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ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीता, बरिंद्र सरां ने दिल

Wed, 13 Jan 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा Updated Wed, 13 Jan 2016 12:30 AM IST
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bariedra sara win heart

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पर्थ में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच हुए क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो। लेकिन डबवाली के बाएं हाथ के मध्यम गति गेंदबाज बरिंद्र सरां ने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में दर्शकों का दिल जीत लिया।



 बरां ने अपने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर ही एरॉन फिंच को कट एंड बोल्ड करके पर्थ से लेकर डबवाली तक तहलका मचा दिया। उसके तुरत बाद बाद ही तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर डेविड वॉर्नर को विराट कोहली से लपकवा कर चलता किया। इसके बाद तो डबवाली के ग्रामीणों में अरमानों के पंख लग गए। चारों ओर पटाखों की गूंज सुनाई देने लगी। हालांकि पहला विकेट मिलने पर सरां शांत रहे, लेकिन वॉर्नर का विकेट लेेने के बाद वह आक्रामक मूड में नजर आए। इतना ही नहीं अपने अंतिम ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ को विराट कोहली से कैच आऊट करवाया।
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दौरे पर जाने से पहले बुखार से पीड़ित था सरां
परिजनों ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले वह बुखार से पीड़ित था, लेकिन इसके बावजूद उसने शानदार प्रदर्शन किया। परिजनों ने बताया कि  मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन पर फैसला हुआ तो तुरंत गांव पन्नीवाला मोरिकां खुशी से झूम उठा। कारण था गांव के युवा बरिंद्र सरां का टीम में शामिल होना। ग्रामीणों ने गांव के बीचों बीच बड़ी स्क्रीन लगाकर मैच देखा। अपने अंतिम ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ को विराट कोहली से कैच आऊट करवाया।
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बोले सो निहाल से गूंजा गांव पन्नीवाला
पंजाब की रणजी टीम के खिलाड़ी बरिंद्र सरां ने ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में मेजबान टीम का पहला विकेट झटका, उसी के साथ ही उनके पैतृक गांव पन्नीवाला मोरिकां में पटाखे चलाने शुरू हो गए। ग्रामीण जमकर नाचे। डेविड वॉर्नर को आऊट करते ही पूरा गांव झूमने लगा। जो बोले, सो निहाल, सत श्री अकाल के नारों से गांव गूंज उठा।

क्या कहना है गली में क्रिकेट खेलने वाले साथी खिलाड़ियों का
बरिंद्र सरां के साथ गली क्रिकेट खेलने वाले बलराज, काजलदीप, शगनदीप, लवचरण, गुरविंद्र, कुलवीर, जसदीप, वीर सिंह, अनखदीप सिंह, इंद्रजीत, गगनजीत, जगदीप सिंह, मनजीत सिंह, सतनाम ने बरिंद्र सरां को खेलता देख खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनका गांव हरियाणा के बिल्कुल कोने पर बसा हुआ है। युवाओं में प्रतिभा है। लेकिन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार को गांव में स्टेडियम बनाना चाहिए। इसके अतिरिक्त खेल की सभी सुविधाएं भी देनी चाहिए। साथी खिलाडिय़ों ने कहा कि अगर टीम इंडिया के अन्य बॉलर साथ देते तो हम मैच जीत जाते। चूंकि बरिंद्र ने ऑस्ट्रेलिया की ओपनिंग जोड़ी को सस्ते में चला कर भारत की पकड़ मैच पर बना दी थी।


साड्ढा ना उच्चा कर दित्ता
गांव के बेटे को खेलता देखने के लिए बच्चों, बुजुर्गों में जोश दिखाई दिया। 85 वर्षीय मोहन सिंह, 60 वर्षीय गुरदीप सिंह, 75 वर्षीय गुरसेवक सिंह ने कहा कि असीं हरयाणे दी खुंज ते बैठे हां, बरिंद्र ने पूरी दुनियां विच साड्ढा ना उच्चा कर दित्ता। सानूं, आस ना।



बेटे बरिंद्र सरां के कॅरियर के लिए कर्जदार हो गया पिता

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को अपनी इन और आउट स्विंग गेंदों से परेशान करके क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बने बरिंद्र सरां को टीम इंडिया में शामिल करने के लिए उनके पिता बलवीर सिंह कर्जदार हो गए हैं। अमित उन्याल की क्रिकेट अकादमी में गेंदबाजी के गुर सीखने वाले बरिंद्र सरां वर्ष 2011 में मोहाली गए थे। महज पांच एकड़ के मालिक पिता बलवीर सिंह हर माह बीस से पच्चीस हजार रुपये भेजते थे। वर्ष 2015 में ओलावृष्टि में उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। बेटे की राह में पैसा आड़े न आए, बलवीर सिंह ने आढ़ती से दो लाख रुपये का कर्ज लिया। बरिंद्र सरां को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।



यह कर्ज आज तक नहीं उतरा है। इस वर्ष गेहूं की फसल से कुछ कर्ज उतरने की उम्मीद है। बलवीर सिंह के अनुसार बरिंद्र ने अपने कॅरियर में फ्रैक्चर झेला है। इसके बाद अबोहर में एक शादी समारोह से वापस आते समय अपने चचेरे भाई काजलदीप के साथ दुर्घटना का भी शिकार हो गया था लेकिन क्रिकेट को नहीं छोड़ा। फिर भला, मैं पैसों की खातिर बेटे का कॅरियर क्यों बर्बाद होने देता।



खुद साइकिल पर, पिता को दिलाई कार
क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की बदौलत आईपीएल में आए बरिंद्र सरां को राजस्थान रॉयल्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले बरिंद्र सरां ने आईपीएल की कमाई से आई ट्वेंटी कार खरीदकर अपने पिता को गिफ्ट कर दी। गेंदबाज के पिता ने बताया कि टीम इंडिया में स्थान पाने के लिए बरिंद्र ने बहुत मेहनत की है। वह गांव खरड़ में रहता था। रोजाना मोहाली तथा चंडीगढ़ जाने के लिए 40 किलोमीटर साइकिलिंग करता था। आज भी उसके कमरे में साइकिल खड़ी है। शहर आने-जाने के लिए मैं तंग ना हूं, इसलिए कार भेजी है।



दो दिन पहले हुई बात
बरिंद्र सरां की माता जसप्रीत कौर तथा बहन रूपिंद्र कौर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले उसे बुखार था। हम चिंतित थे। लेकिन यह बात बरिंद्र ने हमारे अलावा किसी को नहीं बताई। टीम इंडिया में शामिल पंजाब के ऑलराउंडर गुरकीरत सिंह का उसे काफी सहयोग मिला। दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से बरिंद्र ने उनके साथ बात की थी। हमने क्रिकेट की बात करनी चाही, उसने कहा कि वे मैच की बात न किया करें। परिवार कैसा है, गांव कैसा है। ये बता दिया करें। इससे दिल को सुकून मिलता है। उसने करीब बीस मिनट बातचीत की। बरिंद्र सरां ने कहा कि सिलेक्शन या मैच के बारे में आप टीवी या अखबारों में देख लिया करें। सिलेक्शन का भरोसा है मुझे।




दीपावली मनाने घर आया था
क्रिकेट जगत को अपनी ओर खींचने वाले बरिंद्र सरां की माता जसप्रीत कौर ने बताया कि उसका बेटा दीपावली मनाने के लिए घर आया था। इसके बाद वह इतना व्यस्त हो गया कि उसे मौका नहीं मिला। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले वे चंडीगढ़ में उससे मिलकर आए थे।
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