फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   'Blue Film' staff look busy

‘ब्ल्यू फिल्म’ देखने में व्यस्त रहते हैं कर्मचारी

Thu, 27 Mar 2014 11:54 PM IST
सिरसा ब्यूरो
सिरसा ब्यूरो Updated Thu, 27 Mar 2014 11:54 PM IST
विज्ञापन
'Blue Film' staff look busy
 जिला के सामान्य अस्पताल बहुत कुछ असामान्य हो गया है। चिकित्सकों का अभाव व आधुनिक उपकरणों न होेने का खामिजाया आम गरीब जनता को उठाना पड़ रहा है। जो मरीज अस्पताल में दाखिल है उन्हें भी अव्यवस्थाओं की मार झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया भवन में कर्मचारी काम से ज्यादा सरकारी कंप्यूटर पर ‘ब्ल्यू फिल्म’ देखने में अधिक व्यस्त रहते हैं। दृश्य कैमरे में कैद होने पर पत्रकारों को चाय पानी व विशेष सेवा करने की पेशकश भी करते हैं। अमर उजाला की टीम ने वीरवार को सामान्य अस्पताल की पूरी स्थिति का लाइव जायजा लिया और काफी कुछ चौकने वाली स्थिति देखने को मिली।
विज्ञापन

    लाइव रिपोटिंग की शुरुआत टीम ने सामान्य अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुभाषिनी के कमरे से हुई। उनके कक्ष के बाहर मरीजों का जमघट था और वे अंदर रोगियों की जांच में करते हुए मिली। इसके बाद अन्य चिकित्सकों के कमरों में जाकर उनकी उपस्थिति देखी गई। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जीएस सोमानी व डॉ. महिप बंसल वहां मौजूद थे। नेत्र रोग विशेषज्ञ के कमरे में अंधेरा था। चर्म रोग चिकित्सक बीबी सिंगला रोगियों का उपचार करते हुए मिले। शिशु टीका कक्ष में नर्स दर्शना रानी, सुनीता व मनजीत कौर ड्यूटी पर मौजूद थीं।  महिला वार्ड में महिला रोग चिकित्सक डॉ सुनीता बैनीवाल, डॉ स्वाति व डॉ. बबीता डिलीवरी रूम में थीं।
विज्ञापन


355 नए रोगी उपचार के लिए आए
वीरवार को सामान्य अस्पताल में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक 355 रोगी उपचार के लिए आए। प्रयोगशाला में विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाने के लिए 150 मरीज पहुंचे। एक्स-रे रूम में डॉ. मुनीष गर्ग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आज 80 लोग एक्स-रे के लिए अस्पताल आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अल्ट्रासाउंड रूम में लगा था ताला
सामान्य अस्पताल अल्ट्रासाउंड कमरे पर ताला जड़ा हुआ मिला। कमरे के बाहर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से ही कमरे में ताला लगा हुआ है। रोगियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वैसे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने एक निजी कंपनी इसके लिए अनुबंध किया हुआ है।

पूछताछ केंद्र में सीट खाली मिली
रोगियों को इधर-उधर भटकना न पडे़ इसके चलते अस्पताल के अंदर पूछताछ केंद्र स्थापित है लेकिन सीट पर कोई विराजमान नहीं मिला। इस कारण  बप्पा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले डिप्टी व उसके परिवार वालों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। अपने बच्चे का उपचार करवाने आए डिप्टी को डॉक्टर ने दवाएं और कुछ टेस्ट करवाने के लिए लिखे। दवा लेने वालों की लंबी लाइन देखकर तो डिप्टी को पता चल गया कि यहां से दवा मिल जाएगी लेकिन टेस्ट करवाने कहां जाए ये उसे बताने वाला कोई नहीं मिला। पूछताछ केंद्र  पर कोई कर्मचारी सीट पर नहीं मिला जो उसकी इस समस्या का निवारण कर सके।

लोगों को नहीं मिला परिवार परामर्श
कमरा नंबर 17 में बने परिवार कल्याण परामर्श केंद्र में कोई कर्मचारी नहीं था जो गर्भ निरोधक माध्यमों जैसे नलबंदी, नसबंदी ,कॉपर-टी, व प्रसव उपरांत लगाए जाने वाले कॉपर-टी, गर्भ निरोधक गोलियां जो निरोध के बारे लोगों को परामर्श दे सके। ऐसे परामर्श लोगों को देने लिए सरकार ऐसे केंद्रों पर अरबों रुपया खर्च करती है। यानि वीरवार को सिरसा के सरकारी अस्पताल में लोगों परिवार कल्याण का परामर्श लिए बगैर ही लौटना पड़ा।


शौचालयों में नहीं था पानी
सामान्य अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में जब टीम पहुंची तो वार्ड में सफाई व्यवस्था तो अच्छी मिली लेकिन सभी कमरों में वॉशवेशन की टूटियां खराब मिली और शौचालय के अंदर टूंटियों में पानी नहीं था और कुछ स्नान कक्ष व लघुशंका कक्ष में चोटों के ऊपर लगने वाली पट्टी बंधी हुई थी। स्टॉफ नर्स ने अपना नाम नहीं बताया लेकिन बोली कुछ खामियां हैं जिन्हें दूर जल्द ही दूर किया जाएगा। मेडिकल वार्ड व हड्डी वार्ड में भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली। वॉशवेशन में पानी सप्लाई नहीं, लगी टूटी खराब और रोगियों को झेलनी पड़ रही हैं परेशानियां।


पानी को लेकर बुरा हाल है सर
सर्जिकल, मेडिकल व हड्डी वार्ड में उपचाराधीन रोगियों के परिजन रघुबीर निवासी ओटू, ऊषा रानी निवासी रानियां, पाला सिंह निवासी नेजाडेला व तारुबाई निवासी मंगाला ने बताया कि वार्ड में बिजली के बटन खराब हैं, पंखा चलने का नाम नहीं लेता, पंखा न चलने से रात को नींद भी ढंग से नहीं आती। वार्ड में पानी की समस्या है। उपचारधीन दलबीर निवासी अभोली ने बताया कि सफाई कर्मचारी रोगियों को गंद उठाने के लिए बोलता है। अगर ऐसा नहीं करें तो यहां से रेफर कर देने की धमकी मिलती है। हम गरीब लोग है इसलिए चुप बैठ जाते हैं साहब।


ट्रामा सेंटर की भी हालत खराब
12 अप्रैल 2008 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्रॉमा सेंटर जनता को समर्पित किया था। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस ट्रॉमा सेंटर पर एक करोड़ 65 लाख की राशि खर्च की गई, लेकिन यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त नहीं किए गए। ट्रामा सेंटर में न्यूरोसर्जन, न्यूरो फिजीशियन, जनरल सर्जन, एनेस्थेसिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट की कमी इलाज में खल रही है। वहीं, ऑपरेशन में प्रयोग की जाने वाले विभिन्न मशीनें, कृत्रिम सांस देने और अन्य अनेक प्रकार के उपकरण भी मौजूद नहीं हैं। अस्पताल में सिटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीन काफी समय से है, लेकिन इसे चलाने वाले विशेष चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है।

प्रतिनियुक्त चिकित्सकों पर अस्पताल
सामान्य अस्पताल में सृजित 42 डॉक्टरों के पदों में से 20 पदों पर डॉक्टर दिखाए गए। हैरानी की बात तो ये है कि इन पदों में से मात्र 6 पदों पर ही अस्पताल में नियमित चिकित्सक काम कर रहे हैं, जबकि अन्य पदों पर प्रतिनियुक्ति पर आए चिकित्सक काम चला रहे हैं। ट्रामा सेंटर में तो स्थिति बेहद चिंताजनक है। ट्रामा सेंटर में इस वक्त 6 डॉक्टरों के पद दिन व रात की ड्यूटी के लिए सृजित किए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि इन 6 पदों में से एक भी डॉक्टर ऐसा नहीं है जो नियमित हो। सभी डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर ड्यूटी कर रहे हैं।

रात को छलकते हैं अस्पताल में जाम
अस्पताल की अंतिम मंजिल पर अंग्रेजी शराब की बोतले, गिलास, सिगरेट, बीड़ी व करारा भुजिया का पैकेट देखकर टीम हैरान रह गई। शराब के साथ रात को यहां खूब जाम छलकते हैं। कुछ रोगियों ने बताया कि यह तो रोज की बात हो गई है यहां।

क्षय रोग केंद्र में टपकता है पानी
सरकारी अस्पताल परिसर में बने जिला क्षयरोग केंद्र में प्रवेश करते ही एक बड़ा डिब्बा नीचे पड़ा दिखा, ऊपर छत से पानी टपक रहा था और डिब्बा इस पानी से आधा भर चुका था। केंद्र की हालत काफी खस्ता दिखी, जिसे सुधारने के लिए अंदर मरमम्त का कार्य चल रहा है।

ब्ल्यू फिल्म देखने में व्यस्त कर्मचारी
सामान्य अस्पताल परिसर में स्थित कार्यालय उपसिविल सर्जन मलेरिया, वीबीडी में अमर उजाला टीम को सीढ़ियां चढ़ते वक्त कुछ अजीब से आवाजें सुनाई दे रही थीं। कमरे में झांका तो कुछ कर्मचारी सरकार के दिए कंप्यूटर पर ब्ल्यू फिल्म देखने में व्यस्त थे। कंप्यूटर पर फिल्म इतनी ध्यान पूर्वक देखी जा रही थी कि संवाददाता ने कैमरे में सारा दृश्य कैद कर लिया। इसके बाद भी फिल्म देख रहे कर्मचारियों को तनिक भी भनक नहीं लगी कि उनका असली कार्य कैमरे में कैद हो चुका है। इसके बाद बिलकुल सामने जाकर फोटो ली तो कर्मचारी चौंक गए। सरकारी कंप्यूटर पर अश्लील फिल्म देखते हुए कैमरे में कैद होने पर कमरे में मौजूद कर्मचारियों ने चाय-पानी व सेवा का प्रलोभन दिया।


सख्त कार्रवाई होगी: सिविल सर्जन
सरकारी कंप्यूटर पर कर्मचारियों के ब्ल्यू फिल्म देखने की घटना के संबंध में सिविल सर्जन एसके नैण ने कहा कि यह बेहद गंभीर बात है। इस पर सख्त कार्रवाई होगी। जहां तक चिकित्सकों के अभाव की बात है तो सरकार की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी लेकिन आचार संहिता लगने के कारण प्रक्रिया बीच में रुक गई। आचार संहिता हटते ही सरकार चिकित्सकों की भर्ती करेगी। इसके अलावा परामर्श केंद्र में चिकित्सक के न होने पर एमएस से पूछा जाएगा। अस्पताल में शराब की बोतलें मिलने की घटना भी गंभीर है। पुलिस से अनुशंसा की जाएगी कि वे रात्रि में अस्पताल गश्त किया करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed