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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Bridge will be a 12-under Bathinda to Sirsa

सिरसा से बठिंडा तक बनेंगे 12 अंडर ब्रिज

Tue, 05 Aug 2014 11:59 PM IST
hisar
hisar Updated Tue, 05 Aug 2014 11:59 PM IST
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सिरसा से बठिंडा तक 12 आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसके लिए टेंडर निकालकर काम शुरू करवा दिया जाएगा। रेलवे ने फाटकों पर हो रहे हादसों को रोकने के लिए और फाटकों पर जमा होने वाली भीड़ को देखते हुए आरयूबी बनाने का फैसला लिया है। रेलवे के इस फैसले से जनता को जरूर राहत मिलेगी। लोगों की काफी समय से मांग कर रखी थी कि जिन फाटकों पर आरओबी नहीं बन सकता वहां आरयूबी बनाया जाएं। वहीं, सिरसा रेलवे स्टेशन के पास बने फाटक के लिए आरयूबी का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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सिरसा से कालांवाली तक नौ फाटकों पर आरयूबी का निर्माण करवाया जाएगा। कालांवाली से बठिंडा तक दो आरयूबी बनेंगे, जिसमें कालांवाली से रतन कनकवाली तक एक और रतन कनकवाली से बठिंडा के बीच एक आरयूबी का निर्माण करवाया जाएगा। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि मानव रहित फाटकों को पार करते समय सतर्कता बरतें। रेलवे इन फाटकों पर बकायदा सूचना या साइन बोर्ड लगवाता है फिर भी लोग इनकी अनदेखी कर जल्दबाजी के चक्कर में लापरवाही से गुजरते हैं और दोष रेलवे पर आ जाता है, बल्कि इन मामलों में रेलवे की कोई गलती नहीं होती।
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रेलवे बीकानेर मंडल के सीनियर डीसीएम रजनीश कुमार ने बताया कि रेलगाड़ी के ब्रेक अचानक नहीं लगाए जा सकते। ऐसा करने से ट्रेन के ट्रैक से उतरने की संभावना रहती है। अगर ट्रेन के ब्रेक लगते भी हैं तो ट्रेन को रुकने के लिए करीब 800 मीटर का डिस्टेंस चाहिए। ऐसे में रेलगाड़ी में मौजूद लोगों की जान खतरे में नहीं डाली जा सकती।
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रेलवे ने साफ किया है कि सिरसा में स्टेशन के पास बने फाटक पर कोई आरयूबी बनाने का प्रस्ताव नहीं है। अभी इसके लिए कोई मंजूरी नहीं मिली है। अंत: साफ है कि इस साल तो कम से कम सिरसा फाटक पर आरयूबी नहीं बनेगा। कुछ दिनों से अटकलें चल रहीं थी कि सिरसा रेलवे स्टेशन के पास बने फाटक पर आरयूबी बनेगा। रेलवे ने इस अटकलों को विराम दे दिया है।

रेलवे का मानना है कि मानव रहित फाटकों की तुलना में ट्रेस पास फाटकों पर ज्यादा हादसे होते हैं। ये वे फाटक होते हैं, जो लोग अपनी सुविधा के लिए खुद बनवा लेते हैं। अकसर गांवों में ये स्थिति देखने को ज्यादा मिलती है। लोग सुविधा के लिए ट्रैक पर सड़क बना देते हैं और सड़कों पर रेलवे का कोई साइन बोर्ड नहीं लगा होता है, जिसके कारण सबसे ज्यादा हादसे इन फाटकों पर होते हैं।


रेलवे बीकानेर मंडल के सीनियर डीसीएम रजनीश कुमार ने बताया बठिंडा से सिरसा तक 12 आरयूबी को मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगाें को ज्यादा से ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। मानव रहित फाटकों को ध्यान से पार करें। ट्रैक ट्रेन के लिए है वाहनों के लिए नहीं।

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