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बसें चलीं तो मिली राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 08 Sep 2014 11:42 PM IST
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सोमवार को रोडवेज बसें चलने से लोगों ने राहत की सांस ली। रोडवेज की हड़ताल सुबह 11 बजे तक रही। हालांकि सुबह के समय रोडवेज बसें न चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्राइवेट वाहनों और बसों ने जमकर चांदी लूटी। रेलवे के भी पौ बारह रहे। टिकट घर पर यात्रियों की खासी भीड़ रही। टिकट के चक्कर में कई यात्रियों की ट्रेन छूटी, तो कई बिना टिकट के ही ट्रेन चलने पर चढ़ गए।
रोडवेज को दो दिनों में करीब दस लाख का घाटा हुआ है। रोडवेज डिपो में 165 बसें रोजाना चलती हैं। सुबह 11 बजे तक एक भी बस बाहर नहीं निकली। हड़ताल खत्म होने के बाद रोडवेज ने अपनी बसें निकाली।
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ट्रैफिक पुलिस ने ली राहत
रोडवेज की हड़ताल खुलने से सबसे ज्यादा राहत ट्रैफिक पुलिस और वाहन चालकों को मिली। हड़ताल के कारण बस स्टैंड रोड पर प्राइवेट बस चालक मनमाने ढंग से बसें खड़ी कर रहे थे और रोडवेज की सवारियां बस स्टैंड में न जाकर बस अड्डे के बाहर से बसें पकड़ते थे। ऐसे में रोड़ पर जाम जैसी स्थिति बन जाती थी।
रेलवे स्टेशनों पर रही भीड़
सोमवार को भी रेलवे स्टेशनों पर भीड़ रही। किसान एक्सप्रेस, सिरसा एक्सप्रेक्स और बटिंडा की ओर जाने वाली गाड़ियों में भीड़ देखी गई।
हालांकि रोडवेज की हड़ताल खुलने के बाद भीड़ कुछ कम हुई। टिकट लेने वालों की लाइन सुबह से नहीं टूटी। रेलवे की ओर से टिकट लेने के लिए एक ही विंडो खुलने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
सिरसा रोडवेज के जीएम सुरेश कस्वां ने बताया कि सुबह 11 बजे तक हड़ताल रही। 11 बजे से पहले चलने वाली लंबे रूट की बसें नहीं चल पाईं।
फिर भी 10 बजे तक चलने वाली लंबे रूट की बसों को चलाया गया। दो दिनों में करीब दस लाख का नुकसान हुआ है। मंगलवार से बसें सामान्य तौर पर चलेंगी।
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प्राइवेट वाहनों और बसों ने जमकर चांदी लूटी। रेलवे के भी पौ बारह रहे। टिकट घर पर यात्रियों की खासी भीड़ रही। टिकट के चक्कर में कई यात्रियों की ट्रेन छूटी, तो कई बिना टिकट के ही ट्रेन चलने पर चढ़ गए।
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रोडवेज को दो दिनों में करीब दस लाख का घाटा हुआ है। रोडवेज डिपो में 165 बसें रोजाना चलती हैं। सुबह 11 बजे तक एक भी बस बाहर नहीं निकली। हड़ताल खत्म होने के बाद रोडवेज ने अपनी बसें निकाली।
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ट्रैफिक पुलिस ने ली राहत
रोडवेज की हड़ताल खुलने से सबसे ज्यादा राहत ट्रैफिक पुलिस और वाहन चालकों को मिली। हड़ताल के कारण बस स्टैंड रोड पर प्राइवेट बस चालक मनमाने ढंग से बसें खड़ी कर रहे थे और रोडवेज की सवारियां बस स्टैंड में न जाकर बस अड्डे के बाहर से बसें पकड़ते थे। ऐसे में रोड़ पर जाम जैसी स्थिति बन जाती थी।
रेलवे स्टेशनों पर रही भीड़
सोमवार को भी रेलवे स्टेशनों पर भीड़ रही। किसान एक्सप्रेस, सिरसा एक्सप्रेक्स और बटिंडा की ओर जाने वाली गाड़ियों में भीड़ देखी गई।
हालांकि रोडवेज की हड़ताल खुलने के बाद भीड़ कुछ कम हुई। टिकट लेने वालों की लाइन सुबह से नहीं टूटी। रेलवे की ओर से टिकट लेने के लिए एक ही विंडो खुलने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
सिरसा रोडवेज के जीएम सुरेश कस्वां ने बताया कि सुबह 11 बजे तक हड़ताल रही। 11 बजे से पहले चलने वाली लंबे रूट की बसें नहीं चल पाईं।
फिर भी 10 बजे तक चलने वाली लंबे रूट की बसों को चलाया गया। दो दिनों में करीब दस लाख का नुकसान हुआ है। मंगलवार से बसें सामान्य तौर पर चलेंगी।