{"_id":"5c019629bdec2241c1712e05","slug":"71543607849-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवालों के घेरे में टेंडर प्रक्रिया, सीएम से की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवालों के घेरे में टेंडर प्रक्रिया, सीएम से की शिकायत
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप, सीएम से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। शहर के एक व्यक्ति ने नगर परिषद की ओर ए,बी,सी और ई-ब्लॉक में बनाई जाने वाली इंटरलॉक सड़क की टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए सीएम से शिकायत की है। नगर परिषद की ओर से ए,बी,सी और ई-ब्लॉक में इंटरलॉक सड़क बनाने के लिए 5 करोड़ 12 लाख 93 हजार रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए थे।
शिकायतकर्ता सिरसा निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों ने सभी कार्यों के लिए केवल एक ही टेंडर आमंत्रित किया। ताकि बड़े ठेकेदार को ही लाभांवित किया जा सके। कम राशि के टेंडर होने पर छोटे ठेकेदार और स्थानीय ठेकेदार भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो पाते। ठेकेदारों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने से प्रतिस्पर्धा बनती और टेंडर कम दरों पर खुलता। आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद के अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए 5 करोड़ से अधिक का सिंगल टेंडर आमंत्रित किया। जिसके कारण फर्म को मनमाने रेट हासिल करने की छूट मिल गई। ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा न होने के कारण सरकार को ऊंची दर पर टेंडर देना पड़ेगा, जिससे सरकार के खजाने को चपत लगेगी। इसके साथ निर्माण कार्य में भी अपेक्षाकृत देरी होगी। कई ठेकेदारों द्वारा अलग-अलग काम करने से निर्माण कार्य जल्द संपन्न हो पाता।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। शहर के एक व्यक्ति ने नगर परिषद की ओर ए,बी,सी और ई-ब्लॉक में बनाई जाने वाली इंटरलॉक सड़क की टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए सीएम से शिकायत की है। नगर परिषद की ओर से ए,बी,सी और ई-ब्लॉक में इंटरलॉक सड़क बनाने के लिए 5 करोड़ 12 लाख 93 हजार रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए थे।
शिकायतकर्ता सिरसा निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों ने सभी कार्यों के लिए केवल एक ही टेंडर आमंत्रित किया। ताकि बड़े ठेकेदार को ही लाभांवित किया जा सके। कम राशि के टेंडर होने पर छोटे ठेकेदार और स्थानीय ठेकेदार भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो पाते। ठेकेदारों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने से प्रतिस्पर्धा बनती और टेंडर कम दरों पर खुलता। आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद के अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए 5 करोड़ से अधिक का सिंगल टेंडर आमंत्रित किया। जिसके कारण फर्म को मनमाने रेट हासिल करने की छूट मिल गई। ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा न होने के कारण सरकार को ऊंची दर पर टेंडर देना पड़ेगा, जिससे सरकार के खजाने को चपत लगेगी। इसके साथ निर्माण कार्य में भी अपेक्षाकृत देरी होगी। कई ठेकेदारों द्वारा अलग-अलग काम करने से निर्माण कार्य जल्द संपन्न हो पाता।
विज्ञापन