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Sirsa News: रैली में पराली न जलाने का किया आह्वान
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सिरसा।राजकीय स्कूल के बच्चे पराली न जलाने को लेकर जागरूक करते हुए। सूचना विभाग
सिरसा। पराली में आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमें फील्ड में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद स्थापित कर रहे हैं और उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा स्कूली बच्चों द्वारा भी मोचीवाली, नानकपुर आदि गांवों में जागरूकता रैली के माध्यम से पराली न जलाने का आह्वान किया गया। कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि वीरवार को टीमों ने गांव बग्गुवाली, खतरावां, दौलतपुरखेड़ा, रत्ताखेड़ा, मलड़ी, झोरड़नाली, जीवन नगर, करीवाला, केवल, मल्लेवाला, मंगाला, नौरंग, मल्लेकां और प्रतापगढ़ में ग्रामीणों को पराली प्रबंधन के फायदों के बारे में जागरूक किया।
कृषि विभाग की टीमें किसानों को पराली से खाद, चारा, गांठे बनाकर बेचने जैसे उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, ताकि पर्यावरण को होने वाले प्रदूषण से बचाव किया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें और सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं। प्रदेश सरकार पराली प्रबंधन के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। बहुत से किसान पराली प्रबंधन कर रहे हैं। विभाग की ओर से सुपर सीडर व बेलर पर भी सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है।
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इसके अलावा स्कूली बच्चों द्वारा भी मोचीवाली, नानकपुर आदि गांवों में जागरूकता रैली के माध्यम से पराली न जलाने का आह्वान किया गया। कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि वीरवार को टीमों ने गांव बग्गुवाली, खतरावां, दौलतपुरखेड़ा, रत्ताखेड़ा, मलड़ी, झोरड़नाली, जीवन नगर, करीवाला, केवल, मल्लेवाला, मंगाला, नौरंग, मल्लेकां और प्रतापगढ़ में ग्रामीणों को पराली प्रबंधन के फायदों के बारे में जागरूक किया।
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कृषि विभाग की टीमें किसानों को पराली से खाद, चारा, गांठे बनाकर बेचने जैसे उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, ताकि पर्यावरण को होने वाले प्रदूषण से बचाव किया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें और सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं। प्रदेश सरकार पराली प्रबंधन के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। बहुत से किसान पराली प्रबंधन कर रहे हैं। विभाग की ओर से सुपर सीडर व बेलर पर भी सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है।
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