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Sirsa News: चार दशक का सफर...बसें बदलीं, रूट बदले पर नहीं सुधरी रोड़ी के बस स्टैंड की बदहाली
Thu, 08 Oct 2026 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 08 Oct 2026 10:25 PM IST
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रोड़ी का बदहाल बस स्टैंड।
गुरप्रेम सिंह दंदीवाल
रोड़ी। 44 साल पहले बना रोड़ी का बस स्टैंड आज भी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है। वर्ष 1982 में तत्कालीन पेट्रोलियम एवं रसायन मंत्री बलबीर सिंह ने करीब 44 मरले भूमि पर बने बस स्टैंड का उद्घाटन किया था। इसके बाद रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कोई बड़ा काम नहीं हुआ।
बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। बस का इंतजार करने वाली सवारियां दुकानों या पेड़ों के नीचे बैठने को मजबूर हैं। कई बसें और रूट बदले पर बस स्टैंड की बदहाली में सुधार नहीं आया। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
रोड़ी से कालांवाली, डबवाली, हनुमानगढ़, सिरसा, सरदूलगढ़, मानसा और बठिंडा सहित कई रूटों पर बसों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बसें नियमित रूप से बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं। ऐसे में यात्रियों को सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है। सहकारी समितियों की बसों का स्टाफ भी यहां मौजूद रहता है। सुविधाओं के अभाव में बस चालकों और परिचालकों को भी दिक्कत होती है।
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बारिश में जलभराव, धूप में धूल मौसम बदलते ही यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। बारिश के दौरान बस स्टैंड परिसर में पानी जमा हो जाता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों और दुकानदारों को परेशानी होती है। सामान्य दिनों में कच्ची जमीन से धूल और रेत उड़ती रहती है। इससे आसपास के दुकानदार और यात्री प्रभावित होते हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से बस स्टैंड का नवीनीकरण करवाने की मांग की है। लोगों के अनुसार, परिसर में बैठने, पेयजल, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं जरूरी हैं। साथ ही विभिन्न रूटों की बसों का नियमित ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रोड़ी बस स्टैंड आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके विकास से यात्रियों को राहत मिलेगी और क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी। (संवाद)
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रोड़ी बस स्टैंड को बने कई दशक हो चुके हैं। आज तक यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं जुटाई गईं। बारिश में पानी भर जाता है। प्रशासन को स्थायी समाधान करना चाहिए। - बलकार सिंह, रोड़ी।
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बस स्टैंड की खराब स्थिति से यात्रियों को परेशानी होती है। लोग दुकानों या पेड़ों के नीचे खड़े रहते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक दिक्कत होती है। - गुरविंदर सिंह, रोड़ी।
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रोड़ी से कई शहरों और कस्बों के लिए बसें चलती हैं। बारिश में जलभराव और सामान्य दिनों में धूल की समस्या रहती है। विभाग को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। - चमकौर सिंह, रोड़ी।
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बस स्टैंड आसपास के गांवों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यात्रियों को धूप, बारिश और धूल में बसों का इंतजार करना पड़ता है। इसका प्राथमिकता से सुधार होना चाहिए। - बावा सिंह, रोड़ी।
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मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है। मैं छुट्टी पर हूं। मेरी जानकारी के अनुसार नए बस स्टैंड के लिए परिवहन विभाग को अभी तक पत्र नहीं लिखा गया है। - राजवीर सिंह, पंचायत सचिव, रोड़ी।
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रोड़ी। 44 साल पहले बना रोड़ी का बस स्टैंड आज भी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है। वर्ष 1982 में तत्कालीन पेट्रोलियम एवं रसायन मंत्री बलबीर सिंह ने करीब 44 मरले भूमि पर बने बस स्टैंड का उद्घाटन किया था। इसके बाद रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कोई बड़ा काम नहीं हुआ।
बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। बस का इंतजार करने वाली सवारियां दुकानों या पेड़ों के नीचे बैठने को मजबूर हैं। कई बसें और रूट बदले पर बस स्टैंड की बदहाली में सुधार नहीं आया। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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रोड़ी से कालांवाली, डबवाली, हनुमानगढ़, सिरसा, सरदूलगढ़, मानसा और बठिंडा सहित कई रूटों पर बसों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बसें नियमित रूप से बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं। ऐसे में यात्रियों को सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है। सहकारी समितियों की बसों का स्टाफ भी यहां मौजूद रहता है। सुविधाओं के अभाव में बस चालकों और परिचालकों को भी दिक्कत होती है।
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बारिश में जलभराव, धूप में धूल मौसम बदलते ही यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। बारिश के दौरान बस स्टैंड परिसर में पानी जमा हो जाता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों और दुकानदारों को परेशानी होती है। सामान्य दिनों में कच्ची जमीन से धूल और रेत उड़ती रहती है। इससे आसपास के दुकानदार और यात्री प्रभावित होते हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से बस स्टैंड का नवीनीकरण करवाने की मांग की है। लोगों के अनुसार, परिसर में बैठने, पेयजल, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं जरूरी हैं। साथ ही विभिन्न रूटों की बसों का नियमित ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रोड़ी बस स्टैंड आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके विकास से यात्रियों को राहत मिलेगी और क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी। (संवाद)
रोड़ी बस स्टैंड को बने कई दशक हो चुके हैं। आज तक यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं जुटाई गईं। बारिश में पानी भर जाता है। प्रशासन को स्थायी समाधान करना चाहिए। - बलकार सिंह, रोड़ी।
बस स्टैंड की खराब स्थिति से यात्रियों को परेशानी होती है। लोग दुकानों या पेड़ों के नीचे खड़े रहते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक दिक्कत होती है। - गुरविंदर सिंह, रोड़ी।
रोड़ी से कई शहरों और कस्बों के लिए बसें चलती हैं। बारिश में जलभराव और सामान्य दिनों में धूल की समस्या रहती है। विभाग को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। - चमकौर सिंह, रोड़ी।
बस स्टैंड आसपास के गांवों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यात्रियों को धूप, बारिश और धूल में बसों का इंतजार करना पड़ता है। इसका प्राथमिकता से सुधार होना चाहिए। - बावा सिंह, रोड़ी।
मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है। मैं छुट्टी पर हूं। मेरी जानकारी के अनुसार नए बस स्टैंड के लिए परिवहन विभाग को अभी तक पत्र नहीं लिखा गया है। - राजवीर सिंह, पंचायत सचिव, रोड़ी।