{"_id":"6881295f3110f53c70031310","slug":"a-prisoner-who-did-not-surrender-in-jail-after-being-released-on-leave-was-found-guilty-sirsa-news-c-128-1-sir1004-141309-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: छुट्टी पर रिहा होने के बाद जेल में आत्मसमर्पण न करने वाला कैदी दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: छुट्टी पर रिहा होने के बाद जेल में आत्मसमर्पण न करने वाला कैदी दोषी करार
विज्ञापन
सिरसा। जेल से दो सप्ताह की छुट्टी पर रिहा होने के बाद तय समय पर आत्मसमर्पण न करने वाले आरोपी ने न्यायालय समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसकी ओर से न्यायिक हिरासत में बिताई अवधि को सजा के लिए पर्याप्त मानते हुए उसे अंडरगोन कर दिया है। दोषी हत्या के मामले में सिरसा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
गांव रोड़ी निवासी बलजिंदर सिंह के खिलाफ बडागुढ़ा थाना पुलिस ने 17 मई 2007 को हत्या का केस दर्ज किया था। इस मामले में उसे सिरसा सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। 10 अप्रैल 2020 को उसे जेल प्रशासन ने दो सप्ताह की छुट्टी पर रिहा कर दिया था। उसे 25 अप्रैल 2020 को जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, लेकिन बलजिंदर सिंह ने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद जेल उप अधीक्षक की शिकायत पर रोड़ी थाना पुलिस ने 21 अप्रैल 2021 को उसके खिलाफ हरियाणा सदाचार बंदी अधिनियम, 1988 की धारा 8,9 के तहत केस दर्ज कर लिया। 22 जुलाई को आरोपी बलजिंदर ने न्यायालय समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया कि वर्तमान मामले की सुनवाई के दौरान दोषी एक वर्ष सात महीने 13 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहा है। दोषी को हरियाणा सदाचार कैदी अधिनियम, 1988 की धारा 9 के तहत उक्त अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव रोड़ी निवासी बलजिंदर सिंह के खिलाफ बडागुढ़ा थाना पुलिस ने 17 मई 2007 को हत्या का केस दर्ज किया था। इस मामले में उसे सिरसा सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। 10 अप्रैल 2020 को उसे जेल प्रशासन ने दो सप्ताह की छुट्टी पर रिहा कर दिया था। उसे 25 अप्रैल 2020 को जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, लेकिन बलजिंदर सिंह ने ऐसा नहीं किया।
विज्ञापन
इसके बाद जेल उप अधीक्षक की शिकायत पर रोड़ी थाना पुलिस ने 21 अप्रैल 2021 को उसके खिलाफ हरियाणा सदाचार बंदी अधिनियम, 1988 की धारा 8,9 के तहत केस दर्ज कर लिया। 22 जुलाई को आरोपी बलजिंदर ने न्यायालय समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया कि वर्तमान मामले की सुनवाई के दौरान दोषी एक वर्ष सात महीने 13 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहा है। दोषी को हरियाणा सदाचार कैदी अधिनियम, 1988 की धारा 9 के तहत उक्त अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई जाती है।
विज्ञापन