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Sirsa News: झोपड़ी में आग लगने से दो वर्षीय बच्चा झुलसा. एम्स में तोड़ा दम
Sat, 26 Apr 2025 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 26 Apr 2025 11:26 PM IST
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डबवाली के गांव शेरगढ़ में झोपड़ी में लगी आग। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली के गांव शेरगढ़ में शुक्रवार दोपहर झोपड़ी में दिल दहला देने वाली घटना घटी। महिला सुनीता चूल्हे पर चाय बनने के लिए रखकर पानी लेने चली गई। इसी दौरान अचानक झोपड़ी में आग लग गई। इस दौरान महिला का दो साल का बेटा सोते समय विश्वास गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बठिंडा एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव शेरगढ़ में हंसराज का परिवार बेसहारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए रखवाली करता है। पिछले चाल साल से गांव की चौपाल में बनी झोपड़ी में रहता है। शुक्रवार को हंसराज की पत्नी सुनीता चूल्हे पर चाय बनने के लिए रखकर बाहर से पानी लेने के लिए चली गई। इसी दौरान अचानक झोपड़ी में आग लग गई। घटना के वक्त दो साल का उसका बेटा विश्वास सो रहा था, जबकि चार वर्षीय बड़ा बेटा साहिल लघुशंका के गया हुआ था।
आग लगने से झोपड़ी की पूरी छत नीचे आ गिरी और विश्वास उसके नीचे दब गया। आग लगने के साथ ही महिला सुनीता ने शोर मचाया और बच्चे को बचाने की गुहार लगाई। पड़ोसी दुकानदार बूटा सिंह मौके पर भागकर पहुंचा और अन्य ग्रामीण भी आ गए। किसी तरह से झोपड़ी की छता को हटाकर झुलसे हुए विश्वास को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालात में डबवाली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बठिंडा एम्स रेफर कर दिया। बठिंडा एम्स में उपचार के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और सारी घटना का जायजा लिया।
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मां बोली, मुझे नहीं पता था कि विश्वास अंदर है
मां सुनीता का कहना है कि आग लगते वक्त वह इतनी घबरा गई कि उसे समझ नहीं आया कि अचानक से क्या हो गया। उसे नहीं पता था कि विश्वास अंदर है। उसे लगा कि वह बाहर खेल रहा होगा। चाय बनाने के चक्कर में ऐसी घटना हो जाएगी, उसे अंदाजा तक नहीं था।
जिसने देखा भर आई आंखे
पड़ोसी बूटा राम हो या बच्चे को अस्पताल लेकर जाने वाला रवि हो। बच्चे को देखकर सभी आंसू नहीं रोक पाए। आसपास के लोग सभी इस तरह की घटना को देखकर सहम गए। बूटा सिंह ने बताया कि जली हुई झोपड़ी और बच्चे की हालत देखकर उनकी रूह कांप गई। विश्वास के शव को उठाते वक्त वे अपने आंसू रोक नहीं पाए।
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सिरसा। डबवाली के गांव शेरगढ़ में शुक्रवार दोपहर झोपड़ी में दिल दहला देने वाली घटना घटी। महिला सुनीता चूल्हे पर चाय बनने के लिए रखकर पानी लेने चली गई। इसी दौरान अचानक झोपड़ी में आग लग गई। इस दौरान महिला का दो साल का बेटा सोते समय विश्वास गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बठिंडा एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव शेरगढ़ में हंसराज का परिवार बेसहारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए रखवाली करता है। पिछले चाल साल से गांव की चौपाल में बनी झोपड़ी में रहता है। शुक्रवार को हंसराज की पत्नी सुनीता चूल्हे पर चाय बनने के लिए रखकर बाहर से पानी लेने के लिए चली गई। इसी दौरान अचानक झोपड़ी में आग लग गई। घटना के वक्त दो साल का उसका बेटा विश्वास सो रहा था, जबकि चार वर्षीय बड़ा बेटा साहिल लघुशंका के गया हुआ था।
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आग लगने से झोपड़ी की पूरी छत नीचे आ गिरी और विश्वास उसके नीचे दब गया। आग लगने के साथ ही महिला सुनीता ने शोर मचाया और बच्चे को बचाने की गुहार लगाई। पड़ोसी दुकानदार बूटा सिंह मौके पर भागकर पहुंचा और अन्य ग्रामीण भी आ गए। किसी तरह से झोपड़ी की छता को हटाकर झुलसे हुए विश्वास को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालात में डबवाली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बठिंडा एम्स रेफर कर दिया। बठिंडा एम्स में उपचार के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और सारी घटना का जायजा लिया।
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मां बोली, मुझे नहीं पता था कि विश्वास अंदर है
मां सुनीता का कहना है कि आग लगते वक्त वह इतनी घबरा गई कि उसे समझ नहीं आया कि अचानक से क्या हो गया। उसे नहीं पता था कि विश्वास अंदर है। उसे लगा कि वह बाहर खेल रहा होगा। चाय बनाने के चक्कर में ऐसी घटना हो जाएगी, उसे अंदाजा तक नहीं था।
जिसने देखा भर आई आंखे
पड़ोसी बूटा राम हो या बच्चे को अस्पताल लेकर जाने वाला रवि हो। बच्चे को देखकर सभी आंसू नहीं रोक पाए। आसपास के लोग सभी इस तरह की घटना को देखकर सहम गए। बूटा सिंह ने बताया कि जली हुई झोपड़ी और बच्चे की हालत देखकर उनकी रूह कांप गई। विश्वास के शव को उठाते वक्त वे अपने आंसू रोक नहीं पाए।

डबवाली के गांव शेरगढ़ में झोपड़ी में लगी आग। संवाद।