फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   A person died Due To Current

अंधविश्वासः करंट लगने से चार घंटे मिट्टी में युवक को दबाया, जिंदा नहीं हो पाया

Sat, 27 Jul 2019 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 27 Jul 2019 12:23 AM IST
विज्ञापन
A person died Due To Current
जगसीर सिंह के शरीर को जमीन में दबाए हुए। - फोटो : Sirsa

उपमंडल के गांव जगमालवाली में वीरवार को सुबह पशुओं के लिए चारा बनाते समय एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान जगसीर सिंह निवासी गांव जगमालवाली के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर कालांवाली पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। जानकारी अनुसार करीब 51 वर्षीय जगसीर सिंह जिसका घर चकेरियां पर स्थित ढाणी में है।

विज्ञापन


वह सुबह पशुओं के लिए बिजली चालित टोके या मशीन से चारा बना रहा था। इस दौरान जब जगसीर सिंह की मां उससे खाने के बारे में पूछने गई तो उस समय जगसीर सिंह बिजली चालित टोके की चपेट में आया हुआ था। जिसके बाद जगसीर सिंह की मां ने अपने पोते और पड़ोसियों को सूचित किया। जिसके बाद उन्होंने तुरंत निजी चिकित्सक को बुलाकर उसकी जांच करवाई और निजी चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन उसके परिजनों ने जगसीर सिंह के शरीर में मात्र सांस होने की बात कहते हुए मिट्टी में कई घंटों तक दबाए रखा। लेकिन कई घंटों बाद भी जगसीर सिंह के शरीर में कोई हलचल न होने पर उसके परिजनों ने कालांवाली पुलिस को सूचित कर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
विज्ञापन


बता दें कि मृतक जगसीर सिंह की पत्नी का कई साल पहले ही देहांत हो चुका है। मृतक जगसीर सिंह अपनी बूढ़ी मां और एक अविवाहित लड़के को पीछे छोड़ गया। वहीं थाना प्रभारी रोहताश कुमार ने बताया कि मृतक जगसीर सिंह के भाई श्रवण सिंह के बयानों के आधार पर पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार घंटे तक मिट्टी में दबाए रखा शव
गांव जगमालावाली में उस समय एक अनोखा मंजर देखने को मिला। जहां जगसीर सिंह को जिंदा करने के लिए उसके परिजनों व ग्रामीणों ने करीब 4 घंटे तक मिट्टी में दबाए रखा। इस दौरान वे जगसीर सिंह के चेहरे, हथेलियां और पैर को बाहर रखकर आटे और देसी घी से मालिश करते रहे। लेकिन कई घंटों बाद भी जगसीर सिंह के शरीर में कोई हलचल न होने से उसके परिजनों की आस टूट गई। परिजनों का कहना था कि ऐसा करने से करंट का असर खत्म हो जाता है और व्यक्ति जिंदा हो जाता है। उसी के चलते उन्होंने ऐसा किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed