फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Accountant did a scam of Rs 33 crore from the company

Sirsa News: मुनीम ने कंपनी से किया 33 करोड़ रुपये का घोटाला

Mon, 03 Jun 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 03 Jun 2024 02:37 AM IST
विज्ञापन
Accountant did a scam of Rs 33 crore from the company
सिरसा। एचएसएफ फूड प्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सिरसा के मालिक को उन्हीं के मुनीम ने करीब 33 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। मुनीम कंपनी मालिकों को जाली बैंक की स्टेटमेंट व लेजर बुक दिखाता रहा और जो देनदारी थी, वह अपने सगे संबंधियों के खाते में डालता रहा। इस मामले में सिटी पुलिस ने कंपनी के निदेशक संजीव गुप्ता निवासी सिरसा की शिकायत पर मुनीम साकेत कुमार, एक महिला व अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में संजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी एचएसएफ फूड प्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। कंपनी राइस मिल की मशीनरी बनाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि साकेत कुमार उनकी कंपनी में पिछले 15 साल से बतौर मुनीम लगा हुआ है। उसने उनकी कंपनी व पारिवारिक सदस्यों का बैंक खातों का सारा काम संभाल रखा था। उसने अपने कामकाज का तरीका दिखाकर उस पर अपना विश्वास जमा लिया। गुप्ता ने शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी की लगभग 40-50 अन्य कंपनियों से डीलिंग है। जिनसे वह उधार पर माल लेता है और समय-समय पर भुगतान की अदायगी की जाती थी। कभी-कभी जरूरत के हिसाब से एडवांस पेमेंट भी की जाती थी और यह सारा पैसों का लेनदेन व कामकाज साकेत करता था।
विज्ञापन

उसने बताया कि उनकी कंपनी का अकाउंट कई बैंकों में है, जिससे उनका व उनके परिवार के सदस्यों के खातों से करोड़ों रुपये की डीलिंग होती है। कंपनी व उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खाते साकेत ही अपने लैपटॉप से ऑपरेट करता था। किसी भी लेनदेन को लेकर वह ओटीपी परिवार के सदस्यों व उनसे मांग लेता था और इसके बाद खाते से रुपये आगे चले जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

साकेत कुमार ने बताया कि 23 मई को उसने साकेत को फर्म डायनमिक इंजीनियरिंग दिल्ली को 40 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा था। इसके लिए साकेत ने उससे दो बार ओटीपी 30 लाख 10 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मांगे। इसके बाद साकेत गोवा जाने के लिए छुट्टी लेकर चला गया। जब उसने फोन पर साकेत से दो बार ओटीपी लेने का कारण पूछा तो उसने बताया कि 30 लाख रुपये फर्म डायनमिक इंजीनियरिंग दिल्ली में तथा 10 लाख रुपये ओम स्टेबलैस इंडिया में ट्रांसफर कर दिए हैं। जिस पर उसे साकेत पर शक हुआ, क्योंकि उसने साकेत को ओम स्टेबलैस इंडिया में राशि ट्रांसफर करने बारे नहीं कहा था। जब उसने इस बारे में साकेत से बातचीत करनी चाही तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और इधर-उधर की बातें करने लगा।

संजीव गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि इसके बाद उसे साकेत की नियत पर शक हो गया। उसने अपने सीए से मिलकर खुद बैंक खातों व कंपनी की लेजर बुक डिटेल चेक करवाई तो पता चला कि कंपनी में 33 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। आरोप है कि साकेत को जो भी पेमेंट कंपनी की ओर से अन्य कंपनियों को भेजी जाने वाली होती थी, उसे अपने व अपने रिश्तेदारों के खातों में डाल देता था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed