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एआई दवा रूपों के परीक्षण में देता है परिवर्तनकारी अवसर : डॉ. जमशेद
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सिरसा। जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित फार्मेसी कॉलेज में हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस के सहयोग से बुधवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर साइंटिस्ट डॉ. राहुल तनेजा और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जमशेद हनीफ ने शिरकत की।
डॉ. जमशेद हनीफ ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और मशीन लर्निंग में उल्लेखनीय प्रगति दवा की खोज, निर्माण और दवा रूपों के परीक्षण में एक परिवर्तनकारी अवसर प्रस्तुत करती है। डॉ. राहुल तनेजा ने बताया पेटेंट किसी देश की तकनीकी आविष्कार शीलता और वाणिज्यिक गतिविधियों का रिकॉर्ड है। उन्होंने ट्रेड मार्क, कॉपीराइट एवं सर्विस मार्क आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश रहे। डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि जो टेक्नोलॉजी का जनक है और ज्ञान का भी जो विशिष्ट रूप है वह विज्ञान है। उन्होंने कहा कि साइंस का विद्यार्थी बहुत जिज्ञासु प्रवृत्ति का होता है और इसी कारण बहुत सी खोजें संभव हो पाई हैं।
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उन्होंने सभी विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा रिसर्च करने के लिए प्रेरित किया। कोरोना काल में हमारे वैज्ञानिकों ने अपने नए अनुसंधानों से देश और दुनिया की जो मदद की है, वह अद्भुत है। कई दशक पहले की गई वैज्ञानिक खोज हो और जो गुजरते वक्त के साथ और भी प्रासंगिक होती जा रही हो तो उससे जुड़े वैज्ञानिकों को बार-बार याद करना जरूरी हो जाता है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान का प्रत्येक क्षेत्र में योगदान है फिर चाहे वह शिक्षा हो, चिकित्सा हो, तकनीकी हो या कोई भी अन्य क्षेत्र क्यों न हो बिना विज्ञान आज प्रत्येक क्षेत्र अधूरा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहित कुमार ने मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथिगण का स्वागत किया।
विद्यार्थियों के लिए कराई गई कई प्रतियोगिताएं
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रेजेंटेशन एवं रंगोली प्रतियोगिताएं का भी आयोजन किया गया और विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों की ओर से प्रशंसा पत्र एवं इनाम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सह-संयोजक रहे डॉ. लवलीन कौर ने सभी के समक्ष अपना धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस मौके पर वशिष्ठ अतिथि डॉ. कुलवंत सिंह, डॉ. सुधांशु गुप्ता, विद्यापीठ के सभी संस्थाओं के प्राचार्यगण, डॉ. अमरीक गिल, डॉ. प्रदीप कंबोज, डॉ. रीटा सेठी, डॉ. गौरव खुराना सहित अन्य शिक्षक एवं गैर शिक्षक एवं सभी विद्यार्थी मौजूद रहे।
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डॉ. जमशेद हनीफ ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और मशीन लर्निंग में उल्लेखनीय प्रगति दवा की खोज, निर्माण और दवा रूपों के परीक्षण में एक परिवर्तनकारी अवसर प्रस्तुत करती है। डॉ. राहुल तनेजा ने बताया पेटेंट किसी देश की तकनीकी आविष्कार शीलता और वाणिज्यिक गतिविधियों का रिकॉर्ड है। उन्होंने ट्रेड मार्क, कॉपीराइट एवं सर्विस मार्क आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला।
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इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश रहे। डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि जो टेक्नोलॉजी का जनक है और ज्ञान का भी जो विशिष्ट रूप है वह विज्ञान है। उन्होंने कहा कि साइंस का विद्यार्थी बहुत जिज्ञासु प्रवृत्ति का होता है और इसी कारण बहुत सी खोजें संभव हो पाई हैं।
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उन्होंने सभी विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा रिसर्च करने के लिए प्रेरित किया। कोरोना काल में हमारे वैज्ञानिकों ने अपने नए अनुसंधानों से देश और दुनिया की जो मदद की है, वह अद्भुत है। कई दशक पहले की गई वैज्ञानिक खोज हो और जो गुजरते वक्त के साथ और भी प्रासंगिक होती जा रही हो तो उससे जुड़े वैज्ञानिकों को बार-बार याद करना जरूरी हो जाता है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान का प्रत्येक क्षेत्र में योगदान है फिर चाहे वह शिक्षा हो, चिकित्सा हो, तकनीकी हो या कोई भी अन्य क्षेत्र क्यों न हो बिना विज्ञान आज प्रत्येक क्षेत्र अधूरा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहित कुमार ने मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथिगण का स्वागत किया।
विद्यार्थियों के लिए कराई गई कई प्रतियोगिताएं
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रेजेंटेशन एवं रंगोली प्रतियोगिताएं का भी आयोजन किया गया और विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों की ओर से प्रशंसा पत्र एवं इनाम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सह-संयोजक रहे डॉ. लवलीन कौर ने सभी के समक्ष अपना धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस मौके पर वशिष्ठ अतिथि डॉ. कुलवंत सिंह, डॉ. सुधांशु गुप्ता, विद्यापीठ के सभी संस्थाओं के प्राचार्यगण, डॉ. अमरीक गिल, डॉ. प्रदीप कंबोज, डॉ. रीटा सेठी, डॉ. गौरव खुराना सहित अन्य शिक्षक एवं गैर शिक्षक एवं सभी विद्यार्थी मौजूद रहे।