{"_id":"68d18ac33f3e773f2c0ac706","slug":"bidding-halted-for-three-hours-with-farmers-alleging-loot-in-the-name-of-quality-sirsa-news-c-128-1-svns1027-144761-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: तीन घंटे रुकी बोली, किसानों का आरोप गुणवत्ता के नाम पर की जा रही है लूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: तीन घंटे रुकी बोली, किसानों का आरोप गुणवत्ता के नाम पर की जा रही है लूट
विज्ञापन
सिरसा मंडी के अंदर विरोध जताते हुए किसान नेता व किसान। संवाद
सिरसा। मंडी में सोमवार को पहले दिन धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। वहीं नरमा की खरीद को लेकर पहले ही दिन से विवाद शुरू हो गया है। नई कपास मंडी में नरमा की आवक को लेकर किसान मिल संचालकों के बीच तीखी नोक झोंक हुई। किसानों ने कटौती अधिक करने पर बोली प्रक्रिया को बंद करवाया दिया।
किसानों ने मिल संचालकों पर पर आरोप लगाए कि मिल संचालक मंडी में छह से सात हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीद करते हैं। जैसे ही नरमा मिल में जाता है उसके बाद गुणवत्ता के नाम पर 500 से 1000 रुपये की कटौती कर देते हैं। जो सीधेतौर पर किसानों के साथ लूट है। विरोध में किसानों ने नारेबाजी की और रोष जताया।
करीब तीन घंटे तक मंडी में बोली बंद रही। बाद में एसडीएम राजेंद्र कुमार के आश्वासन के बाद खरीद दोबारा शुरू हो सकी। हालांकि इस मामले में एसडीएम ने बुधवार को मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय में विशेष बैठक बुलाई है। इसमें मिल मालिक, आढ़ती व मार्केट कमेटी के अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। वहीं मामले की सूचना मिलने पर किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख व आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम बजाज भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
करीब 200 किसान फसल लेकर पहुंचे
सोमवार को नरमा बेचने के लिए करीब 200 किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर पहुंचे। इस दौरान खरीद के लिए सरकारी खरीद एजेंसी से कोई नहीं पहुंचा। प्राइवेट मिल संचालक ही खरीद करने के लिए पहुंचे। एमएसपी 8100 रुपये से ऊपर है। मिल संचालक किसान के नरमे को 6 से 7 हजार रुपये के बीच खरीद रहे है। सीधेतौर पर किसान को 1500 से 1800 के बीच नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
किसानों ने मिल संचालकों पर पर आरोप लगाए कि मिल संचालक मंडी में छह से सात हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीद करते हैं। जैसे ही नरमा मिल में जाता है उसके बाद गुणवत्ता के नाम पर 500 से 1000 रुपये की कटौती कर देते हैं। जो सीधेतौर पर किसानों के साथ लूट है। विरोध में किसानों ने नारेबाजी की और रोष जताया।
विज्ञापन
करीब तीन घंटे तक मंडी में बोली बंद रही। बाद में एसडीएम राजेंद्र कुमार के आश्वासन के बाद खरीद दोबारा शुरू हो सकी। हालांकि इस मामले में एसडीएम ने बुधवार को मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय में विशेष बैठक बुलाई है। इसमें मिल मालिक, आढ़ती व मार्केट कमेटी के अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। वहीं मामले की सूचना मिलने पर किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख व आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम बजाज भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
करीब 200 किसान फसल लेकर पहुंचे
सोमवार को नरमा बेचने के लिए करीब 200 किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर पहुंचे। इस दौरान खरीद के लिए सरकारी खरीद एजेंसी से कोई नहीं पहुंचा। प्राइवेट मिल संचालक ही खरीद करने के लिए पहुंचे। एमएसपी 8100 रुपये से ऊपर है। मिल संचालक किसान के नरमे को 6 से 7 हजार रुपये के बीच खरीद रहे है। सीधेतौर पर किसान को 1500 से 1800 के बीच नुकसान उठाना पड़ रहा है।