में शनिवार को प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायत को जमीन का कब्जा दिलवाना था। इसके लिए पुलिस फोर्स तथा पंचायत विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारी तो पहुंच गए, लेकिन पूर्व की भांति इस बार भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के न पहुंचने के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे पहले भी 2 बार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के न पहुंचने पर कब्जा कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इसी बीच कब्जाधारी लोगों ने 18 एकड़ में से तीन एकड़ जौ की फसल भी निकाल ली। इसके चलते ग्राम पंचायत ने बीते शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय व पुलिस थाने में पहुंचकर काफी समय तक हंगामा किया। जिसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को कब्जा कार्रवाई की बात कही थी। शनिवार सुबह मैसेज आया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट छुट्टी पर हैं।
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सरपंच बोली- अधिकारी बना रहे हैं दबाव
डीएसपी सिरसा धर्मवीर सिंह व डीएसपी डबवाली कुलदीप बैनीवाल ने दोनों पक्षों को बैठक के लिए थाने में बुलाया। पंचायत विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान गांव की पंचायत बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गई। सरपंच ने आरोप लगाया कि उन्हें तो कब्जा कार्रवाई के तहत थाने में बुलाया गया था, लेकिन अधिकारी कार्रवाई के बजाय उल्टा उन्हीं पर दबाव बना रहे हैं। सरपंच गुरमीत कौर व पंच जगसीर सिंह, सुखप्रीत सिंह, संदीप, अजय, जगवीर, अमनदीप कौर व मनप्रीत कौर सहित अन्य लोगों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी कब्जाधारी पक्ष के एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा डलवाए गए राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि 18 एकड़ भूमि व उस पर खड़ी फसल पंचायत की मलकियत है। अधिकारी कब्जाधारियों को फसल कटवाना चाहते हैं, लेकिन पंचायत किसी भी सूरत में कब्जाधारियों को गेहूं नहीं काटने देगी।

कहीं बड़ा विवाद न हो जाए
सरपंच गुरमीत कौर ने कहा कि कब्जाधारी पक्ष के लोग तीन एकड़ में फसल काटने की वीडियो बनाकर स्टेटस डालते हुए न केवल मामले को भड़का रहे हैं बल्कि उनके खिलाफ अभद्र शब्दावली का भी प्रयोग कर रहे हैं। पंचायत का कहना है उक्त भूमि पंचायत की है और उस पर खड़ी फसल भी पंचायत की ही मलकियत है। लेकिन एक प्रभावशाली व्यक्ति की शय पाकर गांव के 11 लोगों ने उक्त भूमि पर कब्जा कर रखा है। पंचायत का कहना है कि वे कब्जाधारियों को फसल नहीं काटने देंगे। ऐसे में प्रशासन की अनदेखी बड़े विवाद का कारण भी बन सकती है। इस मामले के चलते गांव में अशांति का माहौल बना हुआ है। पुलिस, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से कतराते नजर आ रहे हैं। वहीं जब इस मामले में कब्जाधारी पक्ष से बात करनी चाही तो वे चुप्पी साधकर वहां से निकल गए। पुलिस ने जब कार्रवाई पर हस्ताक्षर के लिए बुलाया तो कब्जाधारी पक्ष ने तो हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन पंचायत वहां से निकल गई। ये मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई 10 अप्रैल को होनी है।
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डीएसपी बोले : ये कोई बड़ी बात नहीं, बस आम पंचायत ही थी
डीएसपी धर्मवीर सिंह से पूरे मामले बारे पूछा गया तो उन्होंने पहले तो ये कहा कि ये कोई बड़ी बात नहीं, बस आम पंचायत बुलाई गई थी। फिर उन्होंने विवाद के सवाल पर एसएचओ से बात करने का कहकर चुप्पी साध ली और गाड़ी में बैठकर निकल गए। पंचायत व राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी भी कुछ न कहकर निकल गए।

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वर्जन
डयूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती कर पुलिस बल की मांग की गई थी। कार्रवाई के लिए फोर्स तैयार थी, लेकिन डयूटी मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे। इसके लिए हमने रपट दर्ज कर दी है। इस मामले में 10 अप्रैल को न्यायालय में सुनवाई है। तब तक दोनों पक्षों को फसल व जमीन में दखलंदाजी न करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों व न्यायालय की ओर से जो भी आदेश आते हैं उनका पालन किया जाएगा।-- काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी (बडागुढ़ा)।
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