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बिजली बिलों को लेकर हल्लाबोल, जलाई बिलों की होली
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 20 Nov 2015 01:31 AM IST
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आम आदमी पार्टी की ओर से गठित टाइगर्स फोर्स के कार्यकर्ताओं ने भारी-भरकम बिजली बिलों के विरोध में बरनाला मार्ग स्थित 33 केवी सब स्टेशन में हल्लाबोल के तहत बिलों की होली जलाई और निगम और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
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बाद में अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा, जिन्होंने समस्या के समाधान के लिए एक सप्ताह में आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने बेगू निवासी शकुंतला के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की है, जिसकी बिल देखकर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
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टाइगर्स फोर्स के बैनर तले जिलेभर से आए आम उपभोक्ता टाउन पार्क में एकत्रित हुए, जहां से वे आम आदमी पार्टी नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में बरनाला मार्ग स्थित 33 केवी सब स्टेशन के लिए रवाना हुए। जुलूस में शामिल उपभोक्ता निगम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जा रहे थे।
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बिजलीघर पहुंचकर सभी ने परिसर में बिजली बिलो की होली जलाई। बिल जमा करवाने आए उपभोक्ताओं ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों में प्रमुख रूप से वीरेंद्र कुमार, धर्मपाल, संदीप सिंवर, भरपाई, कुलदीप, ममता बाई, राजो, कृष्ण, बलराज सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
इस मौके पर प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने उपभोक्ताओं को संबोधित किया कि कोठियों में रहने वाले एसपी, डीसी, एसई और अन्य अधिकारियों के बिल जहां 400 से 500 रुपये आ रहे हैं, जहां पर एसी तक चलते हैं और एक आम उपभोक्ता के घर में जहां पंखे व ट्यूब के अलावा कुछ नहीं चलता, उनके बिल हजारों में आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक मजदूरी करने वाला व्यक्ति, जिसके लिए दो वक्त की रोटी मुश्किल है, वो हजारों का बिल कहां से अदा करेगा। उन्होंने कहा कि ये तो शहर में अभी शुरूआत की है। आगे गांवों में भी टाइगर्स फोर्स अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में किसी को भी बिल नहीं भरने दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारी गांव खैरेकां निवासी इंद्रपाल पुत्र श्रवण कुमार ने बताया कि उनका बिल पंजुआना में भरा जाता है। मीटर उसके दादा हेतराम के नाम पर है। उनका इस बार बिल, जिसे ऑनलाइन निकाला है 7288 रुपये हैं, जबकि विभाग की ओर से हाथ से बनाकर उन्हें 19723 रुपये का बिल थमाया गया है। उसने बताया कि जब उसके चाचा बिल जमा कराने गए और ऑनलाइन निकाले गए बिल की प्रति दिखाई तो बिल भर रहे कर्मचारियों ने उनका असली बिल फाड़कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
आरटीआई से खुलासा
प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि उन्होंने आरटीआई से एसपी, डीसी, एसई सहित अन्य अधिकारियों के बिलों की जानकारी मांगी थी।
उन्होंने बताया कि आरटीआई में मिली जानकारी काफी हैरान करने वाली है। उन्होंने बताया कि आरटीआई में दी जानकारी में एसपी, डीसी व एसई का दो माह का बिल 700 से 800 रुपये दर्शाया गया है, जबकि एक आम आदमी को हजारों का बिल थमाया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों के घरों में एसी से लेकर कई अन्य बड़े उपकरण चलते हैं, उनके बिल 700 रुपये, जबकि जो व्यक्ति मजदूरी करता है और एक बल्ब जलाता है, उसे हजारों का बिल थमाकर उसे मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक परेशानी भी दी जा रही है।
यह है मांगपत्र में
प्रदर्शनकारियों की ओर से अधीक्षण अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि बिजली के बढे़ रेट वापस लिए जाए, उपभोक्ताओं के कटे हुए कनेक्शन जोडे़ जाए, एपएसए चार्ज लगाना बंद किया जाए, उपायुक्त, एसपी और बिजली कर्मचारियों का बिल 400 रुपये तक आता है, ऐसे मीटर सभी आम उपभोक्ताओं के घर पर भी लगाए जाए।
अगर से अधिकारी बिजली की चोरी करते हैं तो उनके खिलाफ मामले दर्ज करवाए जाए, जो 50 हजार से अधिक के बकायेदार हैं, उनके नाम सार्वजनिक किए जाए, बिजली चोरी करने वाले अधिकारियों के नाम और पद भी सार्वजनिक किए जाए, आम उपभोक्ता की बिजली संबंधी शिकायतों का शीघ्र निपटारा किया जाए, आम उपभोक्ता को बिजली दो रुपये प्रति यूनिट उपलब्ध करवाई जाएं, शकुंतला देवी के परिवार को दस लाख का मुआवजा दिया जाए।
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