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Sirsa News: अगली कक्षा में जाने से पहले विद्यार्थी को मिलेगा निपुण का दर्जा
Sun, 17 Mar 2024 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 17 Mar 2024 11:37 PM IST
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सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए एफएलएन यानी आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाई जा रही है। इसे और बेहतर तरीके से लागू के लिए अब नई तैयारी शुरू कर दी गई है। अब अगली कक्षा में जाने से पहले पहली और तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को निपुण किया जाएगा।
वहीं विद्यार्थियों को निपुणता की परीक्षा देनी होगी। अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसको निपुण विद्यार्थी का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नए सत्र में पहले तीन महीने में विद्यार्थी को पिछली क्लास के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। प्रदेश स्तर पर शिक्षा निदेशालय ने नई योजना को शुरू कर दिया है। इसके लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान स्कूल मुखिया को हरियाणा मिशन के तहत प्राइमरी कक्षा के निपुण विद्यार्थियों की संख्या दर्शानी होगी। ताकि बच्चों की निपुणता के बारे में पता चल सके। वहीं ऐसे बच्चों की संख्या भी निर्धारित होगी। जिन्हें रेमेडियल क्लासेज (उपचारात्मक कक्षाएं) की जरूरत है उन्हें यह उपलब्ध करवाईं जाएंगी। विभाग की ओर से सभी प्राइमरी स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी कर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पत्र में इस प्रकार दिए गए है निर्देश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा है कि वे अपने-अपने स्कूलों में एफएलएन विद्यार्थियों की संख्या को दर्शाएं। विभाग की ओर से ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि नए सत्र में अगली कक्षा में प्रवेश करने से पहले विद्यार्थियों की कमियों को दूर किया जा सके। इसके लिए पहली से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को एफएलएन के तहत रेमेडियल क्लासेज देकर निपुण बनाया जाएगा।
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निपुणता का इस प्रकार किया जाएगा आकलन
बाल वाटिका से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को हिंदी और गणित में निर्धारित सूची में से दो अक्षर वाले पांच शब्दों को सही से पढ़ना होगा। कक्षा एक के बच्चों को पांच सरल शब्दों के दो अक्षर से बने वाक्य पढ़ने होंगे। कक्षा दो के बच्चों को अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना और अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करने होंगे। गणित में बाल वाटिका के बच्चों को दस तक संख्याएं पढ़नी आनी चाहिए। एक अंकीय जोड़ एवं घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा दो के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना, कक्षा तीन के विद्यार्थियों को 999 तक जोड़, तीन अंकीय का घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है।
विद्यार्थियों में पढ़ने की कला होना जरूरी
हिंदी में विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा एवं साक्षरता, मौखिक भाषा का विकास, ध्वनियात्मक जागरुकता, शब्दावली, रीडिंग कंप्रीहेंशन, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर ऑफ रीडिंग में विद्यार्थी को परिपक्व होना होगा। यदि कोई विद्यार्थी यह सब पढ़ने व समझने में सक्षम नहीं है तो उस विद्यार्थी को निपुण छात्र का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नए सत्र में पहले तीन महीने में विद्यार्थी को पिछली क्लास के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। जिससे की विद्यार्थी निपुण हो सके व अगली क्लास के पाठ्यक्रम को भी आसानी से समझ सके।
जिले के सभी राजकीय स्कूलों में बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक एफएलएन के तहत पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल शिक्षकों को आदेश दिए गए हैं कि प्रत्येक छात्र को उसकी दक्षता के आधार पर निपुण छात्र का दर्जा दिया जाना है, ताकि अगली कक्षा में जाने से पहले ही पढ़ाई में निपुण किया जा सके। यदि जरूरत पढ़ती है तो ऐसे विद्यार्थियों को रेमेडियल क्लासेज भी दी जाएंगी।
-डॉ. कपिल देव, कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।
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वहीं विद्यार्थियों को निपुणता की परीक्षा देनी होगी। अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसको निपुण विद्यार्थी का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नए सत्र में पहले तीन महीने में विद्यार्थी को पिछली क्लास के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। प्रदेश स्तर पर शिक्षा निदेशालय ने नई योजना को शुरू कर दिया है। इसके लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान स्कूल मुखिया को हरियाणा मिशन के तहत प्राइमरी कक्षा के निपुण विद्यार्थियों की संख्या दर्शानी होगी। ताकि बच्चों की निपुणता के बारे में पता चल सके। वहीं ऐसे बच्चों की संख्या भी निर्धारित होगी। जिन्हें रेमेडियल क्लासेज (उपचारात्मक कक्षाएं) की जरूरत है उन्हें यह उपलब्ध करवाईं जाएंगी। विभाग की ओर से सभी प्राइमरी स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी कर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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पत्र में इस प्रकार दिए गए है निर्देश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा है कि वे अपने-अपने स्कूलों में एफएलएन विद्यार्थियों की संख्या को दर्शाएं। विभाग की ओर से ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि नए सत्र में अगली कक्षा में प्रवेश करने से पहले विद्यार्थियों की कमियों को दूर किया जा सके। इसके लिए पहली से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को एफएलएन के तहत रेमेडियल क्लासेज देकर निपुण बनाया जाएगा।
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निपुणता का इस प्रकार किया जाएगा आकलन
बाल वाटिका से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को हिंदी और गणित में निर्धारित सूची में से दो अक्षर वाले पांच शब्दों को सही से पढ़ना होगा। कक्षा एक के बच्चों को पांच सरल शब्दों के दो अक्षर से बने वाक्य पढ़ने होंगे। कक्षा दो के बच्चों को अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना और अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करने होंगे। गणित में बाल वाटिका के बच्चों को दस तक संख्याएं पढ़नी आनी चाहिए। एक अंकीय जोड़ एवं घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा दो के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना, कक्षा तीन के विद्यार्थियों को 999 तक जोड़, तीन अंकीय का घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है।
विद्यार्थियों में पढ़ने की कला होना जरूरी
हिंदी में विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा एवं साक्षरता, मौखिक भाषा का विकास, ध्वनियात्मक जागरुकता, शब्दावली, रीडिंग कंप्रीहेंशन, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर ऑफ रीडिंग में विद्यार्थी को परिपक्व होना होगा। यदि कोई विद्यार्थी यह सब पढ़ने व समझने में सक्षम नहीं है तो उस विद्यार्थी को निपुण छात्र का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नए सत्र में पहले तीन महीने में विद्यार्थी को पिछली क्लास के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। जिससे की विद्यार्थी निपुण हो सके व अगली क्लास के पाठ्यक्रम को भी आसानी से समझ सके।
जिले के सभी राजकीय स्कूलों में बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक एफएलएन के तहत पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल शिक्षकों को आदेश दिए गए हैं कि प्रत्येक छात्र को उसकी दक्षता के आधार पर निपुण छात्र का दर्जा दिया जाना है, ताकि अगली कक्षा में जाने से पहले ही पढ़ाई में निपुण किया जा सके। यदि जरूरत पढ़ती है तो ऐसे विद्यार्थियों को रेमेडियल क्लासेज भी दी जाएंगी।
-डॉ. कपिल देव, कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।