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Sirsa News: सिरसा से 77 बसें गईं पंचकूला, ग्रामीण व लंबे रूटों पर लोगों को हुई परेशानी
Thu, 17 Oct 2024 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 17 Oct 2024 11:22 PM IST
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सिरसा के बस अड्डा परिसर में बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बुधवार रात को ही रोडवेज बेड़े से 80 बसों को रिजर्व में रख लिया गया था और वीरवार सुबह इनको रवाना किया गया। बसों के जाने के कारण सिरसा में परिवहन व्यवस्था चरमराई हुई नजर आई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बसें नहीं पहुंच पाईं, वहीं लंबे रूटों की भी इक्का-दुक्का बसें चलीं।
पंचकूला में सीएम के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तौर पर 80 बसों की रोडवेज से मांग की गई थी। इसके बाद मांग 83 बसों तक पहुंच गई। बाद में 4 बसों को रद्द कर दिया गया और 2 बसों में सवारियां कम होने के चलते उनको क्लब कर दिया गया। इसके अलावा निजी बसों का भी सहारा लिया गया था। सुबह सिरसा व डबवाली क्षेत्र से लोगों को लेकर यह बसें पंचकूला के लिए रवाना हुईं। बसों के जाने के कारण जिले में परिवहन व्यवस्था के हालात खराब हो गए।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बसों के फेरे नहीं चले। इसके अलावा रानियां, ऐलनाबाद, भादरा व डबवाली के रूटों पर सरकारी बसें नहीं चली। निजी बसें भी लगातार नहीं चल रही थी। इनके फेरे 2-2 घंटे की देरी है। राजस्थान व पंजाब रोडवेज की बसें आईं, लेकिन यह अपने निर्धारित रूट के हिसाब से चली।
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हालांकि महर्षि वाल्मीकि जयंती होने के कारण शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश था और ग्रामीण तबके से आने वाले विद्यार्थी घरों में रहे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले कई लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे।
दिल्ली के लिए सुबह व दोपहर को जाने वाली तीन बसें नहीं चलीं
लंबे रूट दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए भी बसों का सुचारू रूप से संचालन नहीं हुआ। दिल्ली के लिए सुबह व दोपहर को जाने वाली तीन बसें नहीं चल पाईं। यही हाल चंडीगढ़ के लिए रहा, जिन लोगों को इस बात का पता था, वह बुधवार को ही दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए चले गए थे, लेकिन अन्य बसें तभी भेजी गई, जब यात्रियों की संख्या पूरी हो गई थी। ऐसे में यात्रियों को 3 से 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
ग्रामीण बोले- गांव में नहीं पहुंची बस निजी वाहनों से पहुंचे सिरसा
ग्रामीण क्षेत्रों के रूट पर बसों का संचालन न के बराबर रहा। गांव बकरियांवाली के रमन ने बताया कि वह सुबह से ही गांव में बस का इंतजार कर रहा था। उनके गांव में सुबह 8 बजे बस आती है, लेकिन वह नहीं आई। किसी निजी साधन के सहारे वह सिरसा में आया। कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाली सुनीता ने बताया कि उसकी कोचिंग सेंटर में सुबह 9 बजे कक्षा लगती है, लेकिन बस नहीं आई। वह 11 बजे कोचिंग सेंटर में पहुंच पाई। शहर में खाद लेने के लिए आए गांव बरासरी के विनोद ने बताया कि गांव में बस न आने के कारण उसे निजी साधन से शहर में खाद लेने के लिए आना पड़ा। गांव जमाल के मुकेश ने बताया कि 4 घंटे इंतजार के बाद उसे राजस्थान रोडवेज से सिरसा आना पड़ा है।
बसों के पंचकूला जाने के कारण व्यवस्था में आंशिक परेशानी हुई है। कई रूटों पर निजी बसों को चलाया गया था। ग्रामीण रूटों पर कुछ परेशानी आई है। बड़े रूटों पर यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों को निकाला गया है। यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं हुई। - गजानंद, डीआई, बस स्टैंड सिरसा।
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सिरसा। पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बुधवार रात को ही रोडवेज बेड़े से 80 बसों को रिजर्व में रख लिया गया था और वीरवार सुबह इनको रवाना किया गया। बसों के जाने के कारण सिरसा में परिवहन व्यवस्था चरमराई हुई नजर आई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बसें नहीं पहुंच पाईं, वहीं लंबे रूटों की भी इक्का-दुक्का बसें चलीं।
पंचकूला में सीएम के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तौर पर 80 बसों की रोडवेज से मांग की गई थी। इसके बाद मांग 83 बसों तक पहुंच गई। बाद में 4 बसों को रद्द कर दिया गया और 2 बसों में सवारियां कम होने के चलते उनको क्लब कर दिया गया। इसके अलावा निजी बसों का भी सहारा लिया गया था। सुबह सिरसा व डबवाली क्षेत्र से लोगों को लेकर यह बसें पंचकूला के लिए रवाना हुईं। बसों के जाने के कारण जिले में परिवहन व्यवस्था के हालात खराब हो गए।
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खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बसों के फेरे नहीं चले। इसके अलावा रानियां, ऐलनाबाद, भादरा व डबवाली के रूटों पर सरकारी बसें नहीं चली। निजी बसें भी लगातार नहीं चल रही थी। इनके फेरे 2-2 घंटे की देरी है। राजस्थान व पंजाब रोडवेज की बसें आईं, लेकिन यह अपने निर्धारित रूट के हिसाब से चली।
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हालांकि महर्षि वाल्मीकि जयंती होने के कारण शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश था और ग्रामीण तबके से आने वाले विद्यार्थी घरों में रहे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले कई लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे।
दिल्ली के लिए सुबह व दोपहर को जाने वाली तीन बसें नहीं चलीं
लंबे रूट दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए भी बसों का सुचारू रूप से संचालन नहीं हुआ। दिल्ली के लिए सुबह व दोपहर को जाने वाली तीन बसें नहीं चल पाईं। यही हाल चंडीगढ़ के लिए रहा, जिन लोगों को इस बात का पता था, वह बुधवार को ही दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए चले गए थे, लेकिन अन्य बसें तभी भेजी गई, जब यात्रियों की संख्या पूरी हो गई थी। ऐसे में यात्रियों को 3 से 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
ग्रामीण बोले- गांव में नहीं पहुंची बस निजी वाहनों से पहुंचे सिरसा
ग्रामीण क्षेत्रों के रूट पर बसों का संचालन न के बराबर रहा। गांव बकरियांवाली के रमन ने बताया कि वह सुबह से ही गांव में बस का इंतजार कर रहा था। उनके गांव में सुबह 8 बजे बस आती है, लेकिन वह नहीं आई। किसी निजी साधन के सहारे वह सिरसा में आया। कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाली सुनीता ने बताया कि उसकी कोचिंग सेंटर में सुबह 9 बजे कक्षा लगती है, लेकिन बस नहीं आई। वह 11 बजे कोचिंग सेंटर में पहुंच पाई। शहर में खाद लेने के लिए आए गांव बरासरी के विनोद ने बताया कि गांव में बस न आने के कारण उसे निजी साधन से शहर में खाद लेने के लिए आना पड़ा। गांव जमाल के मुकेश ने बताया कि 4 घंटे इंतजार के बाद उसे राजस्थान रोडवेज से सिरसा आना पड़ा है।
बसों के पंचकूला जाने के कारण व्यवस्था में आंशिक परेशानी हुई है। कई रूटों पर निजी बसों को चलाया गया था। ग्रामीण रूटों पर कुछ परेशानी आई है। बड़े रूटों पर यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों को निकाला गया है। यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं हुई। - गजानंद, डीआई, बस स्टैंड सिरसा।