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Sirsa News: पार्क का भुगतान करवाने के लिए मांगी घूस, संस्था सदस्य ने विजिलेंस को दी शिकायत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 10:45 PM IST
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Bribe demanded for payment of park, organization member complains to Vigilance
सिरसा। नेहरू पार्क में पैमाईश करते हुए पार्षद प्रतिनिधि। संवाद
सिरसा। नगर परिषद के पार्कों के लिए पैदा हुआ विवाद नया मोड़ ले रहा है। जहां पार्कों की पैमाइश का काम जारी है। वहीं, एक पार्षद की ओर से पार्क का बिल पास करवाने की एवज में 11 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। इस मामले में पार्क समिति के सदस्य ने विजिलेंस ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।
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साथ ही अपने दस्तावेज भी विजिलेंस के सामने प्रस्तुत किए है। वहीं, इस मामले में चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने निष्पक्षता से जांच होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मेरे कर्मचारी के नाम पर पैसा मांगता है तो उसकी जांच होनी चाहिए। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पार्कों का पैसा रिकवर करने के लिए भी विशेष प्लानिंग बनाई जा रही है।
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हैरानी की बात है कि धार्मिक संस्थाओं से लेकर मानव अधिकारों की बात करने वाली संस्थाओं को पार्क गोद दे दिए गए। उनके संविधान में इस तरह की गतिविधि का कहीं भी लिखा नहीं होता है। अब एक माह का वक्त किसी ने किसी तरह से प्रबंधन निकालना चाहता है। जिससे कि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
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वहीं, हर रोज होने वाले खुलासे से शहरवासियों के सामने भी आ रहा है कि पार्क के पैसों के लिए कैसे हर कोई लगा हुआ है। वह भले ही कोई पार्षद हो या एजेंसी संचालक हो। इतना ही नहीं, पार्क की पेमेंट के लिए अधिकारियों तक को कमीशन देने तक के आरोप लगाए जा चुके हैं। अब देखना यह है कि यह पार्क का विवाद क्या रंग लेकर आता है।

इस सारे विवाद में पार्क बना कमाई का धंधा

पार्क के लिए शहर में जिस तरह से विवाद चल रहा है, उससे साफ पता चलता है कि कैसे पार्क की देखरेख को धंधा बना दिया गया है। जिन एरिया में पार्क बने हुए हैं, उन लोगों तक को इस बात की जानकारी नहीं है। वह नगर परिषद में पार्कों के बदतर हालात का रोना रोते है। जबकि 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक लेने वाले पार्कों के बिलों को पास करवाकर अपनी जेब भर रहे हैं। हाल ही में हुआ विवाद इसी का उदाहरण है। यही कारण है कि चेयरमैन ने पांच माह से पेमेंट रोकी हुई है।

पहली बैठक में ही पार्क कैंसिल के लिए शुरू की थी प्रक्रिया

चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने पहले ही हाउस की बैठक में सभी पार्कों को कैंसिल करवाने का एजेंडा पास किया था। क्योंकि उन्हें पार्कों में होने वाले भ्रष्टाचार की भनक लग गई थी। मंडल आयुक्त की ओर से इस मामलों को फिर से विचार के लिए भेजे जाने के बाद दोबारा फिर हाउस में इसे पास किया गया है। जब एजेंडा पास हुआ तो महज तीन माह एजेंसियों के रहते थे। इसलिए एजेंसियाें को वक्त पूरा करने का समय दिया गया जो नवंबर माह में पूरा हो जाएगा।




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पार्कों की पैमाइश का काम चल रहा है। नवंबर माह में टेंडर खत्म हो जाएगा। अभी तक पार्कों की पेमेंट रोकी हुई है। जांच के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। इसके लिए विशेष प्लानिंग की जा रही है। इस समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा।

- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।
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