{"_id":"68617c770cf640e0da057cab","slug":"bajekan-villagers-blocked-the-road-against-drug-abuse-gave-7-day-ultimatum-to-police-sirsa-news-c-128-1-sir1002-140104-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नशे के खिलाफ बाजेकां के ग्रामीणों ने किया रोड जाम, पुलिस को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नशे के खिलाफ बाजेकां के ग्रामीणों ने किया रोड जाम, पुलिस को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
Sun, 29 Jun 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। गांव बाजेंका में नशे के विरोध में सड़क पर जाम लगाते हुए ग्रामीण।
सिरसा। नशे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बाजेकां के ग्रामीणों ने रविवार को महिला सरपंच कुलवीर कौर और सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह कंग के नेतृत्व में सिरसा रोड को 40 मिनट तक जाम कर दिया। गांव की महिलाओं और पुरुषों ने पैदल मार्च निकालते हुए ठेके के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध की सूचना मिलते ही ठेके को ताला लगाकर ठेकेदार भाग गया। प्रदर्शन और जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे सदर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह को ग्रामीणों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। कहा कि एक सप्ताह में पुलिस की ओर से नशा तस्करों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी शामिल होंगे।
बाजेकां निवासी राजेंद्र सिंह कंग, मोहन लाल, हरिश्याम, भगवान दास और भजन लाल ने बताया कि गांव में मेडिकल नशे के साथ-साथ चिट्टा व शराब का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन नशे पर अंकुश लगाने में सहयोग नहीं कर रहा। कंग ने बताया कि गांववासियों ने काफी प्रयास के बाद पिछले दिनों चार लड़कों को पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस के ढुलमुल रवैये से वे लड़के शाम को ही घर वापस आ गए। पुलिस की इस लचर कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष है। आज जो प्रदर्शन किया जा रहा है, यह केवल एक चेतावनी है। यदि पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो एक सप्ताह के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
40 मिनट जाम से लगी लंबी लाइन
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने करीब साढ़े दस बजे से लेकर सवा 11 बजे तक बाजेकां-सिररसा मार्ग को जाम रखा। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई। वहीं जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम में फंसे लोग गर्मी से बेहाल नजर आए।
विज्ञापन
शराब अहाते पर पहुंचे प्रदर्शनकारी तो भाग गया ठेकेदार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गांव में सरकार की ओर से एक ठेका मंजूरशुदा है, लेकिन ठेकेदार ने गांव में दो शराब ठेके खोल रखे हैं। इस विषय को लेकर कई बार ठेकेदार से बात हुई, लेकिन वह दूसरा ठेका हटाने को तैयार नहीं है। शाहपुर बेगू रोड पर खुला शराब ठेका बिल्कुल गांव में है, जिसके चलते गांव के बच्चों व युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। उस रास्ते से महिलाओं का गुजरना भी दुर्भर हो जाता है। प्रदर्शन के दौरान पैदल मार्च निकालते हुए ग्रामीण जब ठेके पर पहुंचे लेकिन ठेकेदार उससे पहले ही ठेके को ताला लगाकर वहां से फरार हो गया।
70 किशोर नशे की जद में
गांव की महिला पंच वीना रानी ने बताया कि गांव के छोटे-छोटे लड़के नशा करने लगे हैं। करीब 70 किशोर नशे की जद में हैं। जिन युवाओं को पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने की कोशिश करनी चाहिए, वे 13-14 साल की उम्र में चिट्टा और मेडिकल नशा कर रहे हैं।
बाजेकां में स्क्रैप का कार्य करने वाले भजन लाल ने बताया कि गांव में कई लड़के ऐसे हैं जो नशे के लिए अपने घरों से बर्तन तक बेच रहे हैं। ऐसे लड़कों के परिवार को भी मैंने अपने स्तर पर सूचित किया है। दो दिन पहले एक युवक अपने घर से पीतल की नई टोकनी लेकर मेरे पास आया कि मेरे को पांच सौ रुपए दे दो।
नशे पर रोक के लिए बनाई गई हैं ये योजनाएं
- 50 लोगों की कमेटी गठित की गई है।
- चार लोग एक गली में नजर रखेंगे।
- गांव की फिरनी पर युवा गश्त करेंगे।
- रात के समय में भी गांव में ग्रामीण ठीकरी पहरा देंगे।
दो युवाओं की हो चुकी है नशे की ओवरडोज से मौत
सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह कंग ने बताया कि गांव में नशे की ओवरडोज से दो युवकों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक तो विधवा मां का इकलौता बेटा था। गांव में मेडिकल नशा पूरे पांव पसार चुका है। नशीली दवाओं की घर-घर सप्लाई दी जा रही है। अब नशे का यह खेल ज्यादा नहीं चलेगा, क्योंकि गांववासी जाग चुके हैं ।
गांव के मुख्य लोगों से हमने ऐसे लड़कों की लिस्ट मांगी है जो नशा तस्करी करते हैं, लेकिन अभी तक हमें ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। यदि गांववासी जानकारी देंगे तो पुलिस तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करेगा। जो लोग नशे की चपेट में आ चुके हैं और नशा छोड़ना चाहते हैं उनको प्रशासन की ओर से चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।-- सुखदेव सिंह, एसएचओ, सदर थाना सिरसा।
विज्ञापन
बाजेकां निवासी राजेंद्र सिंह कंग, मोहन लाल, हरिश्याम, भगवान दास और भजन लाल ने बताया कि गांव में मेडिकल नशे के साथ-साथ चिट्टा व शराब का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन नशे पर अंकुश लगाने में सहयोग नहीं कर रहा। कंग ने बताया कि गांववासियों ने काफी प्रयास के बाद पिछले दिनों चार लड़कों को पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस के ढुलमुल रवैये से वे लड़के शाम को ही घर वापस आ गए। पुलिस की इस लचर कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष है। आज जो प्रदर्शन किया जा रहा है, यह केवल एक चेतावनी है। यदि पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो एक सप्ताह के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
40 मिनट जाम से लगी लंबी लाइन
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने करीब साढ़े दस बजे से लेकर सवा 11 बजे तक बाजेकां-सिररसा मार्ग को जाम रखा। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई। वहीं जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम में फंसे लोग गर्मी से बेहाल नजर आए।
विज्ञापन
शराब अहाते पर पहुंचे प्रदर्शनकारी तो भाग गया ठेकेदार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गांव में सरकार की ओर से एक ठेका मंजूरशुदा है, लेकिन ठेकेदार ने गांव में दो शराब ठेके खोल रखे हैं। इस विषय को लेकर कई बार ठेकेदार से बात हुई, लेकिन वह दूसरा ठेका हटाने को तैयार नहीं है। शाहपुर बेगू रोड पर खुला शराब ठेका बिल्कुल गांव में है, जिसके चलते गांव के बच्चों व युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। उस रास्ते से महिलाओं का गुजरना भी दुर्भर हो जाता है। प्रदर्शन के दौरान पैदल मार्च निकालते हुए ग्रामीण जब ठेके पर पहुंचे लेकिन ठेकेदार उससे पहले ही ठेके को ताला लगाकर वहां से फरार हो गया।
70 किशोर नशे की जद में
गांव की महिला पंच वीना रानी ने बताया कि गांव के छोटे-छोटे लड़के नशा करने लगे हैं। करीब 70 किशोर नशे की जद में हैं। जिन युवाओं को पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने की कोशिश करनी चाहिए, वे 13-14 साल की उम्र में चिट्टा और मेडिकल नशा कर रहे हैं।
बाजेकां में स्क्रैप का कार्य करने वाले भजन लाल ने बताया कि गांव में कई लड़के ऐसे हैं जो नशे के लिए अपने घरों से बर्तन तक बेच रहे हैं। ऐसे लड़कों के परिवार को भी मैंने अपने स्तर पर सूचित किया है। दो दिन पहले एक युवक अपने घर से पीतल की नई टोकनी लेकर मेरे पास आया कि मेरे को पांच सौ रुपए दे दो।
नशे पर रोक के लिए बनाई गई हैं ये योजनाएं
- 50 लोगों की कमेटी गठित की गई है।
- चार लोग एक गली में नजर रखेंगे।
- गांव की फिरनी पर युवा गश्त करेंगे।
- रात के समय में भी गांव में ग्रामीण ठीकरी पहरा देंगे।
दो युवाओं की हो चुकी है नशे की ओवरडोज से मौत
सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह कंग ने बताया कि गांव में नशे की ओवरडोज से दो युवकों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक तो विधवा मां का इकलौता बेटा था। गांव में मेडिकल नशा पूरे पांव पसार चुका है। नशीली दवाओं की घर-घर सप्लाई दी जा रही है। अब नशे का यह खेल ज्यादा नहीं चलेगा, क्योंकि गांववासी जाग चुके हैं ।
गांव के मुख्य लोगों से हमने ऐसे लड़कों की लिस्ट मांगी है जो नशा तस्करी करते हैं, लेकिन अभी तक हमें ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। यदि गांववासी जानकारी देंगे तो पुलिस तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करेगा। जो लोग नशे की चपेट में आ चुके हैं और नशा छोड़ना चाहते हैं उनको प्रशासन की ओर से चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।