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Sirsa News: एएसआई सूबे सिंह हत्याकांड में सजायाफ्ता भगोड़ा सुक्खा 18 साल बाद गिरफ्तार
Tue, 02 Jun 2026 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:28 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में भगोड़ा सुक्खा।
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पैरोल पर जेल से बाहर आकर हो गया था फरार, पहचान और भेष बदलकर गिद्दड़बाहा पंजाब में छिपा था
जज का गनमैन था सुक्खा, वर्ष 2005 में कोर्ट ने सुनाई थी उम्र कैद, पुलिस लाइन से एएसआई सूबे सिंह को उठाकर ले गए थे
फोटो 30
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वर्ष 2002 में हुए चर्चित एएसआई सूबे सिंह हत्याकांड के सजायाफ्ता पैरोल जंपर सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा को पुलिस ने 18 वर्ष बाद पंजाब के गिद्दड़बाहा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2008 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फरार चल रहा था। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सदर थाना प्रभारी आईपीएस शिवम ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सोमवार को पंजाब के गिद्दड़बाहा क्षेत्र में कार्रवाई कर सुखविंदर सिंह को काबू किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी पहचान व वेशभूषा बदलता रहा। आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
पुलिस के अनुसार, सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा वर्ष 2000 में हरियाणा पुलिस में सिपाही भर्ती हुआ था। वर्ष 2001 में उसकी ड्यूटी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के गनमैन के रूप में लगाई गई थी। इस दौरान उसकी पुलिस लाइन में एमटीओ पद पर तैनात एएसआई सूबे सिंह से अच्छी मित्रता थी। बाद में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सुखविंदर ने एएसआई से बदला लेने की योजना बनाई।
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खेत में ले जाकर मारी थी गोली
वर्ष 2002 में सुखविंदर सिंह ने अपने साथी गुरवीर सिंह उर्फ गोगा निवासी एमसी कॉलोनी सिरसा के साथ मिलकर सूबे सिंह को किसी बहाने कार में बैठाया। दोनों उसे एक खेत में ले गए जहां शराब पीने के बाद उन्होंने गोली मारकर सूबे सिंह की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को राजस्थान कैनाल में फेंक दिया था।
दूसरे दोषी गोगा की वर्ष 2018 में हो चुकी है हत्या
मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2005 में अदालत ने सुखविंदर सिंह व गुरवीर उर्फ गोगा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, वर्ष 2008 में पैरोल मिलने के बाद सुखविंदर फरार हो गया था। वहीं, इस हत्याकांड का दूसरा दोषी गुरवीर उर्फ गोगा की वर्ष 2018 में हत्या हो गई। उसका शव गांव पतली डाबर के पास सड़क किनारे लहूलुहान अवस्था में बरामद हुआ था।
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जज का गनमैन था सुक्खा, वर्ष 2005 में कोर्ट ने सुनाई थी उम्र कैद, पुलिस लाइन से एएसआई सूबे सिंह को उठाकर ले गए थे
फोटो 30
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वर्ष 2002 में हुए चर्चित एएसआई सूबे सिंह हत्याकांड के सजायाफ्ता पैरोल जंपर सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा को पुलिस ने 18 वर्ष बाद पंजाब के गिद्दड़बाहा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2008 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फरार चल रहा था। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सदर थाना प्रभारी आईपीएस शिवम ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सोमवार को पंजाब के गिद्दड़बाहा क्षेत्र में कार्रवाई कर सुखविंदर सिंह को काबू किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी पहचान व वेशभूषा बदलता रहा। आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
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पुलिस के अनुसार, सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा वर्ष 2000 में हरियाणा पुलिस में सिपाही भर्ती हुआ था। वर्ष 2001 में उसकी ड्यूटी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के गनमैन के रूप में लगाई गई थी। इस दौरान उसकी पुलिस लाइन में एमटीओ पद पर तैनात एएसआई सूबे सिंह से अच्छी मित्रता थी। बाद में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सुखविंदर ने एएसआई से बदला लेने की योजना बनाई।
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खेत में ले जाकर मारी थी गोली
वर्ष 2002 में सुखविंदर सिंह ने अपने साथी गुरवीर सिंह उर्फ गोगा निवासी एमसी कॉलोनी सिरसा के साथ मिलकर सूबे सिंह को किसी बहाने कार में बैठाया। दोनों उसे एक खेत में ले गए जहां शराब पीने के बाद उन्होंने गोली मारकर सूबे सिंह की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को राजस्थान कैनाल में फेंक दिया था।
दूसरे दोषी गोगा की वर्ष 2018 में हो चुकी है हत्या
मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2005 में अदालत ने सुखविंदर सिंह व गुरवीर उर्फ गोगा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, वर्ष 2008 में पैरोल मिलने के बाद सुखविंदर फरार हो गया था। वहीं, इस हत्याकांड का दूसरा दोषी गुरवीर उर्फ गोगा की वर्ष 2018 में हत्या हो गई। उसका शव गांव पतली डाबर के पास सड़क किनारे लहूलुहान अवस्था में बरामद हुआ था।