{"_id":"6a5bc1860b9d48ae9505f70a","slug":"bke-will-protest-on-24-july-sirsa-news-c-128-1-svns1027-161718-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बीकेई 24 जुलाई को करेगी ई-20 प्लांट का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बीकेई 24 जुलाई को करेगी ई-20 प्लांट का घेराव
Sat, 18 Jul 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। किसान नेता प्रेसवार्ता करते हुए। संवाद
- फोटो : 1
सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग का आरोप
फोटो - 20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता ने ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड, पन्नीवाला रूलदु पर ओपन मार्केट सेल्स स्कीम के तहत खरीदे गए सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने यदि यूरिया खाद मामले और चावल प्रकरण में कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जुलाई को इथेनॉल प्लांट का घेराव करने का एलान किया है।
बीकेई कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि संगठन ने पूरे मामले से संबंधित जानकारी एक चार्ट के माध्यम से साझा की है। उन्होंने बताया कि ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ओएमएसएस योजना के तहत एफसीआई कालांवाली से करीब 5 लाख गट्टे और एफसीआई डबवाली से लगभग 3 लाख 67 हजार गट्टे सरकारी चावल खरीदा था।
आरोप है कि यह चावल इथेनॉल उत्पादन के लिए निर्धारित था लेकिन कथित रूप से इसे अन्य राइस मिलों में अधिक कीमत पर सप्लाई कर दिया गया। औलख ने कहा कि सरकार द्वारा यह चावल करीब 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया गया था जबकि आरोप है कि इसे 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा गया।
विज्ञापन
एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया मामले में नहीं हुई कार्रवाई
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कंपनी से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले फैक्टरी में किसानों के लिए सब्सिडी पर मिलने वाली नीम कोटेड यूरिया के कथित अवैध उपयोग का मामला सामने आया था। इसमें मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस अवसर पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली और मुख्य प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह संधू मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो - 20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता ने ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड, पन्नीवाला रूलदु पर ओपन मार्केट सेल्स स्कीम के तहत खरीदे गए सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने यदि यूरिया खाद मामले और चावल प्रकरण में कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जुलाई को इथेनॉल प्लांट का घेराव करने का एलान किया है।
बीकेई कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि संगठन ने पूरे मामले से संबंधित जानकारी एक चार्ट के माध्यम से साझा की है। उन्होंने बताया कि ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ओएमएसएस योजना के तहत एफसीआई कालांवाली से करीब 5 लाख गट्टे और एफसीआई डबवाली से लगभग 3 लाख 67 हजार गट्टे सरकारी चावल खरीदा था।
विज्ञापन
आरोप है कि यह चावल इथेनॉल उत्पादन के लिए निर्धारित था लेकिन कथित रूप से इसे अन्य राइस मिलों में अधिक कीमत पर सप्लाई कर दिया गया। औलख ने कहा कि सरकार द्वारा यह चावल करीब 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया गया था जबकि आरोप है कि इसे 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा गया।
विज्ञापन
एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया मामले में नहीं हुई कार्रवाई
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कंपनी से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले फैक्टरी में किसानों के लिए सब्सिडी पर मिलने वाली नीम कोटेड यूरिया के कथित अवैध उपयोग का मामला सामने आया था। इसमें मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस अवसर पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली और मुख्य प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह संधू मौजूद रहे।