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एटीएम की तरह काम करेंगा सॉफ्टवेयर, देगा पुस्तकों का विवरण
sirsa
Updated Tue, 03 Jun 2014 12:33 AM IST
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सीडीएलयू (चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय) की लाइब्रेरी हाई टेक होने जा रही है। अब एटीएम की तरह स्क्रीन टच करते ही पुस्तकों का विवरण सामने आ जाएगा। सीडीएलयू की लाइब्रेरी इसी शिक्षा सत्र से तमाम नवीनतम तकनीकों से लैस हो जाएगी। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर ईजाद किया गया है। जिसके माध्यम से सीडीएलयू की लाइब्रेरी देश-विदेश की 5500 लाइब्रेरी से जुड़ जाएगी।
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इससे सीडीएलयू में चल रहे विकास कार्यों की कड़ी में एक और अध्याय जुड़ जाएगा। लाइब्रेरी को हाई टेक बनाने के लिए ऑटो मिशन सॉफ्टवेसर से लाइब्रेरी को देश-विदेश की 5500 लाइब्रेरी से जोड़ा जाना। टच स्क्रीन क्वालिटी वाली इस मशीन में सॉफ्टवेयर की मदद से एटीएम की भांति विद्यार्थी जैसे ही किताब को सर्च करेगा तो विश्वविद्यालय में तमाम पुस्तकों का विवरण मिल जाएगा।
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इससे तुरंत पता लगेगा कि वह किताब उपलब्ध है या नहीं। साथ ही यदि किताब इश्यू है तो किस को इश्यू की गई है। यदि वह पुस्तक सीडीएलयू की लाइब्रेरी में नहीं है तो यह भी पता चल सकेगा कि वह पुस्तक किस-किस लाइब्रेरी में उपलब्ध है। इसी प्रकार नवीनतम तकनीक से 5500 संस्थानों की लाइब्रेरी की ई-रिसर्च व ई-जरनल भी देखे जा सकेंगे। नवीनतम शोध ऑटोमेटिक अपडेट होंगे जिससे विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि होगी।
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इंटरनेट की सुविधा पहले से ही शुरू की जा चुकी है। लाइब्रेरी में सेक्शन वाइज पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इन प्रोजेक्ट पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। ओरिएंटल सर्विस के तहत हाउ टू यूज लाइब्रेरी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को लाइब्रेरी में सभी तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। लाइब्रेरी के कर्मचारी विद्यार्थियों को सभी प्रकार की सुविधाओं से अवगत करवाएंगे। इंटर लाइब्रेरी लेन सर्विस के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। यह कार्यक्रम एक जुलाई से आरंभ कर दिया जाएगा।
इंजीनियर भी कर चुके विजिट
विवि में लाइब्रेरी को हाई टेक बनाने की कड़ी में कार्य जोरों पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि नवीनतम तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए यहां के स्टॉफ को विभिन्न पुस्तकालयों का भ्रमण भी करवाया गया है। डॉ. सिवाच ने बताया कि इसी कड़ी में कई बार इंजीनियर यहां भी विजिट करके गए हैं। जल्द ही सभी सुविधाएं मुहैया करवा दी जाएंगी।
डॉ. मनोज सिवाच, उपकुलसचिव सीडीएलयू
हाई टेक होगी लाइब्रेरी
आने वाले शिक्षा सत्र में लाइब्रेरी को पूरी तरह से हाई टेक कर दिया जाएगा। इसके लिए तमाम विकास कार्यों पर विवि की टीमें जुटी हुई हैं।
डॉ. राधेश्याम शमा, कुलपति सीडीएलयू
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